Saturday, April 11, 2026
Home Blog Page 4

इंदौर नगर निगम की बैठक में कांग्रेस पार्षद का वंदे मातरम् गाने से इनकार पर हंगामा

इंदौर। नगर निगम की बजट बैठक में कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। पार्षद फौजिया शेख ने इस्लामी मान्यताओं और संवैधानिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए ‘वंदे मातरम्’ गाने से मना कर दिया। इसको लेकर हंगामा हो गया।

भाजपा पार्षदों ने जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। विवाद बढ़ने पर सभापति ने उन्हें सदन से बाहर जाने का निर्देश दिया। फौजिया का आरोप है कि बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उन्हें मजबूर किया गया। कांग्रेस पार्टी ने इसे पार्षद की व्यक्तिगत राय बताते हुए खुद को विवाद से अलग कर लिया है।

बताया जाता है कि इंदौर नगर निगम की बजट बैठक के दौरान बुधवार को कांग्रेस की एक महिला पार्षद फौजिया शेख ने इस्लामी मान्यताओं का हवाला देते हुए ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। इससे सत्तारूढ़ भाजपा के पार्षद नाराज हो गए। भाजपा पार्षदों ने सभापति मुन्नालाल यादव की आसंदी के पास पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। हंगामे के बीच सभापति ने फौजिया को सदन से बाहर चले जाने के निर्देश दिए।

कांग्रेस पार्षद ने कहा कि उनका धर्म उनको वंदे मातरम् गाने की इजाजत नहीं देता है। उन्होंने कहा कि एक नागरिक के रूप में संविधान ने उन्हें पूरी धार्मिक स्वतंत्रता दी है। ऐसे में कोई भी उनको वंदे मातरम् गाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है। विवाद बढ़ने पर फौजिया ने सफाई दी कि वह राष्ट्रगीत का सम्मान करती हैं और हमेशा करती रहेंगी।

–ताकि वंदे मातरम् नहीं गाना पड़े
कांग्रेस पार्षद ने कहा कि वह नगर निगम की बैठक में गंदे पानी की समस्या पर बात करने के लिए खड़ी हुई थीं लेकिन भाजपा पार्षदों ने मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए उनसे पहले वंद मातरम् गाने के लिए कहा। वहीं मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेस पार्षद की ओर से वंदे मातरम् नहीं गाने को अफसोसजनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम जान-बूझकर बैठक में देरी से आती हैं ताकि उन्हें सबके साथ राष्ट्र गीत वंदे मातरम् नहीं गाना पड़े।

कांग्रेस ने झाड़ा पल्ला
इस पूरे विवाद पर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद चिंटू चौकसे ने अपना पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् पर फौजिया की निजी राय से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।

लेबनान पर इजरायली हमलों व रक्तपात से ईरान भड़का, होर्मुज समुद्री मार्ग फिर बंद

तेहरान/इस्लामाबाद। Ceasefire Violation: लेबनान पर इजरायल के हमलों और भीषण रक्तपात से ईरान भड़क गया है। उसने इसे सीजफायर का उल्लंघन करार दिया है और फिर से होर्मुज समुद्री मार्ग को बंद कर दिया है। दूसरी तरफ, ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से भी कन्नी काटने के संकेत दिए हैं।

40 दिनों की ईरान जंग के बाद बुधवार (भारतीय समयानुसार 8 अप्रैल) की अगले सुबह जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया, तब पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली लेकिन पाकिस्तान की मध्यस्थता वाले इस युद्ध विराम को अमेरिकी सहयोगी देश इजरायल ने 24 घंटे से भी कम समय के अंदर फुस्स कर दिया।

दरअसल, इजरायल ने ईरान के सहयोगी लेबनान पर अब तक का सबसे भयानक हमला किया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इजरायली बलों ने लेबनान में हिज्हुल्लाह के ठिकानों पर 10 मिनट के अंदर 100 से ज्यादा हमले किए हैं, जिसमें कम से कम 254 लोग मारे गए हैं और 1,165 अन्य घायल हो गए हैं। हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटर पर भी इजरायली बलों ने मिसाइलें दागीं और बमों की बौछार कर दिए।

