कोटा/सांगोद/कनवास/ बपावर। राजस्थान सरकार के ऊर्जा विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने रविवार को कोटा जिले के सांगोद, कनवास और बपावर क्षेत्रों के ग्रामीण अंचलों का व्यापक दौरा किया।
एकदिवसीय प्रवास के दौरान मंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं, सड़क निर्माण और जनसुविधाओं का मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यों में गुणवत्ता की कमी और लापरवाही पाए जाने पर मंत्री ने अधिकारियों और ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई।
इस दौरान सांगोद प्रधान जयवीर सिंह अमृतकुआं, उप प्रधान ओम नागर अडूसा, क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष ओम मेहता, मंडल अध्यक्ष विजय शंकर सैनी, सत्यवान नागर भी साथ में मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान मंत्री नागर ने खजूरी और उमरहेड़ी तालाब के पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उमरहेड़ी तालाब की स्थिति देख मंत्री ने गहरा रोष व्यक्त किया।
उन्होंने पाया कि तालाब में पिचिंग और ड्रेसिंग का कार्य नियमानुसार नहीं किया गया था और पत्थर बाहर निकल रहे थे। जल संसाधन विभाग के अधिशाषी अभियंता अनिल मीणा से जवाब-तलब करते हुए मंत्री ने पूछा, “क्या यह 40 लाख का काम है? अधूरा काम होने के बावजूद भुगतान कैसे किया गया?”
मंत्री ने खजूरी तालाब के निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि तालाब से सीपेज रोकने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और गंदे पानी की निकासी के लिए अलग नाला बनाया जाए ताकि तालाब का पानी दूषित न हो।
दौरे के दौरान मंत्री ने सांगोद-बपावर-कवाई सड़क (SH-51) के नवीनीकरण, बपावरकलां में अटल प्रगति पथ और अरु नदी पर नवनिर्मित पुलिया की प्रगति जांची। शाम के समय उन्होंने चतरपुरा, राजगढ़ और मण्डीता में सड़क चौड़ीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया।
जांच कमेटी के गठन और रिकवरी के निर्देश
उमरहेड़ी तालाब के घटिया निर्माण को देखते हुए मंत्री नागर ने तत्काल जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि संबंधित ठेकेदार के पिछले 10 कार्यों की सूची बनाकर उनकी भी जांच की जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि
अगर गुणवत्ताहीन कार्यों में सुधार नहीं हुआ, तो ठेकेदार से रिकवरी की जाएगी। यदि ठेकेदार भुगतान नहीं करता है, तो संबंधित अधिकारियों के वेतन से इसकी वसूली होगी।
शिक्षा और बुनियादी ढांचे की समीक्षा
मंत्री ने गरमौडी, खेड़ली काकुनिया और बालूहेड़ा के राजकीय विद्यालयों का भी दौरा किया। एसडीआरएफ मद से निर्मित स्कूल की छतों के निर्माण कार्य को संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्होंने अधिकारियों की क्लास लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के मंदिरों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जनसुनवाई और रात्रि चौपाल में दिए निस्तारण के निर्देश
अपने दौरे के अंतिम चरण में मंत्री हीरालाल नागर ने रात्रि चौपाल का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। मंत्री ने मौके पर ही मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के आदेश दिए। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और भ्रष्टाचार मुक्त कार्यप्रणाली के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरे के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

