कॉमर्स कॉलेज मैदान बना गोकुल धाम, भक्तों ने पीताम्बरी वस्त्रों में मनाया नंदोत्सव

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अटूट है सनातन शक्ति, गौ और गुरु सेवा ही धर्म का मूल: श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज

​कोटा। कॉमर्स कॉलेज मैदान में ‘भगवत भास्कर’ श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज के मुखारविंद से प्रवाहित हो रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को ‘कृष्ण जन्मोत्सव’ एवं ‘नंदोत्सव’ का आयोजन किया गया। जिसमें संपूर्ण पंडाल गोकुल के रंग में रंगा नजर आया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज ने भी कथा व्यासपीठ को नमन कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

​महंत अशोक तिवारी ने बताया कि महाराज श्री के आह्वान पर मंगलवार को कथा स्थल का दृश्य देखते ही बनता था। महाराज श्री के निर्देशानुसार माताएं-बहनें ‘गोपी’ भाव में और भाई ‘नंद बाबा’ के स्वरूप में पीले वस्त्र धारण कर कथा स्थल पहुंचे।

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स्वयं श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज भी पीले रंग की राजस्थानी पगड़ी पहने हुए आकर्षण का केंद्र रहे। भजनों, चौपाइयों और श्लोकों के बीच जैसे ही भगवान कृष्ण का प्राकट्य हुआ, पूरा पांडाल ‘राधे-राधे’ और ‘गोविंद’ के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान मुख्य यजमान राजीव अग्रवाल, प्रमोद शर्मा और अनिल गुप्ता ने विधि-विधान से पूजन संपन्न किया।

कथा में महंत अशोक तिवारी, निर्मल जैन, राजीव अग्रवाल, प्रमोद शर्मा, अमित गुप्ता, तरुणकांत सोमानी, आशीष भार्गव, कपिल शर्मा, अजय चतुर्वेदी, विकास शर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।

सनातन धर्म की प्राचीनता और वैभव का वर्णन किया
​कथाव्यास ने सनातन धर्म की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत दानियों का देश है। उन्होंने मंदिरों के वैभव का उल्लेख करते हुए बताया कि ​अयोध्या मंदिर में स्वर्ण द्वार और तिरुपति बालाजी में भगवान वेंकटेश के स्वर्ण हाथी-घोड़े हमारी संपन्नता के प्रतीक हैं। ​पद्मनाभ स्वामी मंदिर के 65 तहखानों में भरा टनों सोना इस बात का प्रमाण है कि प्राचीन काल में देवालयों से ही देश की व्यवस्थाएं और अर्थव्यवस्था संचालित होती थी। ​महाराज श्री ने जोर देकर कहा कि सनातन धर्म 2 अरब वर्षों से अस्तित्व में है। उन्होंने दावा किया कि 3000 साल पहले दुनिया की पूरी जनसंख्या हिंदू थी और आज विश्व के विभिन्न मत-पंथ हिंदू धर्म के ही लक्षणों को लेकर पुष्पित-पल्लवित हुए हैं।

​गौ सेवा का बताया महत्व
​गौ माता की महत्ता बताते हुए महाराज ने कहा कि गौ के रोम-रोम में देवताओं का वास है। गोमूत्र में गंगा और गोबर में लक्ष्मी का निवास है। राजस्थान की प्रसिद्ध बाटी का स्वाद गौ माता के कंडों से ही आता है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि सनातन में चींटी मारना भी पाप है, लेकिन जब हिंदू जागता है, तो बड़े-बड़ों के तख्त हिला देता है। उन्होंने राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सनातन को ‘डेंगू-मलेरिया’ कहने वाले नासमझ नेताओं को जनता ने करारा जवाब दिया है।

​विश्व पटल पर सनातन का डंका
​महाराज श्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि आज अमेरिका जैसे देशों में 25-25 एकड़ में भव्य हिंदू मंदिर बन रहे हैं। सनातन धर्म सिख, बौद्ध, जैन और आर्य जैसे मजबूत खंभों पर टिका है। उन्होंने मातृशक्ति के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि धर्म के संरक्षण में महिलाओं की भूमिका सर्वोपरि है। भागवत में वर्णित कृष्ण जन्म के श्लोकों का नित्य पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है।