केट वीमेन विंग की रंगीलो राजस्थान थीम पर मिस व मिसेज़ गणगौर प्रतियोगिता
कोटा। गणगौर पर्व के अवसर पर केट वीमेन विंग जिला कोटा के तत्वावधान में रंगीलो राजस्थान थीम पर मिस व मिसेज़ गणगौर प्रतियोगिता का आयोजन श्रीनाथपुरम स्थित एक प्राइवेट स्कूल के ऑडिटोरियम में किया गया। इस अवसर पर शहर की सैकड़ों महिलाओं, युवतियों एवं बालिकाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर राजस्थानी संस्कृति, परंपरा, वेशभूषा, लोकनृत्य और व्यक्तित्व कला की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ कोटा यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. बीपी सारस्वत द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। केट वीमेन विंग जिला कोटा की अध्यक्ष नीलम विजय ने इस अवसर पर कहा कि गणगौर पर्व राजस्थान की नारी आस्था, श्रद्धा और सौभाग्य का प्रतीक है। इस परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से “रंगीलो राजस्थान” थीम पर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सचिव भाविका प्रीत रामानी एवं कार्यकारी अध्यक्ष ऋचा गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम का संचालन मेघना शर्मा, शुभि गुप्ता एवं अंकिता खंडेलवाल द्वारा प्रभावी रूप से किया गया। निर्णायक मंडल में पीताम्बरा राजे, कविता बाफना एवं वंशिका बजाज ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।
प्रतियोगिता में पारंपरिक परिधान राउंड, प्रतिभा प्रदर्शन, लोकनृत्य, प्रश्नोत्तर एवं व्यक्तित्व प्रदर्शन जैसे विभिन्न चरण आयोजित किए गए। प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास, सौंदर्य, संस्कृति और प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति जितनी प्राचीन है उतनी ही प्रेरणादायक भी है। आज के दौर में जब युवा वर्ग तेजी सेआधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
विधायक कल्पना देवी ने कहा कि गणगौर पर्व केवल त्योहार नहीं बल्कि नारी शक्ति, श्रद्धा और संस्कारों का उत्सव है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की परंपराओं को जीवित रखने के लिए इस प्रकार के आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं।
उन्होंने विजेताओं व उपविजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि हर प्रतिभागी विजेता है। क्योंकि उसने मंच पर आकर अपनी पहचान बनाई है। कलेक्टर पीयूष सामरिया ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज की आत्मा होते हैं। ऐसे आयोजन सामाजिक एकता, सकारात्मक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देते हैं।
कोटा यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. बीपी सारस्वत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना ही नहीं बल्कि संस्कार देना भी है। युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
निर्णायक मंडल द्वारा बाइसा (5–10 वर्ष) ध्वनि लड्डा, रनर-अप वर्मिका खंडेलवाल,बाइसा (11–16 वर्ष) अनन्या सुवालका, द्वितीय अंशिका विजय, ग्रुप डांस में विजेता श्रीनाथपुरम शिवबाड़ी मंदिर ग्रुप, रनर-अप आदिशक्ति हाड़ौती, सोलो डांस विजेता दिया सक्सेना, रनर-अप संयुक्त उप विजेता अंकिता व निमिषा जोशी, मिसेज़ एवरग्रीन गणगौर विजेता डॉ. ममता शर्मा, रनर-अप सीमा मेहता, केट गणगौर विजेता मीनाक्षी गुप्ता, रनर-अप दीप्ति चित्तौड़ा, मिस गणगौर विजेता शिवांशी, रनर-अप राज नंदानी, मिसेज गणगौर विजेता शायनी काबरा, उपविजेता रचना राठौर रही।
साथ ही विशिष्ट भूमिका में रामगंजमंडी से मंजू सोनी, सोनाक्षी विजयवर्गीय, विजयलक्ष्मी शर्मा व सरोज गुप्ता सहित अन्य प्रतिभागी रहे।कार्यक्रम की सफलता में नीलम विजय, कॉ-ऑर्डिनेटर हाड़ौती संभाग सुमन गोयल, सचिव भाविका प्रीत रामानी समेत केट वीमेन विंग की पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।

