भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार ने दी सफाई
नई दिल्ली। India-US Trade Deal: केंद्र सरकार ने साफ किया है कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता के ढांचे पर अमेरिका फैक्टशीट में हाल ही में किए गए बदलाव दोनों देशों की सहमति से हुए। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतरिम एग्रीमेंट के फ्रेमवर्क पर जॉइंट स्टेटमेंट दोनों पक्षों के बीच आपसी समझ का आधार बना हुआ है।
जायसवाल ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, आपसी और आपसी फायदे वाले व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के फ्रेमवर्क पर भारत-अमेरिका का जॉइंट स्टेटमेंट 7 फरवरी 2026 को जारी किया गया था।
जॉइंट स्टेटमेंट ही फ्रेमवर्क है और इस मामले में हमारी आपसी समझ का आधार बना हुआ है। दोनों पक्ष अब इस फ्रेमवर्क को लागू करने और अंतरिम समझौते को फ़ाइनल करने की दिशा में काम करेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “यूएस फैक्ट शीट में किए गए बदलाव जॉइंट स्टेटमेंट में मौजूद साझा समझ को दिखाते हैं।”
यह सफाई उन रिपोर्टों के बीच आई है जिनमें यूएस डॉक्यूमेंट में बदलावों को हाईलाइट किया गया है, जो पहले भारतीय पक्ष द्वारा जारी किए गए बयान से अलग था। व्हाइट हाउस ने शुरुआती डॉक्यूमेंट के एक दिन बाद जारी अपनी अपडेटेड फैक्ट शीट में, खरीदारी, टैरिफ़ और डिजिटल व्यापार पर भारत के कमिटमेंट के बारे में कई ज़रूरी बातों को नरम किया।
ओरिजिनल वर्जन में कही गई ये बात
फैक्टशीट के ओरिजिनल वर्जन में कहा गया था, “भारत ने ज़्यादा अमेरिकी प्रोडक्ट खरीदने और 500 बिलियन डॉलर से ज़्यादा के अमेरिकी एनर्जी, इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर, कोयला और दूसरे प्रोडक्ट खरीदने का वादा किया है।” बदली हुई फैक्टशीट में अब कहा गया है कि भारत ज़्यादा अमेरिकी प्रोडक्ट खरीदने का “इरादा” रखता है और प्रोडक्ट कैटेगरी की लिस्ट से “एग्रीकल्चरल” शब्द हटा दिया गया है।

