MCX पर सोना नए शिखर पर, चांदी वायदा 3.40 लाख के करीब

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नई दिल्ली। Gold Silver Rate on MCX: एक दिन की बड़ी गिरावट के बाद सोने-चांदी के भाव फिर सातवें आसमान पर है। आज, शुक्रवार 23 जनवरी की सुबह, घरेलू वायदा बाजार में सोने के भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। भू-राजनीतिक और आर्थिक जोखिमों में बढ़ोतरी और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने सुरक्षित संपत्तियों की मांग को बढ़ा दिया है।

एमसीएक्स पर सोने के फरवरी वायदा के भाव लगभग 2,900 रुपये यानी करीब 2% की छलांग लगाकर 10 ग्राम पर नए रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,59,226 रुपये पर पहुंच गए। वहीं, एमसीएक्स पर चांदी के मार्च वायदा के भाव 12,600 रुपये से अधिक यानी लगभग 4% की तेजी के साथ 3,39,927 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए।

सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। भू-राजनीतिक खतरों और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर खतरों ने इस रैली को और हवा दी है, जो मुद्राओं और बॉन्ड से पैसे निकालने के कारण शुरू हुई थी।

बुलियन ने शुरुआती कारोबार में 4,960 डॉलर का नया कीर्तिमान बनाया और इस हफ्ते 7% से अधिक की बढ़त के रास्ते पर है। इसी दौरान चांदी ने भी रिकॉर्ड बनाया। अमेरिकी डॉलर के मजबूती के एक प्रमुख सूचकांक में इस हफ्ते 0.8% की गिरावट आई है। डॉलर का कमजोर होना ज्यादातर खरीदारों के लिए सोना सस्ता बनाता है।

निवेशकों की सक्रियता और फेड की भूमिका
1979 के बाद से अपने सबसे बेहतरीन सालाना प्रदर्शन से आगे बढ़ते हुए, सोने ने इस साल की शुरुआत के हफ्तों में 15% की तेज बढ़त हासिल की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फेडरल रिजर्व पर नए हमलों के साथ-साथ वेनेजुएला, ईरान और ग्रीनलैंड में भू-राजनीतिक जोखिम ने तथाकथित ‘मुद्रा मूल्यह्रास से बचाव’ (डिबेसमेंट ट्रेड) को गति दी है। इसमें निवेशक सरकारी बॉन्ड और मुद्राओं से पैसा निकालकर सोने जैसे वैकल्पिक सुरक्षित ठिकानों में लगा रहे हैं।

निवेशक ट्रंप की फेड के अगले चेयरमैन की पसंद का इंतजार कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा है कि उन्होंने उम्मीदवारों के साक्षात्कार पूरे कर लिए हैं और इस पद के लिए उनके मन में कोई है। अगर ज्यादा ‘दूरदर्शी’ चेयरमैन आता है, तो इससे इस साल ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीदें बढ़ेंगी, जो बिना ब्याज वाले सोने के लिए सकारात्मक है।

विश्लेषकों का पूर्वानुमान
इस बीच, गोल्डमैन सैक्स ग्रुप ने निजी निवेशकों और केंद्रीय बैंकों की बढ़ती मांग को देखते हुए सोने की साल-अंत कीमत का पूर्वानुमान 4,900 डॉलर से बढ़ाकर 5,400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। विश्लेषकों ने कहा है कि जोखिम “बढ़त की तरफ ज्यादा हैं क्योंकि वैश्विक नीतिगत अनिश्चितता बनी रहने पर निजी क्षेत्र के निवेशक और भी ज्यादा विविधीकरण (वितरण) कर सकते हैं।”