Water Projects: लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने की कोटा-बून्दी जल परियोजनाओं की समीक्षा

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दिल्ली में आयोजित बैठक में बिरला ने दिए कार्यों में तेजी और पारदर्शिता के निर्देश

नई दिल्ली/कोटा। कोटा-बून्दी संसदीय क्षेत्र में जन स्वास्थ्य एवं जल संसाधन से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गति लाई जाए और हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो।

दिल्ली में आयोजित वर्चुअल बैठक में जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार, पीएचईडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, कोटा कलक्टर पीयूष सामरिया, बून्दी कलक्टर अक्षय गोदारा सहित दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े, जबकि लोकसभा सचिवालय के संयुक्त सचिव गौरव गोयल एवं ओएसडी राजेश गोयल बैठक में उपस्थित रहे।

बिरला ने कहा कि सिंचाई और पेयजल से जुड़ी परियोजनाएं आमजन के जीवन से सीधा संबंध रखती हैं, अतः इन कार्यों में किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही अस्वीकार्य होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां कार्य प्रगति पर हैं वहां गति बढ़ाई जाए और जिन योजनाओं की स्वीकृति या निविदा प्रक्रियाएं लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए।

बैठक में नवनेरा बैराज और परवन बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर विशेष चर्चा हुई। बिरला ने नवनेरा में जल भराव को सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि अब सभी 27 गेट्स बंद हो चुके हैं, जिससे यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण शीघ्र पूर्ण हो ताकि परियोजना में कोई व्यवधान न आए।

उन्होंने प्रभावित किसानों को समयबद्ध मुआवजा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही, परवन परियोजना के दूसरे चरण के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।

बून्दी जिले में सिंचाई ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए मेज, अरू और कूरेल नदियों पर प्रस्तावित एनीकट और नहर प्रणाली विकास कार्यों की भी समीक्षा हुई। बिरला ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों को सशक्त करना और ‘हर खेत तक पानी’ पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि पांच करोड़ रुपये से कम लागत वाली परियोजनाओं को विभागीय स्तर पर शीघ्र स्वीकृत किया जाए ताकि कार्यों में अनावश्यक देरी न हो। गुढ़ा मध्यम सिंचाई परियोजना, बटावदी मुख्य नहर, डाबी टैंक और चाकन बांध से जुड़े विकास कार्यों की डीपीआर तथा बजट स्वीकृति प्रक्रियाओं को भी शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए।

शहरी और ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए बिरला ने रामगंजमंडी, सांगोद, इटावा, कैथून और सुल्तानपुर में AMRUT 2.0 योजना के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष जताया, साथ ही उनके समयबद्ध निष्पादन पर जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि कोटा उत्तर और दक्षिण में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी निविदाएं दोबारा जारी की गई हैं, जबकि हिण्डोली-नैनवा वृहद पेयजल परियोजना का 72 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। गरडदा और नवनेरा पेयजल योजनाओं के लिए वन विभाग व वन्यजीव विभाग की स्वीकृति प्रक्रियाओं पर भी चर्चा हुई। बिरला ने निर्देश दिए कि पर्यावरणीय स्वीकृति संबंधी अड़चनों को प्राथमिकता से सुलझाया जाए।

बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ने जल संसाधन और पेयजल ढांचे को समावेशी क्षेत्रीय विकास की आधारशिला बताते हुए अधिकारियों को समन्वय, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा, वन विभाग की स्वीकृति और बजट स्वीकृति जैसी प्रक्रियाएं समयबद्ध पूरी की जाएं ताकि किसी भी योजना में बाधा उत्पन्न न हो।

बिरला ने निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति क्षेत्र के प्रत्येक गांव तक निर्बाध रूप से पहुंचे। अधिकारी सुनिश्चित करें कि किसी भी क्षेत्र में जल संकट न उत्पन्न हो और दीर्घकालिक समाधान के दृष्टिकोण से योजनाएं तैयार की जाएं।

उन्होंने कहा कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं तय समय सीमा में पूर्ण हों और उनकी गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। इसके साथ ही, उन्होंने तालाबों के जीर्णोद्धार और अन्य स्थानीय जल संरचनाओं को भी प्राथमिकता से पूरा करने को कहा।

लोकसभा अध्यक्ष आज कोटा प्रवास पर
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को एक दिवसीय प्रवास पर कोटा आएंगे। प्रवास के दौरान वे विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। प्रातः 10 बजे वे मेनाल रेलवे ऑफिसर्स क्लब में आयोजित रेलवे जनसम्पर्क अधिकारियों की संगोष्ठी में भाग लेंगे। इसके पश्चात दोपहर 12 बजे वे बपावर कृषि मंडी में आयोजित लाड़ली बहना सामूहिक रक्षाबंधन कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के साथ सम्मिलित होंगे। शाम 6 बजे वे कॉमर्स कॉलेज रोड स्थित जाट समाज भवन में लहरिया महोत्सव कार्यक्रम में भी सम्मिलित होंगे।