सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से 9 का मार्केट कैप ₹2.51 लाख करोड़ घटा

0
4

नई दिल्ली। Market Cap: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते कमजोरी के चलते देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 कंपनियों का कम्पाइन्ड मार्केट कैप (मार्केट कैप) ₹2.51 लाख करोड़ घट गया। इस गिरावट में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) को सबसे बड़ा नुकसान हुआ। पिछले सप्ताह बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2,032.65 अंक या 2.43% टूट गया।

रिलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा का कहना है कि सप्ताह के दौरान बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और मंदड़ियों का दबदबा रहा। कमजोर ग्लोबल संकेत, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली, रुपये में गिरावट और कॉरपोरेट नतीजों की सुस्ती ने पूरे हफ्ते बाजार पर दबाव बनाए रखा।

इन दिग्गज कंपनियों का मार्केट कैप घटा
रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल समेत टॉप-10 कंपनियों में से 9 का संयुक्त मार्केट कैप ₹2,51,711.6 करोड़ घट गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹96,960.17 करोड़ घटकर ₹18,75,533.04 करोड़ रह गया।

आईसीआईसीआई बैंक का वैल्यूएशन ₹48,644.99 करोड़ घटकर ₹9,60,825.29 करोड़, एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप ₹22,923.02 करोड़ घटकर ₹14,09,611.89 करोड़, भारती एयरटेल का वैल्यूएशन ₹17,533.97 करोड़ घटकर ₹11,32,010.46 करोड़, टीसीएस का मार्केट कैप ₹16,588.93 करोड़ घटकर ₹11,43,623.19 करोड़, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप ₹15,248.32 करोड़ गिरकर ₹5,15,161.91 करोड़, बजाज फाइनेंस का वैल्यूएशन ₹14,093.93 करोड़ घटकर ₹5,77,353.23 करोड़, एसबीआई का मार्केट कैप ₹11,907.5 करोड़ घटकर ₹9,50,199.77 करोड़, और इंफोसिस का मार्केट कैप ₹7,810.77 करोड़ घटकर ₹6,94,078.82 करोड़ रह गया।

किसे मिला फायदा
इस गिरावट के बीच हिंदुस्तान यूनिलीवर इकलौती कंपनी रही, जिसका मार्केट कैप ₹12,311.86 करोड़ बढ़कर ₹5,66,733.16 करोड़ हो गया। मार्केट वैल्यूएशन के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, लार्सन एंड टुब्रो शीर्ष कंपनियों में बनी रहीं।

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च हेड संतोष मीणा ने कहा कि बाजार में यह गिरावट कई कारणों से आई है। इसमें बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव, विदेशी निवेशकों (FIIs) की आक्रामक बिकवाली और रुपये की कमजोरी को लेकर फैली घबराहट प्रमुख है।