Wednesday, April 15, 2026
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इनफ़ोसिस कंपनी का घटा मुनाफा, शेयरहोल्डर्स को देगी 13 हजार करोड़

मुंबई। आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनी इंफोसिस का मार्च तिमाही में नेट प्रॉफिट 3,603 करोड़ रुपये रहा। गुरुवार को कंपनी ने चौथे क्‍वार्टर के नतीजे पेश किए हैं। वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में इंफोसिस का मुनाफा 3 फीसदी घटकर 3603 करोड़ रुपए रहा है जबकि, तीसरी तिमाही में इंफोसिस का मुनाफा 3708 करोड़ रुपए रहा था।

वहीं आय में भी 0.9 फीसदी घटी है। हालांकि कंपनी की डॉलर आय 0.7 फीसदी बढ़कर 256.90 करोड़ डॉलर रही है। इंफोसिस के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2017-18 में कंपनी की आय में 6.5 फीसदी से 8.5 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

बोर्ड ने शेयरधारकों को वित्त वर्ष 2018 में 13,000 करोड़ रुपये बतौर डिविडेंड अथवा शेयर बायबैक देने की बात कही है। हालांकि कंपनी ने अलगे वित्त वर्ष 2018 के लिए उम्मीद से कम गाइडेंस दिया है।

आदेशों का पालन न करने के लिए 2,000 से ज्यादा CBSE स्कूलों पर लगा जुर्माना,

नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने अपने 2,077 अफिलिएटिड स्कूलों पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही उन्हें बोर्ड के आदेशों का पालन न करने के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा है ताकि वे पब्लिक डोमेन में संस्थानों के बारे में जानकारी की लिस्ट जारी करें। आदेश के तहत, सभी स्कूलों को पानी की टोटी की संख्या, वाई-फाई फसिलटी के साथ स्पीड की जानकारी, प्रत्येक क्लास की मासिक फीस और सभी ऐडमिशन रिसल्ट्स की सार्वजिनक जानकारी देनी थी। स्कूलों को रिसर्व फंड्स और बैलेंस शीट का भी खुलासा करना था।

इस काम को पूरा करने के लिए शुरुआत में 31 अक्टूबर, 2016 तक की डेडलाइन दी गई थी, जिसे बाद में एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया था क्योंकि कई स्कूलों ने ऐसी छोटी सूचना पर डेटा प्रस्तुत करने में असमर्थता जताई थी। बोर्ड से अफिलिएटिड 18,179 स्कूल हैं। यह कदम सीबीएसई के अध्यक्ष राजेश कुमार चतुर्वेदी द्वारा सितंबर 2016 में घोषित सुधारों का हिस्सा है। स्कूलों से मांगी गई जानकारी को छह भागों में बांटा गया था और इसका खुलासा स्कूल की वेबसाइटों पर भी किया जाना था।

सीनियर सीबीएसई अधिकारियों के अनुसार, 2,077 स्कूल समय सीमा के भीतर काम पूरा करने में विफल रहे। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से हुई खास बातचीत में चतुर्वेदी ने बताया, ‘बोर्ड की परीक्षाएं पूरी हो जाने के बाद हम स्कूलों को एक और मौका देंगे। हालांकि, हमने आदेश का पालन न कर पाने के लिए प्रत्येक स्कूल पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का नोटिस जारी कर दिया है और उन्हें इसका भुगतान करना होगा।’

सीबीएसई मेमोरैंडम में कहा गया है, ‘सूचना केवल बोर्ड की वेबसाइट पर दिए गए लिंक के माध्यम से ऑनलाइन भरी जाएगी और स्कूल की वेबसाइट पर भी अपलोड की जाएगी।’ आदेश के तहत बोर्ड को मैनेजमेंट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ, फाइनैंस एवं अन्य विवरणों को सार्वजनिक करना करना होगा। इसमें व्यापक रूप से स्कूल के प्लेग्राउंड और बिल्डिंग के एकड़ और वर्ग मीटर की जानकारी देना भी शामिल है। साथ ही स्कूलों को अपनी बिल्डिगों और ब्रांचेज की संख्या की जानकारी भी देनी होगी। वहीं सेफ्टी की बात की जाए तो स्कूलों को फायर अलार्म, आग बुझाने वाले यंत्र और फायर सेफ्टी का सर्टिफिकेट भी पेश करना होगा।