लेबनान पर इजरायल के इन हमलों और भीषण रक्तपात से ईरान भड़क गया है। उसने इसे सीजफायर का उल्लंघन करार दिया है और फिर से होर्मुज समुद्री मार्ग को बंद कर दिया है। दूसरी तरफ, ईरान ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से भी कन्नी काटने के संकेत दिए हैं।

पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोगदम ने अपने उस सोशल मीडिया पोस्ट को डिलीट कर दिया है, जिसमें उन्होंने वार्ता में शामिल होने के लिए ईरानी डेलीगेट्स के पाकिस्तान में पहुंचने की जानकारी दी थी।

इससे संकेत मिल रहे हैं कि लेबनान पर इजरायल के हमले ने ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली शांति वार्ता पर न केवल संशय के बादल फेर दिए हैं बल्कि पाकिस्तान के प्लान को भी फुस्स कर दिया है। बता दें कि पाकिस्तान इस सीजफायर के लिए अपनी पीठ थपथपा रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट में कहा गया है कि बुधवार को इजरायली विमानों ने मध्य बेरूत के मज़रा, मनारा, ऐन अल मरेसेह और बरबोर इलाकों के साथ-साथ दक्षिणी उपनगरों के आठ इलाकों पर हमला किया।

तुर्की भी आया समर्थन में
इस बीच, लेबनानी आंदोलन हिजबुल्लाह ने कहा कि इजरायल द्वारा लेबनान पर की गई बमबारी आंदोलन को जवाबी कार्रवाई का अधिकार देती है। उधर, तुर्की ने भी लेबनान पर इजरायल के हमलों की निंदा की है, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग हताहत हुए हैं। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “हम लेबनान पर इजरायल के बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा करते हैं जिनके परिणामस्वरूप भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। ये हमले देश में मानवीय स्थिति को और भी बदतर बना रहे हैं।”

इजरायल का सीजफायर उल्लंघन से इनकार
मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में घोषित युद्धविराम के बावजूद, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार शांति एवं स्थिरता स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को लगातार कमजोर कर रही है। बयान में कहा गया कि तुर्की ने लेबनान की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। हालांकि, इजरायल ने लेबनान पर किए अपने हमलों को सीजफायर का उल्लंघन मानने से इनकार कर दिया है। उसका दावा है कि सीजफायर की शर्तों में लेबनान का जिक्र नहीं है। अमेरिका ने भी यही बात कही है, इसलिए इस्लामाबाद वार्ता खटाई में पड़ती दिख रही है।

जोधपुर-भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस अब 14 अप्रैल से एलएचबी रेक से होगी संचालित

कोटा। गाड़ी सं. 14813/14814 जोधपुर–भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस अब 14 अप्रैल से एलएचबी रेक से होगी संचालित होगी। इससे यात्रियों को बेहतर सुरक्षा, आरामदायक सफर और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि कोटा मंडल से गुजरने वाली गाड़ी सं. 14813/14814 जोधपुर–भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस के पुराने आईसीएफ रेक को अत्याधुनिक एलएचबी (लिंके-होफमान-बुश) रेक से प्रतिस्थापित किया जा रहा है।

यह परिवर्तन गाड़ी सं. 14813 के लिए जोधपुर से 14 अप्रैल एवं गाड़ी सं. 14814 के लिए भोपाल से 15 अप्रैल से प्रभावी होगा।

नई एलएचबी रेक में 1 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी डिब्बा, 3 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी डिब्बे, 2 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी इकॉनॉमी डिब्बे, 7 शयनयान श्रेणी डिब्बे, 4 सामान्य श्रेणी डिब्बे सहित कुल 19 डिब्बे होंगे। पूर्व में यह गाड़ी 17 डिब्बों के आईसीएफ रेक से संचालित हो रही थी।

एलएचबी कोच आधुनिक एंटी-क्लाइंबिंग तकनीक से निर्मित हैं, जो दुर्घटना की स्थिति में टेलीस्कोपिंग को रोकते हैं तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इन डिब्बों में उन्नत हाइड्रोलिक सस्पेंशन प्रणाली होने से सफर अधिक आरामदायक एवं झटकारहित रहता है।

सीजफायर टूटने की आशंका से सेंसेक्स 931 अंक लुढ़क कर 76631 पर बंद,

नई दिल्ली। Stock Market Closed: पश्चिम एशिया में सीजफायर टूटने की आशंका के कारण एशियाई बाजारों में गिरावट रही। इसका असर भारत में भी दिखा। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के अंत में 931.25 अंक यानी 1.20% गिरावट के साथ 76,631.65 अंक पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 222.25 अंक यानी 0.93% फिसलकर 23,775.10 अंक पर आ गया।

कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,000 अंक से अधिक लुढ़क गया था जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स 23,800 अंक से नीचे फिसल गया। बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) गुरुवार को 300 से ज्यादा अंक गिरकर 77,319 पर खुला। सुबह 9:30 बजे यह 179.42 अंक या 0.23 प्रतिशत की गिरावट लेकर 77,383.48 पर था।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी कमजोर शुरुआत के साथ 23,909 अंक पर खुला। सुबह 9:31 बजे यह 52.90 अंक या 0.22 फीसदी की गिरावट के साथ 23,944.45 पर ट्रेड कर रहा था।

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
सेंसेक्स के 19 शेयर गिरावट के साथ खुले। बजाज फाइनेंस, अडानी पोर्ट्स, बीईएल, इन्फोसिस, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट आई। दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, ट्रेंट, एसबीआई, पावरग्रिड, टीसीएस और आईटीसी के शेयरों में तेजी रही। इससे पहले लगातार पांच दिन शेयर बाजार में तेजी रही।

अमरीका में उत्पादन बढ़ने की संभावना से सोयाबीन का भाव नरम रहने का अनुमान

शिकागो। अमरीका में इस बार मक्का के कुछ परम्परागत बिजाई क्षेत्र पर सोयाबीन का रकबा हो सकता है। चीन में अमरीकी सोयाबीन का आयात बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं जिससे किसानों का उत्साह एवं आकर्षण बढ़ा है।

अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 4 प्रतिशत बढ़कर 847 लाख एकड़ पर पहुंच जाने का अनुमान है।

रिपोर्ट के मुताबिक अमरीका के जिन 29 राज्यों में सोयाबीन की खेती होती है उसमें से 20 प्रांतों में क्षेत्रफल या तो गत वर्ष के बराबर या उससे अधिक रह सकता है। उधर इंटरनेशनल ग्रेन्स कौंसिल ने सोयाबीन का वैश्विक उत्पादन 2025-26 सीजन के 42.59 करोड़ टन से बढ़कर 2026-27 के सीजन में 44.23 करोड़ टन पर पहुंच जाने की संभावना व्यक्त की है जो एक नया रिकॉर्ड स्तर होगा।

एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी के मुताबिक चालू वर्ष के आरंभ से अब तक शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबोट) में सोयाबीन के वायदा भाव में करीब 12 प्रतिशत का इजाफा हो चुका है। एजेंसी ने अगले माह के लिए इस महत्वपूर्ण तिलहन का वायदा मूल्य 11.30 डॉलर प्रति बुशेल रहने का अनुमान लगाया है जो गत वर्ष से 7.7 प्रतिशत ज्यादा है।

एजेंसी का कहना है कि अगला उत्पादन बेहतर होने पर चालू वर्ष की अंतिम तिमाही में सोयाबीन का भाव कुछ और नरम पड़ सकता है। उधर ब्राजील में सोयाबीन का उत्पादन तेजी से उछलकर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है।

