Stock Market: सेसेक्स 321 अंक चढ़कर 81633 पर, निफ्टी 24800 के पार बंद

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नई दिल्ली। Stock Market Closed: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को हरियाली लौट आई। उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान पर बंद होने में सफल रहे। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन सेंसेक्स 320.70 अंक चढ़कर 81,633.02 पर जबकि निफ्टी 81.15 अंक बढ़कर 24,833.60 पर बंद हुआ।

अमेरिकी ट्रेड कोर्ट की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के टैरिफ बिल पर रोक लगाने के बाद आईटी स्टॉक्स (IT Stocks) में तेजी से बाजार को पुश मिला। विदेशी निवेशकों (FIIs) की खरीदारी और वैश्विक व्यापार तनाव में कमी के कारण निफ्टी और सेंसेक्स में अप्रैल के निचले स्तर से क्रमशः लगभग 13 प्रतिशत और 14 फीसदी चढ़ गए हैं।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 200 से ज्यादा अंक चढ़कर 81,591.03 पर ओपन हुआ। खुलते ही इसमें तेजी देखने को मिली। हालांकि, बाद में यह लाल निशान में फिसल गया। अंत में यह 320.70 अंक या 0.39% की बढ़त लेकर 81,633.02 पर क्लोज हुआ।

इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी मजबूती के साथ 24,825.10 पर ओपन हुआ। कारोबार के दौरान यह 24,677.30 अंक तक गिर गया था। अंत में यह 81.15 अंक या 0.33% की मजबूती के साथ 24,833.60 पर बंद हुआ।

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में 30 में से 24 शेयरों में तेजी रही। इंडसइंड बैंक, सन फार्मा, इटरनल, अदाणी पोर्ट्स और टाटा स्टील प्रमुख रूप से बढ़त में बंद हुए। दूसरी तरफ, बजाज ट्विन्स, एशियन पेंट्स, आईटीसी, टीसीएस और एनटीपीसी के शेयर गिरावट में बंद हुए।

13 प्रमुख सेक्टर में से दस में तेजी
घरेलू बाजार में 13 प्रमुख सेक्टर में से दस में तेजी आई। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनियों में 0.8% तक की तेजी आई और बेंचमार्क के लिए यह सबसे बड़ी बढ़त थी। मेटल शेयरों में 1.2% की तेजी आई। इसमें जिंदल स्टेनलेस और जेएसडब्ल्यू स्टील में क्रमशः 3.8% और 0.9% की तेजी आई।

ट्रंप के इम्पोर्ट बिल पर रोक से बाजार को मिला पुश
अमेरिका के एक फेडरल कोर्ट ने बुधवार को ट्रंप को ‘आपातकालीन शक्तियों’ के कानून का हवाला देते हुए आयात पर बड़े टैरिफ लगाने से रोक दिया। यह फैसला न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय ट्रेड न्यायालय की तीन जजों की समिति ने दिया है। ट्रंप की ये टैरिफ लगाने की योजना अदालत के इस फैसले के बाद थम गई है।

ट्रंप का कहना था कि इन टैरिफ से अमेरिकी फैक्ट्रियों को वापस लाने में मदद मिलेगी और इससे फेडरल बजट घाटे को कम करने के लिए जरूरी राजस्व भी मिलेगा। लेकिन कई मुकदमे दायर किए गए हैं जिनमें यह आरोप लगाया गया है कि ट्रंप ने अपने अधिकारों का दायरा पार कर दिया है।