भारत के साथ व्यापारिक समझौता ICJ से ज्यादा महत्वपूर्ण: ब्रिटिश मीडिया

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जस्टिस भंडारी के सम्मान में आयोजित रिसेप्शन में बोलते सैयद अकबरुद्दीन।

नई दिल्ली। भारत ने इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में दलवीर भंडारी के दोबारा चुने जाने का स्वागत किया है। साथ ही कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों की ओर से मिला असाधारण सहयोग देश के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।

भंडारी के दोबारा चुने जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे गर्व का क्षण बताते हुए इसका श्रेय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके मंत्रालय के अधिकारियों के प्रयासों को दिया।

उधर, सुषमा स्वराज ने अपनी ओर से मंत्रालय की टीम की सराहना करने के दौरान यूएन प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन का भी विशेष तौर पर जिक्र किया।

ट्विटर पर उन्होंने कहा, ‘ICJ के जज के तौर पर दोबारा चुने जाने पर जस्टिस दलवीर भंडारी को बधाई। टीम-MEA द्वारा काफी प्रयास किया गया। यूएन में हमारे स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन का भी विशेष तौर पर उल्लेख करना जरूरी है।’

MEA ने एक बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासभा ने भारत के समर्थन में वोट दिया और जज भंडारी को सुरक्षा परिषद में सभी 15 वोट मिले जबकि यूएन महासभा में 193 में से 183 वोट मिले।

आगे कहा गया कि यूएन सदस्यों की ओर से मिला अपार सहयोग भारतीय राजनीति की मजबूत संवैधानिक सत्यनिष्ठा और भारत में न्यायपालिका की स्वतंत्रता के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।

मंत्रालय ने आगे कहा, ‘भारत विभिन्न मंचों पर कूटनीतिक प्रयासों के जरिए जस्टिस भंडारी के कैंपेन को सहयोग कर रहा था। करीबी चुनावी मुकाबला होने के बाद यूके ने अपने कैंडिडेट का नाम वापस लेने का फैसला किया।

हम यूके के फैसले की सराहना करते हैं। हम उन सभी सरकारों को भी धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने इस चुनाव में भारत का समर्थन किया।’