होर्मुज में फंसे जहाजों को निकालेगा यूएस, ट्रंप ने किया प्रोजेक्ट फ्रीडम का ऐलान

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नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नामक एक नई पहल की घोषणा की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके साथ ही, ट्रंप ने इस क्षेत्र में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान द्वारा दिए गए नवीनतम प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है।

क्या है ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम

रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि दुनिया भर के कई देशों ने अमेरिका से मदद मांगी है, ताकि इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग से उनके जहाजों को सुरक्षित निकाला जा सके।

निर्दोष देशों की मदद: ट्रंप ने कहा कि जिन देशों के जहाज फंसे हुए हैं, उनका मध्य पूर्व के मौजूदा हिंसक विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। वे केवल परिस्थितियों के शिकार हुए हैं। यह रेस्क्यू ऑपरेशन मध्य पूर्व के समयानुसार सोमवार सुबह से शुरू किया जाएगा।

ट्रंप ने इसे एक मानवीय कदम बताया है। उन्होंने चिंता जताई कि फंसे हुए कई जहाजों में भोजन और अन्य जरूरी चीजों की भारी कमी हो रही है, जो बड़े चालक दल (क्रू) के स्वास्थ्य के लिए खतरा है।

ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी भी दी है कि अगर अमेरिका के इस ‘मानवीय अभियान’ में किसी भी तरह की बाधा डालने की कोशिश की गई, तो उसका सख्ती और ताकत के साथ जवाब दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी बताया कि उनके प्रतिनिधि ईरान के साथ “बेहद सकारात्मक बातचीत” कर रहे हैं, जिसके अच्छे नतीजे सामने आ सकते हैं।

एक तरफ जहां ट्रंप ईरान के साथ बातचीत को सकारात्मक बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने ईरान के उस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है जो क्षेत्रीय संघर्ष को सुलझाने के लिए लाया गया था।

प्रस्ताव मुझे स्वीकार नहीं: ‘द टाइम्स ऑफ इजराइल’ और ‘कान न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने एक संक्षिप्त फोन कॉल में कहा कि उन्होंने ईरानी प्रस्ताव का अच्छे से अध्ययन किया है और यह उन्हें बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।

सैन्य अभियान पर ट्रंप का बयान: ट्रंप ने कहा कि उनका सैन्य अभियान शानदार तरीके से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “ईरानी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने जो पेशकश की है, मैं उससे संतुष्ट नहीं हूं।” हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्हें प्रस्ताव की किन बातों पर आपत्ति है।

क्या है ईरान का 14-सूत्रीय प्रस्ताव?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पुष्टि की है कि ईरान ने अमेरिका का जवाब पाकिस्तान (मध्यस्थ) के जरिए प्राप्त कर लिया है और फिलहाल उसकी समीक्षा कर रहा है।

ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका के 9-सूत्रीय प्रस्ताव के जवाब में ईरान ने पाकिस्तान के जरिए एक 14-सूत्रीय प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • युद्ध की पूर्ण समाप्ति: ईरान ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध पूरी तरह से समाप्त करने की मांग की है।
  • 30 दिन बनाम 2 महीने: अमेरिका ने जहां दो महीने के युद्धविराम का प्रस्ताव दिया था, वहीं ईरान का मानना है कि सभी मुद्दों को 30 दिनों के भीतर सुलझाया जाना चाहिए और सिर्फ युद्धविराम बढ़ाने के बजाय युद्ध को पूरी तरह खत्म करने पर जोर होना चाहिए।
  • परमाणु मुद्दा शामिल नहीं: ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह 14-सूत्रीय प्रस्ताव पूरी तरह से क्षेत्रीय संघर्ष को समाप्त करने के लिए है और इसमें परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा शामिल नहीं है।

ईरान की अन्य प्रमुख मांगें

  1. सैन्य आक्रामकता के खिलाफ गारंटी।
  2. ईरान के आसपास के क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी।
  3. ईरान की फ्रीज की गई (रोकी गई) संपत्तियों की वापसी।
  4. ईरान पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाना।
  5. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए एक नए तंत्र की शुरुआत।

संक्षेप में, अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है, लेकिन दोनों देशों की शर्तों में भारी अंतर होने के कारण अभी तक किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच, अमेरिका अपने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के जरिए फंसे हुए व्यापारिक जहाजों को निकालने जा रहा है।