बजट के दिन भी स्टॉक मार्केट में कारोबार होगा, NSE-BSE का लाइव सत्र का एलान

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मुंबई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने एलान किया है कि इस साल 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार खुले रहेंगे। यह निर्णय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट के महत्व को देखते हुए लिया गया है।

एक्सचेंजों ने यह निर्णय बजट में होने वाली नीतिगत घोषणाओं पर तत्काल और सुचारू रूप से प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद में लिया है। आमतौर पर शनिवार और रविवार को शेयर बाजार में साप्ताहिक अवकाश होता है।

एनएसई और बीएसई के सर्कुलर में क्या कहा गया
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक सर्कुलर में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने निवेशकों को सूचित किया कि केंद्रीय बजट की प्रस्तुति के कारण 1 फरवरी को लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा। एनएसई के अनुसार, यह सत्र सामान्य कार्य दिवस की समय सारिणी के अनुसार ही संचालित होगा। उधर, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने भी एक समान सर्कुलर जारी कर 1 फरवरी को ‘विशेष ट्रेडिंग दिवस’ घोषित किया है। बीएसई के सर्कुलर में साफ किया गया है कि बाजार नियमित व्यापारिक घंटों के लिए खुले रहेंगे। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि निवेशकों को बजट भाषण के दौरान और उसके बाद अपनी रणनीतियों को लागू करने का पर्याप्त अवसर मिले।

बजट के दिन कैसी रहेगी बाजार की समय सारिणी
एक्सचेंजों की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 फरवरी को ट्रेडिंग का शेड्यूल इस प्रकार रहेगा:

  • प्री-ओपन मार्केट: सुबह 9:00 बजे शुरू होगा और 9:08 बजे समाप्त होगा।
  • सामान्य बाजार: सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक नियमित रूप से कार्य करेगा।
  • यह समय सारिणी मानक कार्य दिवस के नियमों के अनुसार रखी गई है ताकि निवेशकों और ब्रोकरेज फर्मों को किसी भी प्रकार की तकनीकी असुविधा न हो।

बाजार और निवेशकों पर क्या होगा प्रभाव
बजट के दिन बाजार का खुला रहना बेहद संवेदनशील होता है। वित्त मंत्री का भाषण सुबह 11 बजे शुरू होता है, जिसके दौरान राजकोषीय घाटे, कर संरचनाओं और विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवंटन जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आते हैं।

बजट के दिन लाइव ट्रेडिंग सत्र का क्या होगा फायदा

  • रीयल-टाइम रिएक्शन: बजट घोषणाओं के साथ-साथ बाजार की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निवेशक तुरंत निर्णय ले सकेंगे।
  • जोखिम प्रबंधन: सोमवार तक का इंतजार करने के बजाय, निवेशक रविवार को ही अपनी पोजीशन को संतुलित कर पाएंगे।
  • पारदर्शिता: छुट्टी के दिन बजट आने पर सट्टा बाजार या ऑफ-मार्केट गतिविधियों की आशंका रहती है, जिसे लाइव ट्रेडिंग के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है।

एक्सचेंज रविवार को बाजार खोलकर भारतीय पूंजी बाजार को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालना चाहते हैं। बजट दिवस पर लाइव ट्रेडिंग का होना न केवल व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाता है, बल्कि यह वित्त मंत्रालय और बाजारों के बीच के गहरे तालमेल का भी प्रतीक है।