नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण देश में गैस का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट्स गैस की सप्लाई नहीं होने के कारण बंद हो चुके हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के सामने लंबी-लबी कतारें लगी हैं।
इस बीच सरकार ने कहा है कि एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के ढाई दिन यानी 60 घंटे बाद मिलेगा। सरकार ने साथ ही लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में सिलेंडर बुक करके जमा न करें। देश में एलपीजी के उत्पादन में 25 फीसदी तेजी आई है।
पेट्रोलियम मिनिस्ट्री में जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एंड ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम अपनी जरूरत का 60 फीसदी एलपीजी आयात करते हैं और इसमें से 90 फीसदी होर्मुज की खाड़ी से आता है।
सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। 8 मार्च को रिफाइनरीज और पेट्रोकेमिकल परिसरों को एलपीजी उत्पादन को एलपीजी का अधिकतम उत्पादन करने का आदेश दिया।
घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से हमारा घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन 25 फीसदी बढ़ गया है। इसे घरेलू उपभोक्ताओं को भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी के लिए हॉस्पिटल और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की कीमत में बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा सरकार वहन करती है ताकि उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े।

