कृषि वैज्ञानिक पवन टाक आईसीएआर की जनरल और गवर्निंग बॉडी में सदस्य मनोनीत

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कोटा। भारत सरकार के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) सोसाइटी के अध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने कोटा के युवा वैज्ञानिक पवन टाक को आईसीएआर की जनरल बॉडी और गवर्निंग बॉडी (प्रबंधन मंडल) के सदस्य के रूप में मनोनीत किया है।

वे श्रीरामशांताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र कोटा के प्रमुख कृषि वैज्ञानिक और भारतीय किसान संघ के सक्रिय सदस्य हैं। यह प्रतिष्ठित मनोनयन अगले तीन वर्षों के कार्यकाल के लिए किया गया है। जिसके तहत टाक को देश के चार प्रमुख क्षेत्रों राजस्थान, गुजरात, दादर नागर हवेली और दमन-दीव के किसान एवं ग्रामीण हितों के प्रतिनिधि के रूप में चुना गया है।

आईसीएआर गवर्नेंस सेल के निदेशक कुमार राजेश द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सोसाइटी के नियमों और उप-नियमों के तहत यह नियुक्ति हुई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) देश में कृषि शिक्षा और अनुसंधान की सर्वोच्च संस्था है। जिसके इस उच्च स्तरीय बोर्ड में केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ-साथ वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, नीति आयोग के शीर्ष नेतृत्व, विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, अनुसंधान केंद्रों के निदेशक और सांसद बतौर सदस्य शामिल होते हैं।

इतने प्रभावशाली और नीति-निर्धारक मंडल में राजस्थान से एक जैविक कृषि वैज्ञानिक को स्थान मिलना इस क्षेत्र के किसानों और कृषि विशेषज्ञों के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है।
टाक वर्तमान में जोधपुर में ग्रामीण खेती के साथ-साथ कोटा में गौ-आधारित जैविक खेती पर गहन अनुसंधान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अनुसंधान केंद्र में सीखे गए अनुभवों को राष्ट्र स्तर पर साझा करेंगे और देश में खेती को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर सूक्ष्म प्रयास जारी रखेंगे।

​इस ऐतिहासिक नियुक्ति पर भारतीय किसान संघ सहित समस्त किसान समुदाय ने प्रसन्नता व्यक्त की है। भारतीय किसान संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख आशीष मेहता कहा कि वर्तमान समय में गौ-आधारित जैविक खेती न केवल पर्यावरण के लिए अनिवार्य है, बल्कि किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए भी समय की मांग है।

टाक के मार्गदर्शन में कोटा के शीर्ष विशेषज्ञों के सहयोग से चल रहे अनुसंधान कार्य अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे। रामशांताय अनुसन्धान केन्द्र निदेशक ताराचंद गोयल ने कहा कि इस मनोनयन से गुजरात, राजस्थान और दीव-दमन क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर है। अब कोटा में हुए नवाचारों को देश की सबसे बड़ी कृषि प्रबंधन संस्था में एक सशक्त आवाज मिल सकेगी।