वार्ता से हल नहीं निकला तो अमेरिका फिर करेगा ईरान पर हमला, जानिए क्या है प्लान

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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे टकराव को खत्म करने के लिए साफ दो विकल्पों की बात की और कहा कि या तो बातचीत से इस मसले का हल निकाला जाए या फिर पूरी तरह से सैन्य कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान की तरफ से पेश किए गए बातचीत के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया। ट्रंप का बयान शुक्रवार को तब आया जब एक दिन पहले ही सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने उन्हें ईरान के बारे में ब्रीफ किया था।

ट्रंप से जब इस ब्रीफिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “हमारे पास विकल्प हैं। क्या हमें उन पर जोरदार हमला करके हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए या हमें कोई समझौता करना चाहिए? यही विकल्प हैं।” ट्रंप से जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या वह ईरान पर जबरदस्त हमले करना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा, “मानवीय आधार पर मैं ऐसा नहीं करना चाहूंगा, लेकिन विकल्प यही हैं।”

ट्रंप के बयानों से यह संकेत मिलता है कि दो महीने से चल रहे इस गतिरोध के जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है। ट्रंप ने ईरान को ताजा प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “वे (ईरान) एक समझौता करना चाहते हैं, मैं उससे संतुष्ट नहीं हूं, इसलिए देखते हैं कि आगे क्या होता है।” हालांकि, उन्होंने प्रस्ताव की कमियों के बारे में नहीं बताया लेकिन कहा कि वे ऐसी चीजें मांग रहे हैं, जिससे मैं सहमत नहीं हो सकता।

ट्रंप ने पुष्टि की कि बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और फोन के जरिए चर्चा जारी है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व के प्रति निराशा व्यक्त की। ट्रंप ने कहा, “वहां एक बेहद बिखरा हुआ नेतृत्व है। वे सभी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन उनमें आपस में ही मतभेद है।

ईरान ने भी अपने नए प्रस्ताव में झुकने का संकेत दिया है और कई मुद्दों पर अपनी पिछले रुख से पीछे हटा है। इसके पहले विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान कूटनीति के लिए तैयार रहेगा, अगर वॉशिंगटन अपने अत्यधिक कठोर रवैये, धमकी भरी बयानबाजी और भड़काई कार्रवाई को रोक दे। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की सेना देश पर होने वाले किसी भी हमले से बचाव के लिए तैयार है।