इससे चीन के सोयाबीन बाजार में अमरीका और ब्राजील के बीच कठिन प्रतिस्पर्धा रह सकती है। एजेंसी के मुताबिक अक्टूबर-दिसम्बर 2026 की तिमाही में जब अमरीका में नई फसल की जोरदार आवक होगी तब सोयाबीन का औसत वायदा मूल्य गिरकर 11.05 डॉलर प्रति बुशेल पर आ सकता है।

Crude Oil: होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका और ईरान में तकरार बढ़ने से कच्चा तेल उछला

नई दिल्ली। Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में सीजफायर से बुधवार को कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट आई थी। लेकिन इसमें तेजी दिख रही है। इसकी वजह यह है कि पश्चिम एशिया से तेल की सप्लाई को लेकर अब भी चिंताएं बनी हुई हैं।

ईरान का कहना है कि वह होर्मुज स्टेट से रोजाना केवल 12 जहाजों को गुजरने देगा और उनसे टोल वसूलेगा। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। अमेरिका इसे पूरी तरह खोलने और टोल फ्री बनाने की बात कर रहा है जबकि ईरान इस पर अपनी पकड़ ढीली नहीं करना चाहता है। इसी कारण आज फिर तेल की कीमत में तेजी आई है।

ब्रेंट क्रूड 2.86 फीसदी की तेजी के साथ 97.46 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिकन बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3.56 फीसदी तेजी के साथ 97.77 डॉलर पर पहुंच गया।

दोनों बेंचमार्क की कीमत पिछले सत्र में 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई थी। डब्ल्यूटीआई में तो अप्रैल 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। सीजफायर के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल होने की उम्मीद जगी थी।

सबसे बड़ा तेल संकट
लेकिन होर्मुज स्ट्रेट से बुधवार को केवल 4 जहाज गुजरे। इससे निवेशकों की हताशा बढ़ गई है और कच्चा तेल एक फिर उछलने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट की ग्लोबल ऑयल सप्लाई में करीब 20 फीसदी हिस्सेदारी है। यही वजह है कि इसे अब तक का सबसे बड़ा तेल संकट माना जा रहा है। इराक, सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे देश इसी रास्ते अपना तेल भेजते हैं। इसके बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी जो 2022 के बाद इसका उच्चतम स्तर था।

‘धुरंधर’ के निर्माता आदित्य धर पर पाक में मुकदमे की तैयारी, जानिए क्या है मामला

मुंबई। चौधरी असलम की पत्नी नौरीन ने एक इंटरव्यू में धुरंधर फिल्म के निर्माता आदित्य धर के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया है। उनका कहना है कि वह केस भी करेंगी। हालांकि धुरंधर’ फिल्म अपने कई किरदारों और असल जिंदगी में उनके व्यक्तित्व को लेकर भी सुर्खियों में है।

आदित्य धर की इस स्पाई थ्रिलर में संजय दत्त ने पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी चौधरी असलम का किरदार निभाया है। अब चौधरी असलम की पत्नी नौरीन असलम ने उनके बारे में कई सारी बातें की हैं। पहले तो उन्होंने फिल्म में उनके किरदार की खूब तारीफ की थी, लेकिन अब उनके बोल बदल गए हैं।

नौरीन के लिए, ‘धुरंधर 2’ देखना सिर्फ एक फिल्म देखने से कहीं अधिक था, यह उन्हें उनके पति की याद दिलाता था और संजय दत्त की एक्टिंग कमाल थी, लेकिन अब नौरीन ने कहा है कि फिल्म में कुछ बातों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया।

