Thursday, May 7, 2026
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नोटबंदी के कारण सुस्त हुई विकास की रफ्तार: मनमोहन

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश का विकास धीमा पड़ा है जिसका मुख्य कारण नोटबंदी है तथा अर्थव्यवस्था केवल सार्वजनिक व्यय के इंजन पर चल रही है। उन्होंने स्थिति विशेषकर रोजगार सृजन पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर गहरी चिंता जतायी। उन्होंने कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में अपने संबोधन में आर्थिक विकास में आई गिरावट पर चिंता जताई जो गत तिमाही के जीडीपी आंकड़ों में झलक रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में मनमोहन ने कहा कि भारत के गत वित्त वर्ष की चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष 2016-17 के जीडीपी आंकड़े कुछ दिन पहले जारी किए गए। भारत के आर्थिक विकास में भारी गिरावट आई है, मुख्यत: नवंबर 2016 में की गई नोटबंदी घोषणा के कारण।

उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों को बताने वाला वास्तविक उप माप सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में भारी और निरंतर कमी आई है। निजी क्षेत्र का निवेश ध्वस्त हो गया है तथा अर्थव्यवस्था एकमात्र सार्वजनिक व्यय के इंजन पर चल रही है। उद्योगों का जीवीए जो मार्च 2016 में 10.7 प्रतिशत था वह मार्च 2017 में घटकर 3.8 प्रतिशत रह गया। इसमें करीब सात प्रतिशत की गिरावट आई।

पूर्व प्रधानमंत्री ने रोजगार सृजन को सबसे चिंताजनक पहलु बताया। उन्होंने कहा कि इसमें सबसे चिंताजनक बात रोजगार सृजन का प्रभाव है। देश के युवाओं के लिए रोजगार मिलना बहुत कठिन हो गया है। देश में सबसे अधिक रोजगार सजन करने वाला निर्माण उद्योग सिकुड़ रहा है। इसका मतलब है कि देश में लाखों नौकरियां खत्म हो रही हैं।

इस साल जून से सितंबर तक जम कर होगी बारिश, मौसम विभाग का दावा

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नई दिल्ली। इस मानसून आप जमकर बारिश का मजा ले पाएंगे, क्योंकि मानसून न सिर्फ समय पर पूरे देश में पहुंच रहा है। बल्कि अनुमानों के मुताबिक वो जमकर बरसेगा भी। यही नहीं, जिस अल-नीनो की वजह से इस साल सूखे का अंदेशा जताया जा रहा था, वो न सिर्फ मानसून के दूसरे हिस्से में सक्रिय होगा, बल्कि उसका असर भी बेहद कम होगा। 

मौसम विभाग के महानिदेशक के जी रमेश ने कहा कि इस साल मानसून अच्छा रहेगा। उन्होंने अंदेशा जताया कि अल-नीनो की वजह से मानसून को नुकसान तो उठाना पड़ेगा, पर ये नुकसान बेहद कम होगा और बारिश पूर्व अनुमानों के हिसाब से अच्छी होगी।

मौसम विभाग के महानिदेशक के जी रमेश ने बताया कि मानसून पूरे देश में अपने तय समय पर पहुंच रहा है। मानसून 13-14 जून तक उत्तरी भारत के महत्वपूर्ण राज्यों पर छा जाएगा। उन्होंने बताया कि 13-14 जून तक मानसून बिहार, झारखंड के साथ ही पश्चिम बंगाल को जमकर भिगो रहा होगा।

नई बीएमडब्ल्यू 5-सीरीज भारत में 29 जून को होगी लॉन्च

नई दिल्ली। बीएमडब्ल्यू भारत में सातवीं जनरेशन की 5-सीरीज सेडान ला रही है, इसे 29 जून को लॉन्च किया जाएगा। इसका मुकाबला मर्सिडीज़ ई-क्लास, जगुआर एक्सएफ, ऑडी ए6 और वोल्वो एस90 से होगा। कंपनी ने इसकी बुकिंग और प्री-ऑडर शुरू कर दिए हैं।

डिजायन के मोर्चे पर नई 5-सीरीज काफी आकर्षक है, इस में बीएमडब्ल्यू की फ्लैगशिप सेडान 7-सीरीज की झलक दिखाई देती है। भारत आने वाली नई 5-सीरीज में तीन इंजन विकल्प दिए जा सकते हैं, इन में दो डीज़ल और एक पेट्रोल इंजन का विकल्प शामिल होगा।

