सेंसेक्स 1470 अंक लुढ़ककर 74563 पर बंद, निवेशकों के 10 लाख करोड़ डूबे

0
9

नई दिल्ली। Stock Market Closed 13 March: ईरान युद्ध का भारतीय शेयर मार्केट पर बुरा असर दिखाई दे रहा है। शुक्रवार 13 मार्च को लगातार तीसरे दिन बाजार में बड़ी गिरावट रही। सेंसेक्स 1400 अंक से ज्यादा अंक गिरकर बंद हुआ। मार्केट में गिरावट से निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ।

सेंसेक्स 1.93 प्रतिशत या फिर 1470.50 अंक की गिरावट के बाद 74563.92 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 2.06 प्रतिशत या फिर 488.05 अंक की गिरावट के बाद 23151.10 अंक पर बंद हुआ है।

बता दें, सेंसेक्स का इंट्रा-डे लो लेवल 74454.60 अंक और निफ्टी का इंट्रा-डे लो लेवल 23,112 अंक रहा है। एलटी के शेयरों में सबसे अधिक 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, टाटा स्टील के शेयरों की कीमतों में 5.30 प्रतिशत, एसबीआई के शेयरों में 3 प्रतिशत और बीईएल, मारुति, अल्ट्राटेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आज दर्ज की गई है।

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में एलएंडटी का शेयर सबसे ज्यादा 7.5 प्रतिशत टूट गया। टाटा स्टील, एसबीआई, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, मारुति, अल्ट्रा सीमेंट, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, इटरनल और इंडिगो प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, सिर्फ हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारती एयरटेल हरे निशान में रहे।

बाजार में गिरावट की वजह

  • फिर लटक सकती है यूएस-इंडिया डील
    रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने को कुछ महीनों के लिए टालने का फैसला किया है। इसका कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के व्यापारिक साझेदार देशों के साथ कथित तौर पर ज्यादा औद्योगिक क्षमता को लेकर नई जांच शुरू करना है। इससे पिछले महीने बनी शुरुआती सहमति के बाद फिर से तनाव बढ़ गया है।
  • ईरान-यूएस संकट लंबा चलने की आशंका
    अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय तक चलने वाले संभावित संघर्ष की चिंता के कारण नकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच गिरावट का सिलसिला जारी है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक बयान में कहा कि दुश्मन ताकतों पर अतिरिक्त दबाव बनाने के लिए होरमुज़ जलडमरूमध्य को बंद ही रखा जाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने इसे दुश्मनों पर दबाव बनाने के लिए एक ‘रणनीतिक साधन’ के रूप में इस्तेमाल करने की बात कही।
  • FIIs की तेज बिकवाली
    पहले से ही बिकवाल बने हुए विदेशी निवेशकों ने ईरान और अमेरिका में तनाव के बीच अपनी बिकवाली तेजी कर दी है। इसके चलते इंडेक्स में भारी वजन रखने वाले शेयर गिर रहे हैं और इसका बाजार की चाल पर बड़ा असर पड़ रहा है। बेंचमार्क सूचकांकों की तरह व्यापक बाजारों में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक क्रमशः 2.62 प्रतिशत और 2.52 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मेटल सूचकांक करीब 5 प्रतिशत गिरकर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी मीडिया सूचकांकों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा।