हॉस्टल में आग : कोटा में भी सूरत जैसे हादसे की होती पुनरावृति –?

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एक घंटे तक धुएं के बीच फंसे रहे 5 छात्र, डीएसपी ने रस्सियों के सहारे उतारकर बचाई जान

कोटा । सूरत में 21 छात्र-छात्राओं की हॉस्टल में आग लगने से मौत का हादसा अभी लोग भूले भी नहीं थे, कि कोटा में तलवंडी राधाकृष्ण मंदिर के पास एक तीन मंजिला हॉस्टल में सोमवार रात 10 बजे भीषण आग लग गई। यह हॉस्टल एक घर के ऊपर बना हुआ है। आग लगने से अफरा-तफरी मच गई क्योंकि उस वक्त हॉस्टल में 15 से 20 कोचिंग छात्र थे। धुएं से उनका दम घुटने लगा और चीखों से पूरा मोहल्ला गूंज उठा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और बच्चे हॉस्टल के अंदर ही फंस गए।

हालांकि मौके पर दमकलें पहुंची और उन्होंने आग पर काबू पाया, लेकिन धुएं की वजह से बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। आग ज्यादा बढ़ने लगी तो लोगों की सूचना पर मोहल्ले की लाइट काटी गई। हॉस्टल के कमरों में फंसे बच्चे बाहर निकले तो धुएं से दम घुटने लगा तो वे हॉस्टल से कूदने की कोशिश करने लगे। मौके पर मौजूद डीएसपी संजय शर्मा ने उन्हें किसी तरह रोका वरना कोटा में भी सूरत जैसा हादसा हो सकता था।

इधर, हालात विकट नजर आने पर एसपी दीपक भार्गव और जिला कलेक्टर मुक्तानंद अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे। जिसके बाद पूरा प्रशासन हरकत में आ गया। फायर ब्रिगेड के पास रस्सियां नहीं होने से फंसे छात्रों को उतारने में काफी देर लगी। पुलिस ने रस्सियों का इंतजाम किया और डीएसपी शर्मा ने छात्रों को एक-एक करके रस्सियों से नीचे उतारा।

आग कैसे लगी: इस विषय में हाड़ा का कहना है कि उनके मकान के सामने एक ट्रांसफार्मर है, उस पर चिंगारी उठी तो उनके मकान में जा रही विद्युत केबल तक पहुंच गई। विद्युत केबल से आग उनके मकान में चली गई, जिसके बाद वहां रखे गद्दों, फर्नीचर व अन्य सामान ने आग पकड़ ली।