520डी वेरिएंट में 2.0 लीटर का 4-सिलेंडर डीज़ल इंजन मिलेगा, जो 190 पीएस की पावर और 400 एनएम का टॉर्क देगा। 530डी वेरिएंट में 3.0 लीटर का 6-सिलेंडर डीज़ल इंजन आएगा, जो 265 पीएस की पावर और 620 एनएम का टॉर्क देगा।

530आई वेरिएंट में 2.0 लीटर का पेट्रोल इंजन मिलेगा, इसकी पावर 252 पीएस और टॉर्क 350 एनएम होगा। सभी इंजन 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़े होंगे।

जीएसटी : घर खरीदना होगा सस्ता, रेंटल इनकम पर नहीं लगेगा टैक्स

नई दिल्ली। 1 जुलाई से लागू होने वाले गुड्स एंड सर्विस टैक्स से घर खरीदना सस्ता हो जाएगा। इसके साथ ही घर को किराये पर देने से होने वाली आमदनी पर भी किसी तरह का कोई टैक्स नहीं देना होगा। जीएसटी काउंसिल ने लोगों को राहत देते हुए ये फैसला लिया है। 

जीएसटी में रियल इस्टेट सेक्टर को बूस्ट देने के लिए अंडर कंस्ट्रकशन प्रॉपर्टी पर 12 फीसदी टैक्स लगाने की सिफारिश की गई है। सरकार की मंशा अफोर्डेबल हाउसिंग को बूस्ट देना है, जिसके कारण ये फैसला लिया गया है।

हालांकि उन लोगों को धक्का लगेगा जो लग्जरी सेगमेंट में घर खरीदना चाह रहे हैं। ऐसे लोगों को 28 फीसदी टैक्स देना होगा। जीएसटी के लागू हो जाने के बाद केवल एक टैक्स लगेगा और हाउसिंग सेक्टर में फिलहाल लग रहे अन्य टैक्स जैसे कि वैट, सर्विस टैक्स, सेंट्रल और स्टेट टैक्स नहीं लगेंगे। 

बिल्डर्स को पास करना होगा बेनेफिट

रियल इस्टेट एक्सपर्ट्स के मुताबिक लोगों को इसका लाभ तब मिलेगा, जब बिल्डर्स इसे बायर्स को देंगे। अगर बिल्डर्स इसका लाभ बायर्स को नहीं देते हैं तो फिर इस टैक्स दर का कोई लाभ बायर्स को नहीं मिलेगा। 

अभी इतना लगता है टैक्स

अगर आप मकान खरीदते हैं तो कई प्रकार के टैक्स देने होते हैं, जिनमें सर्विस टैक्स 6 फीसदी, वैट 1 से 15 फीसदी की दर से लगता है। इसके अलावा सर्किल रेट के हिसाब से स्टांप ड्यूटी अलग से लगती है।    

जीएसटी से 9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने में मदद मिलेगी : नीति आयोग

नई दिल्‍ली। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने आज कहा कि अगले महीने से लागू माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से देश को नौ प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने में मदद मिलेगी। आजादी के बाद यह देश का सबसे बड़ा कर सुधार है। उन्होंने कहा कि जीएसटी देश की कराधान प्रणाली को सरल बनाएगा और कर चोरी से निपटने में मदद करेगा।

कांत ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘जीएसटी 1947 के बाद देश का सबसे बड़ा कर सुधार है। जीएसटी से भारत को नौ प्रतिशत आर्थिक वृद्धि हासिल करने में मदद मिलेगी।’उन्होंने कहा कि जीएसटी का क्रियान्वयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है और यह देश के कराधान ढांचे में बड़ी क्रांति लाएगा।

कई विशेषज्ञों ने भी कहा है कि जीएसटी से सकल घरेलू उत्पाद (जीएसटी) में एक से दो प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है और दीर्घकाल में मुद्रास्फीति में दो प्रतिशत से अधिक कमी आएगी। कांत ने यह टिप्पणी ऐसे समय की है जब देश की आर्थिक वृद्धि दर मार्च तिमाही में 6.1 प्रतिशत रही और सबसे तीव्र वृद्धि वाली अर्थव्यवस्था के मामले में चीन से पिछड़ गया।

चीन की आर्थिक वृद्धि दर जनवरी-मार्च तिमाही में 6.9 प्रतिशत रही। हालांकि सालाना आधार पर भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2016-17 में 7.1 प्रतिशत रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था की तैयारी की समीक्षा की। बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली, राजस्व सचिव हसमुख अधिया और केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क (सीबीईसी) बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

