एक्सपोर्ट डिमांड कम बनी रहने से जीरे में तेजी की धारणा नहीं

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नई दिल्ली। Cumin export: इस हफ़्ते जीरे की कीमतों में गिरावट देखी गई। कमज़ोर एक्सपोर्ट डिमांड की वजह से, जल्द ही कीमतों में तेज़ी आने की कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि, बड़े उत्पादक राज्यों गुजरात और राजस्थान की मंडियों में जीरे की रोज़ाना आवक कम हो रही है, लेकिन एक्सपोर्ट और घरेलू ट्रेडिंग एक्टिविटी कम होने की वजह से कीमतों में 2-3 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है।

जानकार सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में, तुर्की, सीरिया और चीन से जीरे की नई फसल की आवक बाज़ार में आने लगेगी। इसलिए, जून और जुलाई के महीनों में भी जीरे का एक्सपोर्ट ट्रेड सीमित रहने की उम्मीद है।

इसलिए, मौजूदा अनुमान बताते हैं कि जीरे की कीमतें एक छोटी रेंज में ऊपर-नीचे होंगी, जिसमें 3-5 रुपये प्रति किलो का मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

हालांकि इस सीज़न में घरेलू जीरे का प्रोडक्शन पिछले साल के मुकाबले कम रहा है, लेकिन मिडिल ईस्ट इलाके में चल रहे झगड़े की वजह से हाल ही में एक्सपोर्ट पर बुरा असर पड़ा है।

खास बात यह है कि पिछले साल देश में कुल जीरे का प्रोडक्शन लगभग 97-98 लाख बैग (हर बैग का वज़न 55 kg) होने का अनुमान था; लेकिन, इस सीज़न में यह आंकड़ा घटकर 92-93 लाख बैग रहने का अनुमान है।

सूत्रों का अनुमान है कि इस सीज़न में गुजरात में जीरे का प्रोडक्शन 33-34 लाख बैग है, जबकि पिछले साल यह 44-45 लाख बैग था। राजस्थान में प्रोडक्शन 58-59 लाख बैग तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 51-52 लाख बैग था।

आवक: जीरे के सबसे बड़े उत्पादक राज्य गुजरात की मंडियों में जीरे की रोज़ाना आवक कम होने लगी है। ऊंझा- जो मुख्य बाज़ार है- में आवक घटकर 13,000-14,000 बैग रह गई है, जबकि राजकोट और गोंडल में अभी आवक 800 से 1,000 बैग के बीच है। इसके अलावा, राजस्थान की मेरटा मंडी में आवक घटकर 4,000-5,000 बैग रह गई है, जबकि नागौर में 3,000-4,000 बैग है।

जोधपुर में, अभी औसतन 1,500-2,000 बैग आवक हो रही है। सूत्रों से पता चलता है कि गुजरात से ज़्यादातर स्टॉक पहले ही मंडियों में पहुँच चुका है, लेकिन राजस्थान में किसानों ने अभी भी अपनी 60-70 प्रतिशत उपज रोक रखी है, जिसके कीमतें बढ़ने पर बाज़ार में आने की उम्मीद है।

अनुमान के मुताबिक, गुजरात की मंडियों में अब तक जीरे की कुल आवक 2.4-2.5 मिलियन बैग तक पहुंच गई है, जबकि ट्रेड अनुमान बताते हैं कि राजस्थान की मंडियों में अभी 1.7-1.8 मिलियन बैग आवक है।

अभी, औसत क्वालिटी वाले जीरे की कीमतें गुजरात की मंडियों में 170-200 रुपये प्रति किलोग्राम और राजस्थान की मंडियों में 170-205 रुपये प्रति किलोग्राम बताई जा रही हैं।

निर्यात: स्पाइसेस बोर्ड के जारी डेटा के मुताबिक, फिस्कल ईयर 2025-26 के पहले दस महीनों में जीरे के एक्सपोर्ट में 15 परसेंट की गिरावट आई है। इसके अलावा, रेवेन्यू में 28 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण एक्सपोर्ट से कम कीमतें थीं।

मिली जानकारी के मुताबिक, अप्रैल-जनवरी 2025 के दौरान कुल 166,878 टन जीरे का एक्सपोर्ट हुआ, जिससे 3,885.33 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला; जबकि इसी अप्रैल-जनवरी 2025 के दौरान एक्सपोर्ट 197,050 टन रहा, जिससे 5,386.32 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला।