Stock Market: टैरिफ की चिंता में सेंसेक्स 534 अंक टूटा, निफ्टी 24800 के नीचे

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नई दिल्ली। Stock Market Opened : वैश्विक बाजारों से सुस्त संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (26 अगस्त) को गिरावट में खुले। अमेरिका ने भारत से आयात पर टैरिफ लगाने की ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इससे निवेशकों में चिंता गहरा गई और टैरिफ कम होने या स्थगित होने की उम्मीदें धूमिल हो गई।

बाजार के जानकारों का कहना है कि निवेशक अभी भी ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में हैं। उनका मुख्य फोकस 27 अगस्त की टैरिफ समय-सीमा और अगले महीने के अंत में अपेक्षित वस्तु एवं सेवा कर (GST) को रेशनलाइज बनाने पर है।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 200 से ज्यादा अंक की गिरावट लेकर 81,377.39 पर खुला। खुलते ही इसमें बिकवाली गहरा गई। सुबह 9:30 बजे यह 534.30 अंक या 0.65 फीसदी की गिरावट लेकर 81,101.61 पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 (Nifty50) भी गिरावट के साथ 24,899 पर खुला। खुलते ही इंडेक्स में बिकवाली हावी हो गई। सुबह 9:30 बजे यह 180 अंक या 0.72 फीसदी की गिरावट के साथ 24,787 पर कारोबार कर रहा था।

निवेशकों का फोकस आज अमेरिका की तरफ से जारी नोटिस पर रहेगा। अमेरिका ने भारत से इम्पोर्ट पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दी है। यह नया टैरिफ 27 अगस्त, 2025 की सुबह 12:01 बजे (EST) से लागू होगा। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि भारत रूस से तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध में मास्को को फाइनेंशियल मदद दे रहा है।

यह 50% टैरिफ, 1 अगस्त से पहले लगाए गए 25% रेसिप्रोकल टैरिफ में शामिल अतिरिक्त शुल्क के साथ लागू होगा। इसका प्रभाव भारत के 87 अरब डॉलर (लगभग 7.3 लाख करोड़ रुपये) के अमेरिकी निर्यात पर पड़ सकता है। इसमें कपड़ा, रत्न और आभूषण, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, रसायन और ऑटो पार्ट्स जैसे उद्योग सबसे अधिक प्रभावित होंगे। हालांकि, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर्स और ऊर्जा संसाधन जैसी कुछ महत्वपूर्ण श्रेणियों को इससे छूट दी गई है।

अमेरिकी ट्रेड वार्ताकारों की भारत यात्रा रद्द
अमेरिकी ट्रेड वार्ताकारों की 25-29 अगस्त तक प्रस्तावित नई दिल्ली यात्रा रद्द कर दी गई है। इससे टैरिफ कम होने या स्थगित होने की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं। 50% के भारी टैरिफ का अर्थ यह होगा कि भारतीय वस्तुओं को अमेरिका के सबसे ज्यादा टैरिफ में से एक का सामना करना पड़ेगा। इससे वियतनाम और बांग्लादेश जैसे क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले भारतीय वस्तुओं को काफी नुकसान होगा।

वैश्विक बाजारों का हाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेडरल रिजर्व के बीच बढ़ते विवाद के चलते एशिया के ज़्यादातर इक्विटी बेंचमार्क डॉलर के साथ-साथ गिरे। MSCI AC एशिया पैसिफिक में 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसकी वजह जापान का निक्केई (1.09 प्रतिशत की गिरावट) और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (0.86 प्रतिशत की गिरावट) में आई गिरावट रही।