राजस्थान / बजट में 14 हजार करोड़ की कटौती का प्रस्ताव तैयार

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जयपुर। पहले साल का जश्न मना रही कांग्रेस सरकार आर्थिक मोर्चे पर सत्ता संभालने के साथ ही जूझती नजर आई। राजस्व की कमी ने सरकार काे पहले से ही झटका दे दिया है। खजाने में आई किल्लत के चलते राज्य सरकार काे अपने मौजूदा बजट में करीब 14 हजार करोड़ रुपए की कटौती का प्रस्ताव तैयार कर चुकी है।

मौजूदा वित्त वर्ष के लिए विकास योजनाओं पर खर्च के लिए सरकार ने 1 लाख 16 हजार 500 करोड़ का बजट रखा था, जिसे संशोधित अनुमानों में घटाकर 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपए किया जा रहा है।

फरवरी में कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल का दूसरा बजट पेश करेगी। इसके लिए वित्त विभाग की ओर से अगले साल के बजट अनुमान और मौजूदा वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान तैयार कर रहा है। इन अनुमानों को तैयार करने के लिए वित्त व्यय विभाग की बजट फाइनलाइजेशन कमेटियों (बीएफसी) की बैठकें शुरू हो चुकी हैं।

इन बैठकों में राजस्व अर्जित करने वाले विभागों से मिले फीडबैक के बाद ही सरकार ने मौजूदा बजट में कटौती करने की तैयारी कर ली है। इसी महीने योजनाओं पर व्यय को लेकर बीएफसी की बैठकें होगी। इन बैठकों में ही विभागों को मौजूदा वित्त वर्ष दिए गए बजट में कटौती होगी। इनमें सबसे ज्यादा कटौती पीएचईडी, पीडब्लूडी और ग्रामीण विकास विकास से जुड़े विभागों में हो सकती है।

अक्टूबर तक 53 हजार करोड़ खर्च कर चुकी है
अक्टूबर तक सरकार 1 लाख 16 हजार करोड़ के बजट में से 52924 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। जो कि कुल विकास योजनाओं का बजट का 45% है। इसमें सबसे ज्यादा खर्च कृषि सेवाओं पर हुआ है। हालांकि इसी बड़ी वजह ऋण माफी के लिए दी गई अनुदान राशि है। वन विभाग खर्च के मामले में सबसे पीछे है। इसमें अक्टूबर तक 17% ही पैसा खर्च हुआ।

बायोडायवर्सिटी प्रोजेक्ट पर इस दौरान कोई खर्च नहीं हुआ। लेकिन नवंबर में यह खर्च बढ़कर 53% हो गया है। इस लिहाज से विकास पर होने वाले खर्च की रफ्तार पिछले सालों के मुकाबले बेहतर है लेकिन मार्च तक इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए सरकार के पास पर्याप्त पैसा ही नहीं है। हालांकि अब प्रदेश में पंचायतों के चुनाव होने हैं जिसकी आचार संहिता के दौरान सरकार को खर्च में कटौती की वजह मिल जाएगी।