नई दिल्ली। Gold Price 16 March 2026: सोने की कीमतों में सोमवार (16 मार्च) को शुरुआती कारोबार में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से जल्द ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होती जा रही हैं। साथ ही, अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। यह 1,800 रुपये (1.14%) गिरकर 1,56,655 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी के वायदा कारोबार में भी भारी गिरावट देखी गई। यह 4,300 रुपये (1.7%) से अधिक गिरकर 2,55,101 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।
इंटरनेशनल मार्केट में कीमतें
मध्य पूर्व में जारी युद्ध ने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर लिया है। सप्ताहांत में हुए हमलों में तेल के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ गया है। इस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर सोने की कीमतों पर देखने को मिला है। सिंगापुर में सुबह के कारोबार में स्पॉट गोल्ड 0.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,986.34 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 80.03 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। प्लैटिनम और पैलेडियम में भी गिरावट दर्ज की गई।
ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक कारोबार की शुरुआत में ही सोने की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार दूसरा साप्ताहिक गिरावट है, जिसने सोने को 5,000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे खींच लिया है।
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों पर असर
सोने की कीमतों पर कुछ और फैक्टर काम कर रहे हैं। जैसे युद्ध के चलते बढ़ती ऊर्जा कीमतों और मुद्रास्फीति की आशंकाओं ने इस बात की संभावना लगभग समाप्त कर दी है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करेंगे। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल तब आया, जब अमेरिका ने ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र पर हमला किया और उसके जवाब में ईरान ने विभिन्न अरब देशों पर हमले किए।
चांदी की आयात आधार कीमत में बढ़ोतरी
वहीं, सरकार ने चांदी की आयात आधार कीमत में बढ़ोतरी कर दी है। यह कीमत 20 डॉलर प्रति किलो बढ़ाकर 2,800 डॉलर से 2,820 डॉलर कर दी गई है। इस कदम से आयातित चांदी की लागत बढ़ सकती है और घरेलू बाजार में चांदी के दामों पर भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि बढ़त सीमित होने की वजह से ये असर भी सीमित रह सकता है। देश ने बीते साल अपनी विदेशी मुद्रा भंडार के करीब 10 फीसदी के बराबर का सोना और चांदी आयात किया था।

