ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम से सहमा बाजार, निफ्टी 22512 अंक पर बंद
नई दिल्ली। Stock Market Closed March 23, 2026 : वैश्विक बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (23 मार्च) को बड़ी गिरावट में बंद हुए। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1836.57 अंक या 2.46 प्रतिशत गिरकर 72,696.39 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 601.85 अंक या 2.60 प्रतिशत गिरकर 22,512 बंद हुआ।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ईरान को अल्टीमेटल के बाद दुनियाभर के बाजारों में गिरावट आई। इसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा। ट्रम्प ने शनिवार देर रात चेतावनी दी कि अगर ईरान 48 घंटे के अंदर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (समुद्री रास्ता) पूरी तरह से नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा। इसके अलावा इंडेक्स हैवीवेट एचडीएफसी बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट का भी बाजार पर नेगेटिव असर पड़ा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) बड़ी गिरावट लेकर 73,732 पर खुला। खुलते ही इंडेक्स में बिकवाली और बढ़ गई। कारोबार के दौरान यह 72,558 अंक तक गिर गया था। अंत में 1836.57 अंक या 2.46 फीसदी की गिरावट लेकर 72,696.39 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 22,824 पर खुला और खुलते ही 22700 के नीचे फिसल गया। इंट्रा-डे ट्रेड में यह 22,471.25 लो तक गया। अंत में 601.85 अंक या 2.60 प्रतिशत गिरकर 22,512 पर बंद हुआ।
टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में टाइटन सबसे ज्यादा 7 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। ट्रेंट लिमिटेड, अल्ट्रा सीमेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, इंडिगो, अदाणी पोर्ट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा सबसे ज्यादा गिरे। दूसरी तरफ, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड और टेक महिंद्रा हरे निशान में रहे।
ब्रोडर मार्केटस का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स से भी कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 3.69 प्रतिशत और 4.16 प्रतिशत गिर गए। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी कंस्ट्रक्शन ड्यूरेबल में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और यह सबसे अधिक नुकसान में रहने वाला इंडेक्स रहा। निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मेटल सेक्टर का प्रदर्शन भी खराब रहा। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी आईटी सेक्टर ने सबसे कम नुकसान के साथ बेहतर प्रदर्शन किया।
निवेशकों के ₹13 लाख करोड़ डूबे
निवेशकों की संपत्ति में करीब 13 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों का असर बाजार पर पड़ा। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,15,03,541 करोड़ रुपये रह गया। यह शुक्रवार को बाजार बंद होने पर 428.78 लाख करोड़ रुपये था।