नौरीन ने बातचीत में बताया, ‘तीन-चार सीन ऐसे थे, जब मुझे लगा कि असलम मेरे सामने हैं। लेकिन फिल्म में एक शॉट में जब बम धमाका हुआ, तो मैं आगे नहीं देख सकी। फिल्म में एक सीन गलत है, जिसमें वह बलूच बच्चों को पीटते हैं। फिल्म में दिखाया गया कि असलम बलूचों के दुश्मन हैं, लेकिन असलियत में ऐसा नहीं था। वह सिर्फ अपराधियों के खिलाफ थे। उन्होंने कभी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया।’

रहमान डकैत से नहीं डरते थे असलम
असलम की मौत को लेकर नौरीन ने कहा, ‘वे कहते थे कि मैं गोली से नहीं, बम ब्लास्ट से मरूंगा और वही हुआ। उन्होंने तालिबान के खिलाफ कई ऑपरेशन किए थे। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने फोन करके कहा था कि चौधरी असलम हमारे रास्ते से हट जाओ। तालिबानियों को कराची में चौधरी से ही खतरा था। लेकिन मेरे पति ने उनकी बात नहीं मानी।’

उन्होंने फोन पर उन लोगों को 20 मिनट तक खरी-खोटी सुनाई थी। चौधरी असलम अपनी पूरी जिंदगी रहमान डकैत से नहीं डरे। अगर वे डरते तो मैं आज अमेरिका या इंग्लैंड में रह रही होती। मैं फिलहाल पाकिस्तान में ही हूं।

बलूचों वाले विवादित डायलॉग पर बोलीं
बलूचों वाले विवादित डायलॉग पर उनकी पत्नी ने कहा, ‘मेरे पति बलूचों के विरोधी नहीं थे। आज भी ल्यारी में कई लोग उनका सम्मान करते हैं। 200 बलूच महिलाएं उनकी पुण्यतिथि पर हमारे घर आई थीं। वे केवल अपराधियों के खिलाफ थे, उन्होंने कभी आम लोगों को परेशान नहीं किया। भले ही वे बलूच हों या नहीं।’

परिवार से नहीं ली गई इजाजत
आदित्य धर से नौरीन काफी नाराज हैं। उनका कहना ये भी है कि फिल्म बनाने से पहले उन्होंने असलम के किरदार को लेकर पत्नी से कोई बात नहीं की। हमसे इजाजत नहीं ली गई। टीजर आने के बाद हमें पता चला कि ऐसी कोई फिल्म बन रही है। उन्होंने चौधरी असलम की एंट्री वाले गाने पर 46 लाख रुपए खर्च किए। अब मैंने तय किया है कि इस मामले में मैं आदित्य धर को वकील के जरिए नोटिस भेजूंगी।
नौरीन, एसपी असलम की पत्नी

आदित्य धर को नोटिस भेजेंगी नौरीन
आदित्य धर को लेकर उन्होंने कहा, ‘मैं उनसे 25 करोड़ रुपये मुआवजा मांगूंगी। अगर फिल्म 1500 करोड़ रुपए कमा चुकी है, तो 25 करोड़ उसके मुकाबले बहुत छोटी रकम है। लोगों ने तो मुझे यह भी कहा है कि कुल कमाई का 40% लेना आपका हक है। आदित्य धर खुद मान जाते हैं तो ठीक है, नहीं तो मैं कोर्ट के जरिए कार्रवाई करूंगी।’

अमरीका-ईरान में सीजफायर से क्रिप्टो मार्केट में रौनक, बिटकॉइन 3 हफ्ते के हाई पर

नई दिल्ली। Bitcoin Price 9 April 2026 : ईरान-अमेरिका युद्ध में सीजफायर के बाद बिटकॉइन की कीमतें तीन हफ्ते के हाई पर पहुंच गई हैं। न्यूयॉर्क ट्रेडिंग में बिटकॉइन 5% चढ़कर 72,841 डॉलर तक पहुंच गया, जो 18 मार्च के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, बाद में इसमें हल्की मुनाफावसूली भी देखने को मिली।

