मंडी विस्तार के साथ क्षेत्र में एग्रो इंडस्ट्री पार्क विकसित किया जाएगा: स्पीकर बिरला

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भामाशाह मंडी के विस्तार के बाद स्पीकर बिरला का स्वागत करते व्यापारी।

कोटा। भामाशाह कृषि उपज मंडी के विस्तार को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वर्षों से लंबित इस निर्णय से हाड़ौती सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि कोटा की यह मंडी न केवल राजस्थान, बल्कि मध्य प्रदेश के कई जिलों के किसानों के लिए भी भरोसे का केंद्र रही है, जहां उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य और त्वरित विपणन की सुविधा मिलती है।

उन्होंने कहा कि समय के साथ मंडी में आवक बढ़ने से स्थान की कमी के कारण किसानों और व्यापारियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। पिछले करीब 11 वर्षों से इसके विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।

प्रस्तावित लगभग 96 हेक्टेयर भूमि कोटा बाईपास निर्माण के दौरान ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित की गई थी, लेकिन पथरीली जमीन के कारण वहां हरित क्षेत्र विकसित करना संभव नहीं था। विभिन्न स्तरों पर अध्ययन और निरीक्षण के बाद इस स्थिति की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर शर्तों में संशोधन कर मंडी विस्तार को मंजूरी दी गई।

बिरला ने कहा कि मंडी के विस्तार से हाड़ौती के साथ-साथ मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के किसानों को भी लाभ मिलेगा। इससे किसानों, व्यापारियों और मंडी से जुड़े श्रमिकों को हो रही परेशानियों का समाधान होगा और अधिक संख्या में किसान अपनी उपज यहां लाकर बेच सकेंगे। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि मंडी विस्तार के साथ क्षेत्र में एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री और प्रोसेसिंग यूनिट्स विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। हाड़ौती में एग्रो इंडस्ट्री पार्क शुरू करने की योजना बनाई जाएगी, जिससे किसानों को अपनी उपज का प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन करने का अवसर मिलेगा।

दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़े होने के कारण यहां से देश के बड़े बाजारों तक उपज पहुंचाना आसान होगा और किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में फल और सब्जी मंडी के विस्तार पर भी कार्य किया जाएगा। हाड़ौती क्षेत्र में अमरूद, नारंगी और भविष्य में अनार जैसी फसलों की अच्छी संभावनाएं हैं। इन फसलों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और बागवानी को बढ़ावा देने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।