खुद का कारोबार शुरू करने के लिए कोटा समेत प्रदेश में खुलेंगे 7 बिजनेस सेंटर

-केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, 50 तरह के कारोबार के लिए ट्रेनिंग मिलेगी
कोटा। केन्द्रसरकार ने जयपुर, उदयपुर, अलवर, कोटा, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर में 7 लिवलीहुड बिजनेस इनक्यूबेटर (एलबीआई) सेंटर खोलने की मंजूरी दे दी है। ये एक तरह से ट्रायल बिजनेस सेंटर का काम करेंगे, जहां युवाओं को 50 तरह के कारोबारों से जुड़ी सभी तरह की जानकारी और प्रशिक्षण मिलेगा।
जो अनुभवहीन युवा खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं, उन्हें मशीनों पर माल उत्पादन से लेकर तैयार माल की मार्केटिंग तक की ट्रेनिंग मिलेगी। साथ ही बिजनेस मैनेजमेंट और बिजनेस अकाउंट्स मेंटेंन करने की ट्रेनिंग भी मिलेगी। अगर बिजनेस मॉडल सफल रहता है तो उन्हें भामाशाह स्वरोजगार सृजन योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत बैंकों से ऋण दिया जाएगा। इसमें ऋण चुकाने पर 4 प्रतिशत छूट भी दी जाती है।
बीआरएसवाय के तहत 2015-16 और 2016-17 में 14632 युवाओं को 171 करोड़ 85 लाख और पीएमईजीपी के तहत 2015-16 और 2016-17 में 4299 युवाओं को 427 करोड़ 88 लाख रु. के ऋण बांटे जा चुके हैं। इन सेंटरों में पेपर नैपकिन, सोलर इन्वर्टर, सोलर पैनल, लैंप, जैविक फर्टिलाइजर, फूड प्रोसेसिंग, सॉक्स निटिंग, वाटर फिल्ट्रेशन, एलईडी, ग्रीन हाउस सहित 50 ट्रेड की मशीनरी लगाई जाएगी।
हर सेंटर को 1 करोड़ का अनुदान
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने बताया कि प्रत्येक एलईबी के लिए केंद्र सरकार से एक करोड़ रुपए की ग्रांट मिलेगी, जिसमें 50 फीसदी राशि स्वीकृति के साथ ही दी जाएगी। देश में सबसे ज्यादा एलईबी राजस्थान के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इससे पहले झालावाड़ में 10 ट्रेड्स पर आधारित इनक्यूबेटर के लिए भी केंद्र मंजूरी दे चुका है।

पेट्रोल पंप हो या दुकान, अब सिर्फ उंगली से पेमेंट

नई दिल्ली  । कोईभी पेमेंट करने के लिए आपको कैश, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अपनी उंगली के जरिए आसानी से कहीं भी पेमेंट कर पाएंगे। यह संभव होगा आधार-पे के जरिए। 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी नागपुर में इसकी शुरुआत करेंगे।

अभी तक दिल्ली में मदर डेयरी और केंद्रीय भंडारों में इसका ट्रायल चल रहा था। जल्द ही पेट्रोल पंप, बड़ी रिटेल चेन के साथ छोटी खुदरा दुकानों पर भी यह सुविधा शुरू हो जाएगी। सरकार ने छह से नौ महीने में 70% दुकानों और ट्रांजेक्शन प्वाइंट्स पर आधार-पे सुविधा शुरू करने का लक्ष्य रखा है। सरकार का दावा है, चूंकि पैसे देने वाले व्यक्ति की उंगली का निशान लिए बिना पेमेंट नहीं होगी, लिहाजा इसमें धोखाधड़ी की आशंका भी नहीं रहेगी। एनपीसीआईके सीओओ दिलीप अस्बे ने बुधवार को बताया कि आधार-पे के इस्तेमाल पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगेगा। यह शुल्क 2,000 रु. तक के ट्रांजैक्शन पर 0.25% होगा।

ऐसे कर सकेंगे पेमेंट
पेट्रोलपंपों और दुकानों पर मशीन होगी, जो आधार से लिंक होगी। पेमेंट करते वक्त ग्राहक से उसके बैंक का नाम पूछा जाएगा। पेमेंट लेने वाला उस बैंक के सर्वर से मशीन को लिंक करेगा। फिर वह पेमेंट की रकम दर्ज करके ग्राहक की उंगुली का निशान लेगा। निशान मिलने के बाद पेमेंट हो जाएगा।
आधार-पे के तहत कोई भी पेमेंट करने के लिए आपका बैंक अकाउंट आधार से लिंक होना चाहिए। साथ ही आपको अपना आधार नंबर भी याद रखना हाेगा।