ईथर और अन्य क्रिप्टो में भी उछाल: तेजी सिर्फ बिटकॉइन तक सीमित नहीं रही। ईथेरियम भी 7.5% उछलकर 2,273 डॉलर तक पहुंच गया। यानी पूरे क्रिप्टो मार्केट में निवेशकों का भरोसा लौटा है।

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले रोकने के फैसले ने ग्लोबल मार्केट में पॉजिटिव माहौल बना दिया। इसके बाद शेयर बाजारों में तेजी आई और कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 95 डॉलर से नीचे आ गईं। होर्मूज स्ट्रेट के फिर से खुलने की उम्मीद ने निवेशकों का डर कम किया, जिससे जोखिम वाले ऐसेट्स जैसे क्रिप्टो में खरीदारी बढ़ी।

टूट सकता है ट्रेंड
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह तेजी स्थायी नहीं भी हो सकती। अगर सीजफायर टूटता है, तो बिटकॉइन फिर से गिरकर 66,000 डॉलर तक जा सकता है। युद्ध शुरू होने के बाद से बिटकॉइन 60,000 से 75,000 डॉलर के बीच ही झूल रहा है।

शॉर्ट सेलर्स को झटका
तेजी ने उन ट्रेडर्स को नुकसान पहुंचाया, जो गिरावट पर दांव लगा रहे थे। डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा की शॉर्ट पोजीशन खत्म हो गईं। ब्लूमबर्ग ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया है कि अगर कीमत 73,500 डॉलर के ऊपर टिकती है, तो बिटकॉइन 80,000 डॉलर तक जा सकता है। ब्लॉकचेन डेटा के अनुसार, अभी स्पॉट मार्केट में मांग उतनी मजबूत नहीं है।

गूगल का यह सबसे पॉपुलर फोन 23 हजार रुपये सस्ता हुआ, जानिए ऑफर्स और कीमत

नई दिल्ली। Google Pixel 8a फोन का टॉप वेरिएंट इस समय पूरे 23,000 रुपये सस्ता मिल रहा है। यह अपनी लॉन्च प्राइस से हजारों रुपये सस्ता मिल रहा है। ई-कॉमर्स लिस्टिंग के अनुसार, अब केवल दो ही यूनिट स्टॉक में बचे हैं, यानी अगर आपको यह फोन कम कीमत में चाहिए, तो जल्दी इस डील का फायदा उठाना पड़ेगा।

सबसे पहले यह जान लीजिए कि लॉन्च के समय, फोन के 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 52,999 रुपये और 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 59,999 रुपये थी। फोन को चार कलर्स – एलो, बे, ओब्सीडियन, और पोर्सिलेन में लॉन्च किया गया था। दोनों में मॉडल में स्टैंडर्ड 8GB रैम है।

इस समय, Amazon पर फोन का टॉप यानी 256GB वेरिएंट केवल 36,750 रुपये में मिल रहा है, यानी अपनी लॉन्च प्राइस से सीधे 23,249 रुपये सस्ता। इस कीमत में फोन का का ब्लैक (Obsidian) कलर वेरिएंट ही मिल रहा है।

बैंक और एक्सचेंज ऑफर का लाभ लेकर इसकी कीमत को और कम किया जा सकता है। अमेजन फोन पर 34,900 रुपये तक का एक्सचेंस बोनस ऑफर कर रहा है। ऑफर्स की डिटेल आप अमेजन पर जाकर चेक कर लें और आपको यह सलाह भी दी जाती है कि खरीदारी करने से पहले सभी ऑफर्स के बारे में अच्छे से जांच पड़ताल कर लें।

Google Pixel 8a के फीचर्स
गूगल पिक्सेल 8a में ग्लास (स्क्रीन), पॉलीकार्बोनेट (रियर पैनल) और एल्युमीनियम (फ्रेम) से बना डिजाइन दिया गया है। इसका डिजाइन, पिक्सेल 8 और पिक्सेल 8 प्रो से काफी मिलता-जुलता है। फोन धूल और पानी से सुरक्षित रहने के लिए IP67 सर्टिफिकेशन के साथ आता है। 188 ग्राम वजनी इस फोन की डाइमेंशन 152.1×72.7×8.9 एमएम यानी इसकी मोटाई 8.9 एमएम है।

