नई दिल्ली। अगर संसदीय परंपराओं का पालन किया गया, तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट रविवार के दिन पेश कर सकती हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह संभावना जताई। दरअसल, वर्ष 2017 से बजट एक फरवरी को पेश किया जाता रहा है और अगले वर्ष इस दिन रविवार है।
संसद की बैठकें खास परिस्थितियों में रविवार को भी होने के उदाहरण हैं। 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान और 13 मई, 2012 को संसद की पहली बैठक की 60वीं वर्षगांठ मनाने के लिए रविवार के दिन बैठकें आयोजित की गईं। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ये फैसले संसदीय मामलों पर मंत्रिमंडल की समिति उचित समय पर लेती है।
गौरतलब है कि मोदी सरकार में बजट पेश करने के लिए एक फरवरी की तारीख तय की गई, ताकि एक अप्रैल को नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ बजट को लागू किया जा सके। एक अधिकारी के अनुसार, आम बजट प्रस्तुत करने के लिए हमने तारीख तय कर रखी है। रविवार की अवधारणा तो अंग्रेजों द्वारा लाई गई है।
साल 2017 से पहले आम बजट फरवरी के आखिरी दिन पेश किया जाता था। 2017 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी को आम बजट पेश करने और नए वित्तीय वर्ष शुरू होने से काफी पहले, मार्च के अंत तक इसे संसद से मंजूर करवाने की प्रथा शुरू की।