कोटा में सेवन वंडर्स देखकर चौंके जर्मनी के टूरिस्ट

कोटा | टूरिज्मके लिए ऑफ सीजन माने जाने वाले इस महीने में कोटा में सैलानियों की आवाजाही बनी हुई है। विशेष तौर पर जर्मनी के टूरिस्ट को शहर रास रहा है। बुधवार को जर्मनी के 22 सदस्यीय ग्रुप ने शहर के सेवन वंडर्स से लेकर किशोर सागर तालाब, गढ़ पैलेस सहित अन्य स्पॉट को देखा। हाड़ौती टूरिज्म डवलपमेंट सोसायटी सचिव नीरज भटनागर ने बताया कि कोटा में विदेशी सैलानियों का अब धीरे-धीरे रुझान बढ़ता जा रहा है। सहायक पर्यटन अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि जर्मनी के ग्रुप के लिए शहर पसंदीदा है।

फ्लाई एश व कोटा स्टोन स्लरी को उपयोगी केटेलिस्ट में बदलने पर मिला पेटेंट

-अरविन्द 

कोटा। कोटा यूनिवर्सिटी में डीन प्रो.आशू रानी के अनुसंधान पर भारत सरकार के पेटेंट विभाग ने 20 वर्ष के लिए पेटेंट जारी कर दिया। उन्होंने शहर में निकलने वाले सोलिड वेस्ट मेटेरियल कोटा स्टोन स्लरी एवं फ्लाई एश पर निरंतर  करके फार्मा कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण उपयोगी पदार्थ तैयार किया, जिसका उपयोग देश-विदेश में किया जा सकेगा।

कोटा यूनिवर्सिटी की डीन प्रो. डॉ आशू रानी ने इस आर्गेनिक कम्पाउंड पर निरंतर शोध करते हुए ऐसा सिंथेसिस तैयार किया, जिससे फार्मास्यूटिकल कंपनियों में एक केटेलिस्ट के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। उन्होने बताया कि सस्ती फ्लाई एश व कोटा स्टोन स्लरी से ‘बेंजिलाइडेन साइक्लो हेक्सानॉन’ नामक ग्रीन केटेलिस्ट प्रोसेस तैयार करने के लिए लंबी शोध प्रक्रिया पूरी की गई। पेटेंट एक्ट,2010 के प्रावधानों के तहत वैधानिक प्रमाणपत्र जारी किया गया।

रिसर्च पूरा करके उन्होंने 2 जून,2010 को पेटेंट के लिए आवेदन किया था, जिस पर 23 मार्च,2017 को पेटेंट कार्यालय ने पेटेंट सर्टिफिकेट जारी किया। यह पेटेंट अगले 20 वर्ष तक वैध रहेगा।  उन्होंने बताया कि कोटा थर्मल से निकलने वाली फ्लाई एश को 900 डिग्री सेंटीग्रेड पर गर्म कर थर्मल एक्टिवेशन किया गया, फिर कोटा स्टोन स्लरी में इसे मिलाकर पेस्ट के रूप में 100 डिग्री सेंटीग्रेड पर एक मिश्रण तैयार किया गया। रासायनिक क्रिया से इसमें सस्ता केएफसी केटेलिस्ट तैयार करने में सफलता मिली। शोध छात्रा दीप्ती जैन एवं चित्रलेखा ने डॉ आशू रानी के निर्देशन में लंबे समय तक शोध कार्य किया। उन्हें फ्लाई एश मिशन, नईदिल्ली से सहयोग मिला।

Prof. Ashu Rani
Professor, Department of Pure & Applied Chemistry

Email ID :
[email protected], [email protected][email protected]

Research Interest :
Heterogeneous Catalysis, Waste Management, Nanotechnology etc.

निर्यात योजना के 2,700 करोड़ रुपये वापस किये जाने को मंजूरी

नयी दिल्ली। सरकार ने निर्यात संवर्धन पहल टार्गेट प्लस स्कीम के तहत 2,700 करोड़ रपये के निर्यातक दावों के रिफंड के प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी। उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार यह कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का फैसला किया गया।

मंत्रिमंडल ने उच्चतम न्यायालय के टार्गेट प्लस स्कीम :टीपीएस: 2004-09 के संदर्भ में 27 अक्तूबर 2015 के आदेश के क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी है। वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, कि उच्चतम न्यायालय के फैसले से टीपीसी के तहत करीब 2,700 करोड़ रपये का राजस्व प्रभाव बनता है। बयान के अनुसार इसका लाभ सभी आवेदनकर्ता निर्यातकों को मिलेगा जो शुरू में 2005-06 के लिये अधिसूचित टीपीसी के प्रावधानों के तहत पात्र हैं।

योजना के तहत दावों को पूर्व की तिथि से अधिसूचना के जरिये अस्वीकार्य कर दिया गया था। इसका निपटान उच्चतम न्यायालय के निर्देश के तहत हुआ। टीपीएस के तहत लाभ में कटौती से संबद्ध पूर्व की तिथि से अधिसूचना के मद्देनजर कनक एक्सपोर्टर्स  ने उच्चतम न्यायालय से 27 अक्तूबर 2015 को अनुकूल फैसला प्राप्त किया।

शेयर घोटाले में चार बैंक अधिकारियों को 25 साल बाद सजा

मुंबई। शेयर घोटाले में 25 साल बाद आखिरकार बैंक के चार पूर्व अधिकारियों को दोषी ठहराया गया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने चारों अफसरों को तीन-तीन साल कैद और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। हालांकि ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए अदालत ने फिलहाल सभी को जमानत दे दी है। इन पर शेयर दलाल दिवंगत हर्षद मेहता को अवैध तरीके से करोड़ों रुपए का फायदा पहुंचाने का आरोप है।

वर्ष 1992 के शेयर बाजार घोटाले के मुख्य आरोपी हर्षद मेहता की 2001 में मौत हो चुकी है। विशेष जज एचएस महाजन ने करोड़ों रुपये के इस घोटाले में एमएस श्रीनिवासन (स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र के पूर्व फंड मैनेजर), विनायक देवस्थली (यूको बैंक के पूर्व असिस्टेंट मैनेजर), आर सीतारमण (एसबीआई की प्रतिभूति शाखा के अधिकारी) और पीए करखनिस (यूको बैंक के पूर्व सीनियर मैनेजर) को सजा सुनाई है।

इन्हें भ्रष्टाचार, बैंक खातों में फर्जीवाड़ा करने समेत अन्य आरोपों में दोषी ठहराया गया है। अधिकारियों पर हर्षद मेहता के यूको बैंक स्थित खाते में गलत तरीके से पैसे ट्रांसफर करने का आरोप है। श्रीनिवासन और अन्य आरोपी अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर मेहता के खाते में स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र का 198 करोड़ रुपया भी क्रेडिट किया था। कोर्ट ने पीएस गोखले को बरी कर दिया, जबकि मौत होने के चलते हर्षद मेहता और एमवी सिद्धाय के नाम को आरोपियों की सूची से हटा दिया गया था।

बीएसई-आईएनएक्स पर कमोडिटी का कारोबार शुरु

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बीएसई गिफ्ट सिटी एक्सचेंज इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज पर सोना, चांदी और काॅपर में कारोबार शुरु होने जा रहा है। ये कारोबार गुरुवार यानि 13 अप्रैल से शुरु होने की पूरी संभावना है। बीएसई – आईएनएक्स के सीईओ वी बालासुब्रमन्यियन ने बताया कि सोना, चांदी और काॅपर में कारोबार की इज़ाजत सेबी से मिल गई है और इन तीनो ही कमोडिटीज़ में कारोबार गुरुवार से शुरु किया जा रहा है लेकिन शुक्रवार से लगातार तीन दिन का अवकाश होने के चलते इनमें कारोबार सोमवार से भी शुरु किया जा सकता है मैनेजमेंट अभी इस पर विचार कर रही है।

वहीं वी बालासुब्रमनिययन ने बताया कि एक्सचेंज ने सेबी से कच्चे तेल और ब्रेंट क्रूड में भी कारोबार की इज़ाजत मांगी है जो कि सेबी अभी इन दोनो कमोडिटीज़ पर भी रेव्यू कर रही है और उम्मीद है कि इन दोनों कमोडिटीज़ में भी कारोबार करने की इज़ाजत जल्द मिल जाएगी। बीएसई-गिफ्ट सिटी का उद्धाटन हाल ही में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया था और कमोडिटीज़ में कारोबार की इज़ाजत मिलने के चलते उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय मानकों पर भी खरा उतरेगा।

वी सुब्रमनिययन ने बताया कि फिलहाल कांट्रेक्ट तिमाही होंगे और अंतरराष्ट्रीय मिती कटान के मुताबिक ही काम करेंगे। हमारी पूरी कोशिश होगी कि देश में सोना, चांदी और काॅपर में कारोबार पारदर्शिता के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबारियों के लिए हेज करने का ये उचित माध्यम साबित होगा। इसके लिए खासतौर पर मानकों का ध्यान रखा गया है। टैक्नोलाॅजी की अगर बात करें तो चुंकि बीएसई का ही यह सह-उद्यमी है और देश की सबसे तेज टैक्नोलाॅजी पर बीएसई कारोबार कर रही है। देश ही नहीं एशिया में स्पीड़ को लेकर बीएसई जैसी टैक्नोलाॅजी किसी के पास नहीं।