महंगा हुआ सोना, ग्लोबल मार्केट में तेजी का असर

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नई दिल्ली । सोने की कीमतों में तेजी लगातार जारी है। दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना 160 रुपए महंगा होकर 29750 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यह सोने की कीमतों में तेजी का लगातार तीसरा दिन है। सोने की कीमतों में इस तेजी का कारण ज्वैलर्स की ओर से गोल्ड की खरीदारी और ग्लोबल मार्केट से मजबूत संकेत हैं।

सोने की तर्ज पर चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। चांदी 440 रुपए महंगी होकर 40840 रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में तेजी का कारण औद्योगिक मांग में इजाफा और चांदी के सिक्कों बनाने वाले निर्माताओं की ओर से निकली डिमांड है।

क्या कहना है ट्रेडर्स का: –
बुलियन ट्रेडर्स का मानना है कि ग्लोबल मार्केट से मजबूत संकेतों के साथ साथ घरेलू बाजार में ज्वैलर्स की ओर से मजबूत मांग ने भी सोने की कीमतों में तेजी को जारी रखा है। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.75 फीसद की बढ़त के साथ 1288 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी 0.54 फीसद की बढ़त के साथ 17.62 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर है।

दिल्ली सर्राफा बाजार में कीमत: 
दिल्ली सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत में 160 रुपए की बढ़त है। इस तेजी के बाद सोने के भाव 29750 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर हैं। वहीं 22 कैरेट सोना 29600 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। इससे पहले बीते 2 दिनों में भाव 340 रुपए तक बढ़ गए। साथ ही सॉवरेन गोल्ड भी 100 रुपए की बढ़त के साथ 24500 रुपए प्रति 8 ग्राम के स्तर पर है। 

वायदा बाजार में भी तेजी:
हाजिर बाजार के साथ साथ वायदा बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी देखन को मिल रही है। करीब 5 बजे एमसीएक्स पर सोने का अगस्त फ्यूचर 288 रुपए की बढ़त के साथ 29505 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी 275 रुपए की बढ़त के साथ 40728 रुपए की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

गिरावट के साथ बंद हुआ स्टॉक मार्केट, सेंसेक्स 118 अंक टूटकर 31190 पर

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद  हुए। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 118 अंक टूटकर 31190 के स्तर पर और निफ्टी 37 अंक गिरकर 9637 के स्तर पर बंद हुए। आज के सत्र में छोटे मझौले शेयरों में भी मुनाफावसूली हावी रही। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों ही इंडेक्स आधा फीसद से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए।  

ब्याज दरों से प्रभावित होने वाले शेयरों में बिकवाली
बुधवार को रिजर्व बैंक की क्रेडिट पॉलिसी की घोषणा करेगा। इससे पहले आज ब्याज दरों से प्रभावित होने वाले शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। साथ ही एफएमसीजीज शेयरों में भी मुनाफावसूली हावी रही। 

आईटी शेयर उछले
बाजार की चाल के विपरीत आज आईटी शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। आईटी इंडेक्स आज 2 फीसद से ज्यादा की मजबूती के साथ बंद हुआ। सेक्टर के दिग्गज टीसीएस में आज 3.88 फीसद की  तेजी देखने को मिली। वहीं एचसीएल 3.37 फीसद और इंफोसिस 2,22 फीसद की तेजी के साथ बंद हुए। निफ्टी के टॉप पांच गेनर में पांचों आईटी कंपनियां शामिल हैं। गिरावट वाले शेयरों में टाटा मोटर्स (3.44%) , एनटीपीसी (2.86%), इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस (2.66%), टाटा मोटर्स डीवीआर (2.65%) और ओएनजीसी 2.48 फीसद की गिरावट के साथ बंद हुए। 

शताब्दी ट्रेनों का किराया कम होगा, रेलवे जल्द करेगा कमी का ऐलान

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नई दिल्ली। शताब्दी ट्रेनों में यात्रियों की कमी को देखते हुए जल्द ही इसके किराये में कमी करने जा रहा है। अभी ज्यादातर शताब्दी ट्रेन में डायनेमिक फेयर पॉलिसी लागू है, जिसके तहत हर 10 फीसदी सीटों के भरने के बाद किराये में बढ़ोतरी हो जाती है। 

वहीं ट्रेन में बीच के स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों की संख्या में भी रेलवे को गिरावट देखने को मिल रही है। इसका फायदा रेलवे के बजाय एसी बसों को मिल रहा है क्योंकि इनका किराया शताब्दी से काफी कम पड़ रहा है। 

