कोटा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट शिलान्यास समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह अजमेर की धरती से हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया था। इसी कार्यक्रम में राजस्थान के 21 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे थे।
उन्होंने कहा कि अब कोटा से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को शुरू करने का अवसर मिला है। एक ही सप्ताह में राजस्थान में विकास के दो बड़े कार्यक्रमों का होना बड़ा संदेश है। श्री मोदी ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, किसानों व माता-बहनों के लिए योजनाओं पर राजस्थान में तेजी से काम हो रहा है।
आज का दिन कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लिए एक नई आशा और एक नई उपलब्धि का दिन है। डेढ़ हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहा कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देगा।
उन्होंने कहा कि नवंबर 2023 में कोटा की जनता से वादा किया था कि यहां बनने वाले एयरपोर्ट को साकार करके दिखाया जाएगा। अब तक कोटा के लोगों को जयपुर या जोधपुर से फ्लाइट लेनी पड़ती थी। इसमें समय लगता था और असुविधा भी होती थी, लेकिन अब स्थिति बदलने जा रही है। जब यह एयरपोर्ट शुरू होगा तो कोटा समेत आस-पास के पूरे इलाके में यात्रा भी आसान होगी और व्यापार भी बढ़ेगा।
नवीन एयरपोर्ट संभावनाओं को बढ़ाने वाला
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोटा केवल शिक्षा का ही नहीं, बल्कि ऊर्जा का भी बड़ा केन्द्र है। कोटा में न्यूक्लियर, कोयला, गैस सहित पानी से बिजली का उत्पादन होता है। हाड़ौती की यह धरती अपनी धरोहरों के लिए भी प्रसिद्ध है। कोटा कचौरी का जायका, कोटा डोरिया के साथ ही कोटा स्टोन एवं सेंड स्टोन की चमक ने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यहां के धनिया, बूंदी के बासमती चावल की महक अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंची है। यह क्षेत्र अपने परिश्रम, उत्पादन और संभावनाओं के लिए जाना जाता है। कोटा का नया एयरपोर्ट यहां की संभावनाओं को बढ़ाने का काम करेगा।
हाड़ौती की धरती उद्यम एवं आस्था का केन्द्र
श्री मोदी ने कहा कि कोटा और हाड़ौती की धरती उद्यम और आस्था का भी केन्द्र है। सदियों से देश-दुनिया के श्रद्धालु श्री मथुराधीश जी की पावन पीठ, केशवरायपाटन के तीर्थ, खड़े गणेश जी और गोदावरी बालाजी धाम के दर्शन के लिए आते रहते हैं। गरड़िया महादेव से दिखने वाला चंबल का दृश्य मंत्रमुग्ध कर देता है। मुकुंदरा हिल्स और रामगढ़ विषधारी जैसे वन्यजीव अभयारण्य इस पूरे क्षेत्र को वाइल्ड लाइफ टूरिज्म का बड़ा केन्द्र बनाते हैं। हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से देश-दुनिया के पर्यटक यहां आएंगे। इसका सीधा लाभ यहां के युवाओं, व्यापारियों और अर्थव्यवस्था को मिलेगा।
कोटा बनेगा एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री का बड़ा केन्द्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोटा कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सभी दिशाओं में आगे बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटा के दोनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे कोटा-बूंदी से गुजर रहा है। अब दिल्ली, वडोदरा और मुंबई जैसे बड़े शहरों की दूरी महज कुछ घंटों की रह गई है। बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के कारण यहां नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। विशेष रूप से एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री के लिए यह क्षेत्र बड़ा केन्द्र बनेगा। रेल और सड़क के बाद हवाई कनेक्टिविटी का नया अध्याय कोटा के विकास को गति देगा। कोटा एयरपोर्ट पूरे हाड़ौती क्षेत्र और आसपास के जिलों के लिए प्रगति के नए अवसर लेकर आएगा।
अब एयरपोर्ट्स की संख्या 160 से अधिक
श्री मोदी ने कहा कि जब कनेक्टिविटी बढ़ती है तो विकास की संभावनाओं में नई तेजी आती है। पिछले 11 वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में बने एयरपोर्ट्स ने विकास को नई गति दी है। वर्ष 2014 से पहले देश में करीब 70 एयरपोर्ट ही बने थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 160 से ज्यादा हो गई है। नए एयरपोर्ट्स ने हवाई यात्रा को आसान बनाया है।
पर्यटन को बढ़ावा दिया है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं तथा क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार दी है। दिल्ली के आस-पास के क्षेत्रों में नए एयरपोर्ट्स शुरू हुए हैं। हिसार, हिंडन, जेवर में नया एयरपोर्ट बना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब राज्य सरकार और केन्द्र सरकार मिलकर कार्य करती है, नीयत साफ होती है और संकल्प मजबूत होता है, तब विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। आज राजस्थान में यही हो रहा है। विकसित राजस्थान की मजबूत नींव विकसित भारत के संकल्प को ताकत दे रही है।

