नई दिल्ली। LPG New Rule: ईरान में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका के बीच भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब घरेलू गैस सिलेंडर की अगली बुकिंग के लिए इंतजार की अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। यह कदम मुख्य रूप से एलपीजी की जमाखोरी को रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि संकट की स्थिति में भी सभी उपभोक्ताओं को गैस की पर्याप्त आपूर्ति मिलती रहे।
दरअसल हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल बाजार को लेकर चिंता बढ़ गई है। खबरों के मुताबिक ईरान ने अहम समुद्री रास्ते Strait of Hormuz को लेकर सख्त रुख अपनाया है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है।
हालांकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि यह रास्ता केवल अमेरिका, इज़राइल, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद रहेगा। इसके बावजूद वैश्विक बाजार में तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल भारत में घबराने की कोई जरूरत नहीं है। देश में पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सूत्रों के मुताबिक पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन यानी एटीएफ की भी फिलहाल कोई कमी नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि भारत की स्थिति कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर है।
सरकार ने एहतियात के तौर पर देश की सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि फिलहाल घरेलू इस्तेमाल के लिए एलपीजी की सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए।
यानी इंडस्ट्रियल या कमर्शियल इस्तेमाल के मुकाबले घरों में इस्तेमाल होने वाली गैस को ज्यादा महत्व दिया जाएगा, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत न हो।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी
सूत्रों ने यह भी संकेत दिया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की संभावना कम है। उनका कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर नहीं जाती, तब तक घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। फिलहाल उम्मीद की जा रही है कि कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रह सकती है।
कुल मिलाकर सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की सप्लाई फिलहाल पूरी तरह सामान्य है और किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है। एलपीजी बुकिंग के नियमों में बदलाव को सिर्फ एहतियाती कदम के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि आने वाले समय में अगर वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं तो भी आम लोगों को गैस और ईंधन की उपलब्धता में परेशानी न हो।
गैस की किल्लत से बेंगलुरु के होटलों में रेस्टोरेंट सर्विस बंद
ईरान समेत मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी नजर आने लगा है। सोमवार को बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लिया। इसके मुताबिक मंगलवार सुबह से बेंगलुरु के होटलों में रेस्टोरेंट सर्विस बंद हो जाएगी। यह फैसला कॉमर्शियल कुकिंग गैस की किल्लत के चलते लिया गया है। जानकारी में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध के चलते गैस की सप्लाई लगभग ठप हो गई है।

