नई दिल्ली। Stock Market Update: अमेरिका और ईरान के बीच जारी लंबे संघर्ष का असर अब वैश्विक शेयर बाजारों के साथ भारत के बाजारों पर भी साफ दिख रहा है। सोमवार सुबह बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई।
सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर निफ्टी-50 करीब 1.23 प्रतिशत यानी 303.30 अंक गिरकर 22,516.30 पर कारोबार करता दिखा। वहीं सेंसेक्स भी 1.38 प्रतिशत यानी 1,018.76 अंक टूटकर 72,560 के स्तर पर पहुंच गया।
ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी रही। निफ्टी मिडकैप में लगभग 1.95 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 2.31 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। सेक्टर की बात करें तो निफ्टी बैंक और निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे ज्यादा दबाव रहा। दूसरी ओर निफ्टी मेटल ने बेहतर प्रदर्शन किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। एशियाई कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड में बढ़त दर्ज की गई। इसकी वजह सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता है। यमन के हूती विद्रोहियों ने भी संघर्ष में शामिल होते हुए शनिवार को इजरायल पर मिसाइल हमले किए हैं।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही संघर्ष विराम हो सकता है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का मार्च कॉन्ट्रैक्ट 3.36 प्रतिशत बढ़कर 114.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं सोना और चांदी के वायदा भाव में गिरावट देखी गई। सोना करीब 2 प्रतिशत और चांदी 1.32 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रही थी।
ग्लोबल मार्केट के संकेत
वैश्विक स्तर पर तनाव और धीमी आर्थिक वृद्धि तथा महंगाई को लेकर चिंता के चलते एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सबसे ज्यादा गिरा और इसमें करीब 5.3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। जापान के निक्केई 225 और चीन के CSI 300 में भी क्रमशः 4.36 प्रतिशत और 1.2 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई।
अमेरिकी बाजार भी दबाव में बंद हुए। United States के S&P 500 में 1.06 प्रतिशत और डाउ जोन्स में 1.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड एशियाई सेशन में बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। इसका मार्च कॉन्ट्रैक्ट करीब 3.36 प्रतिशत बढ़कर 116.12 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। कीमतों में यह उछाल आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण आया है, क्योंकि यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इस संघर्ष में शामिल होकर मिसाइल हमले किए।