बीच के स्टेशनों पर यात्रा के लिए देना होगा कम किराया

रेलवे बोर्ड के सदस्य मोहम्मद जमशेद ने कहा कि रेलवे शताब्दी ट्रेनों में अपने यात्रियों की संख्या को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। डायनेमिक फेयर पॉलिसी लागू होने के बाद शताब्दी एक्सप्रेस में केवल 30 फीसदी लोग ही यात्रा कर रहे हैं।

बीच के स्टेशनों पर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी गिरावट देखने को मिल रही थी, जिसको खत्म करने के लिए रेलवे ने दो शताब्दी ट्रेन के रुट पर एक ट्रायल किया था। 

इस ट्रायल के लिए दिल्ली-जयपुर और चेन्नई-बंगलुरू ट्रेन को चुना गया। इसमें बीच के स्टेशनों पर यात्रा करने वालों को एसी बस की तुलना में  किराये में कमी की गई थी। इसके बाद दोनों रुट पर यात्रियों की संख्या में 100 फीसदी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 

केरोसिन और अटल पेंशन योजना के लिए भी आधार जरूरी

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नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने अब अटल पेंशन योजना का फायदा लेने और केरोसीन की खरीद पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। यानी अब इन दोनों ही योजनाओं का फायदा लेने के लिए आपको आधार नंबर देना होगा। गौरतलब है कि इससे पहले तमाम सरकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को पहले ही अनिवार्य किया जा चुका है।

सरकार ने तय की तारीख: केरोसिन सब्सिडी के लिए आपको 30 सितंबर तक और अटल पेंशन योजना के लिए 15 जून तक अपना आधार नंबर देना होगा। अगर किसी सूरत में आपका आधार कार्ड नहीं बना है तो उसके बनने तक राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, फोटो के साथ किसान पासबुक, मनरेगा के अंतर्गत दिया गया जॉब कार्ड, वोटर आईडी जैसे दस्तावेज से काम चलाया जा सकता है।

इसके साथ ही राशन कार्ड और सब्सिडी वाले बैंक अकाउंट को भी आधार कार्ड से लिंक करने का फैसला लिया गया है।तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की शुरुआत की गई है, जिसमें सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगी। इसके माध्यम से नॉन सब्सिडाइज्ड रेट पर केरोसिन की खरीद की जा सकती है। 

वित्त वर्ष अप्रैल की जगह जनवरी से रखने की कवायद शुरू

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नई दिल्ली। सरकार 1 जनवरी 2018 से वित्त वर्ष का चक्र बदलने पर सक्रियता से विचार कर रही है। उसका विचार है कि अप्रैल से शुरू होकर मार्च में खत्म होने के बजाय अब वित्त वर्ष जनवरी में शुरू हो और दिसंबर में खत्म हो जाए। अधिकारियों ने LEN_DEN NEWS को बताया कि अगर ऐसा होता है तो आय कर अधिनियम और कंपनी अधिनियम में बदलाव करने होंगे।

साथ ही मौजूदा वित्त वर्ष कम कर तीन तिमाहियों तक सीमित करने के लिए बहीखाते में भी अच्छे खासे बदलाव करने की जरूरत होगी। अधिकारियों ने कहा कि वित्त वर्ष का समय बदलने से दिसंबर के अंत तक बजट पेश करना होगा और सबसे अहम बात यह है कि पूरी कवायद अगले छह महीने में करनी होगी।

बजट वर्ष बदलने से जुड़ी चर्चाओं में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘सरकार बजट वर्ष बदलने से पहले सभी विकल्पों पर विचार कर रही है।’ प्रधानमंत्री कार्यालय में नीति निर्धारण में लगे लोग दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं, जिनमें वित्त वर्ष को चरणबद्ध तरीके से अप्रैल-मार्च के बजाय जनवरी-दिसंबर करना और अगला बजट फरवरी के बजाय एक महीने पहले यानी जनवरी में पेश करना शामिल हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘अगर वित्त वर्ष 1 जनवरी, 2018 से बदला जाता है तो इस पर जल्द ही निर्णय लेना होगा।’ पूर्व सांख्यिकी प्रमुख और योजना आयोग से जुड़े सदस्य प्रणव सेन ने कहा कि अगला आम चुनाव अप्रैल, 2019 में होना है, जिसे देखते हुए सरकार वित्त वर्ष का नया खाका खींच सकती है। ऐसा हुआ तो केंद्र सरकार आचार संहिता के झमेले में पड़े बिना दिसंबर, 2018 में उपयुक्त बजट तैयार कर पाएगी।’