प्रसन्नता किसी बाहरी परिस्थिति पर निर्भर नहीं करती: इन्द्रेश उपाध्याय

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भागवत मर्मज्ञ इन्द्रेश उपाध्याय ने एलन स्टूडेंट्स को दिया जीवन का सूत्र

कोटा। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के जवाहर नगर स्थित समुन्नत कैम्पस के समरस सभागार में भागवत मर्मज्ञ एवं प्रसिद्ध कथा वाचक इन्द्रेश उपाध्याय ने जेईई एवं नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें जीवन में प्रसन्नता, संतुलन और सफलता का महत्व समझाया।

इस अवसर पर एलन परिवार की मातुश्री कृष्णा देवी माहेश्वरी तथा संस्थान के निदेशक डॉ. गोविंद माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी एवं डॉ.नवीन माहेश्वरी ने अभिनंदन किया। सभागार में उपस्थित हजारों विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने उनके प्रेरणादायी विचारों को ध्यानपूर्वक सुना।

इस दौरान कई स्टूडेंट्स भावुक हो उठे। अपने मधुर स्वर में ‘वृंदावन प्यारो वृंदावन’, ‘बरसाने की छोरी’ एवं जगन्नाथ चकानैन जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तृति दी।

उनके भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने समरस सभागार को वृंदावनमय वातावरण में परिवर्तित कर दिया। भजनों की धुन पर एलन परिवार के सदस्य, विद्यार्थी एवं अभिभावक श्रद्धा एवं उत्साह के साथ झूम उठे।

हर परिस्थिति में सकारात्मक रहें
इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि प्रसन्नता किसी बाहरी परिस्थिति पर निर्भर नहीं करती, बल्कि यह हमारी व्यक्तिगत प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चा सुख बड़े अवसरों में नहीं, बल्कि जीवन के छोटे-छोटे क्षणों में आनंद खोजने से मिलता है। यदि विद्यार्थी हर परिस्थिति में सकारात्मक बने रहना सीख लें, तो वे न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि जीवन में भी संतुलन और संतोष का अनुभव कर सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को पांच प्रकार के यज्ञों के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया और बताया कि अध्ययन के साथ-साथ आत्मिक विकास, कृतज्ञता, सेवा और अनुशासन भी सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं। उनके विचारों ने विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ जीवन को अधिक सकारात्मक और आनंदपूर्ण दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा दी।