US-Iran War: अमेरिकी नागरिकों के विरोध के बीच ट्रंप ने दिए युद्ध लंबा खिंचने के संकेत

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वाशिंगटन। US-Israel-Iran War Updates: ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिकी नागरिकों के विरोध के बीच कुछ ही घंटे पहले युद्ध के जल्द खत्म होने की भविष्यवाणी करने वाले ट्रंप ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना को ईरान में अपना काम पूरा करना होगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने विस्तार से बताया कि कैसे अमेरिकी सेना ने ईरान की सामरिक क्षमताओं को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने तेल की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए ईरान के उन जहाजों को नष्ट कर दिया है जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछा रहे थे। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के 58 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है। साथ ही यह भी कहा कि समुद्र में जहाजों को उड़ाने के लिए बिछाई जा रही 31 माइन-लेयर नौकाओं को भी तबाह कर दिया गया है।

ट्रंप ने संकेत दिया कि इन अभियानों में एक विशेष हथियार का उपयोग किया गया है, जो आमतौर पर समुद्र के रास्ते होने वाली नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए इस्तेमाल होता है।

बेरूत में बड़ा हमला
युद्ध केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके सहयोगी देशों और समूहों तक फैल चुका है। इजरायली सेना (IDF) ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दहिया इलाके में हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए हैं। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान के इशारे पर किए जा रहे हमलों के जवाब में है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर ईरान को खाड़ी देशों (सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत आदि) पर हमले तुरंत रोकने की चेतावनी दी है। 13 देशों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि दो देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया।

टैंकर पर हमला
इराक के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में एक विदेशी तेल टैंकर पर हमले की खबर है। हालांकि हमले की प्रकृति स्पष्ट नहीं है, लेकिन इराकी बंदरगाह अधिकारियों ने टैंकर के 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया है। यह घटना दर्शाती है कि क्षेत्र में ऊर्जा परिवहन अभी भी गंभीर खतरे में है।

ट्रंप के बयानों में आए इस विरोधाभास ने वैश्विक बाजारों और रणनीतिकारों को उलझन में डाल दिया है। एक ओर वे कहते हैं कि निशाने के लिए अब कुछ बचा नहीं है, वहीं दूसरी ओर वे काम पूरा करने तक युद्ध जारी रखने की बात कर रहे हैं। रक्षा सचिव के तीव्र हमलों के बयान और ट्रंप की नई चेतावनी से स्पष्ट है कि यह युद्ध फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है।