फोन में 6.1 इंच का फ्लैट सुपर एक्टुआ डिस्प्ले है, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि यह पहला ए-सीरीज फोन है जिसमें यह डिस्प्ले है। हालांकि, यह OLED पैनल 120 हर्ट्ज पर रिफ्रेश होता है। डिस्प्ले पर कॉर्निंग के गोरिल्ला ग्लास 3 का प्रोटेक्शन मिलता है।

गूगल ने Pixel 8a में टेंसर G3 (टाइटन M2 सिक्योरिटी कोप्रोसेसर के साथ) प्रोसेसर दिया है। यह कई AI फीचर्स का सपोर्ट मिलता है, जिसमें सर्किल टू सर्च, AI इमेज एडिटिंग (मैजिक एडिटर), ऑडियो मैजिक इरेजर, बेस्ट टेक और बहुत कुछ शामिल है। फोन में स्टैंडर्ड 8GB LPDDR5x रैम है।

फोटोग्राफी के लिए, फोन में पीछे की तरफ, 64-मेगापिक्सेल का मेन कैमरा और 13-मेगापिक्सेल का अल्ट्रावाइड कैमरा है। सेल्फी के लिए, फोन में 13-मेगापिक्सेल का फ्रंट फेसिंग कैमरा भी है। फोन में 18W वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 4492mAh की बैटरी है। इसमें वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है।

फोन में वाई-फाई 6, ब्लूटूथ 5.3, एनएफसी, यूएसबी टाइप-सी पोर्ट और सामान्य जीपीएस नेविगेशन सिस्टम का सपोर्ट मिलता है। फोन में केवल एक फिजिकल सिम कार्ड और एक वर्चुअल ई-सिम के लिए जगह है। फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट रीडर या फेस अनलॉक मिलता है।

Gold Price: MCX पर चांदी के भाव 2% टूटे, सोना भी फिसला, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: कमोडिटी मार्केट में गुरुवार को सोना और चांदी दोनों में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर चांदी करीब 2% गिरकर ₹2,35,133 प्रति किलो पर आ गई, जबकि सोना 0.7% यानी ₹1,129 टूटकर ₹2,39,918 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

इंटरनेशनल मार्केट में भी यही ट्रेंड देखने को मिला। स्पॉट सिल्वर 73.83 डॉलर प्रति औंस पर फिसल गई, जबकि सोना 4,715 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर, लेकिन दबाव में रहा।

सोने-चांदी में गिरावट के कारण

सीजफायर पर संशय
सोना-चांदी के भाव में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच घोषित युद्धविराम पर बढ़ती अनिश्चितता है। हालात, पूरी तरह शांत नहीं हैं। इजरायल द्वारा लेबनान में बड़े हमले और ईरान की चेतावनी ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है, जिससे ग्लोबल सप्लाई को लेकर डर बना हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी
कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिली है। ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों $97 प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहे हैं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ता है, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरें ऊंची रख सकते हैं। यही वजह है कि सोना और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले निवेश दबाव में आ जाते हैं।

डॉलर और फेड की नीति का असर
डॉलर इंडेक्स में स्थिरता भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रही है। मजबूत डॉलर से सोना-चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे उनकी मांग कम होती है। वहीं, फेडरल रिजर्व के संकेत भी बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो ब्याज दरों में कटौती टल सकती है या बढ़ोतरी भी हो सकती है।

निवेशकों की नजर अहम डेटा पर
बाजार अब अमेरिकी महंगाई (PCE) डेटा और जॉब्लेस क्लेम्स पर टिकी है। ये आंकड़े तय करेंगे कि आगे फेड की नीति क्या रहेगी और सोना-चांदी का रुख किस दिशा में जाएगा।