नई दिल्ली। टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई (TRAI) ने देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो को कुछ टैरिफ प्लान से जुड़ी प्रक्रियाएं बदलने के निर्देश दिए हैं। ट्राई ने कंपनी को 14 अप्रैल तक इन निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है।
ट्राई का कहना है कि जियो के कुछ टैरिफ प्लान सभी प्लेटफॉर्म पर समान रूप से उपलब्ध नहीं थे और इनमें पारदर्शिता की कमी पाई गई। रेगुलेटर ने कंपनी को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सभी प्लान वेबसाइट, ऐप, रिटेल स्टोर और कस्टमर केयर सहित हर प्लेटफॉर्म पर एक जैसे तरीके से उपलब्ध हों। साथ ही कुछ प्लान पर डिवाइस-आधारित प्रतिबंध हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
ट्राई की जांच अगस्त 2025 में शुरू हुई थी, जब जियो ने कुछ एंट्री-लेवल प्रीपेड प्लान बंद कर दिए थे, जिनमें रोजाना 1GB डेटा मिलता था। उस समय कंपनी ने बताया था कि ये प्लान केवल अपने रिटेल स्टोर्स के जरिए ही उपलब्ध हैं।
जांच में पाया गया कि ₹249 और ₹199 वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर सिर्फ जियो स्टोर्स पर मिल रहे थे, जबकि ₹209 वाला प्लान केवल MyJio ऐप के जरिए उपलब्ध था। ट्राई ने इसे नियमों के खिलाफ बताया और कहा कि इस तरह की सीमित उपलब्धता उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता के सिद्धांत का उल्लंघन है।
ट्राई ने यह भी कहा कि 2020 के नियमों के अनुसार टेलीकॉम कंपनियों को अपने सभी टैरिफ प्लान हर प्लेटफॉर्म पर समान रूप से सार्वजनिक करना जरूरी है, ताकि ग्राहकों को किसी तरह की असुविधा न हो।
दूरसंचार क्षेत्र के नियामक Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने Reliance Jio की डिवाइस-विशिष्ट टैरिफ योजनाओं पर आपत्ति जताई है। ट्राई ने कहा है कि जियो के जियोफोन और जियोभारत जैसे फीचर फोन के साथ जुड़े खास रिचार्ज प्लान अन्य स्मार्टफोन यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं हैं, जो भेदभावपूर्ण (discriminatory) है।
ट्राई के अनुसार, ये कम कीमत वाले 4G डिवाइस ऐसे रिचार्ज ऑफर के साथ आते हैं जो सिर्फ उन्हीं डिवाइस तक सीमित रहते हैं। अन्य फोन यूजर्स को इन प्लानों का लाभ नहीं मिलता, जो समानता के सिद्धांत के खिलाफ है।
नियामक ने जियो को निर्देश दिया है कि वह अपनी इन योजनाओं को इस तरह बदले कि वे सभी डिवाइस पर समान रूप से उपलब्ध हों। ट्राई ने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं को अलग-अलग प्लान के लिए अलग-अलग चैनलों पर जाने के लिए मजबूर करना सही नहीं है।
ट्राई ने साफ किया कि सभी प्लेटफॉर्म पर टैरिफ ऑफर की उपलब्धता जरूरी है और यह टेलीकॉम टैरिफ ऑर्डर, 1999 की भावना के अनुरूप होना चाहिए।
जियो और ट्राई आमने-सामने
रिलायंस जियो ने रेगुलेटर के सामने अपनी स्थिति का बचाव किया है। कंपनी ने कहा कि वर्ष 2020 के निर्देश केवल टैरिफ की जानकारी सार्वजनिक करने से जुड़े हैं और इनमें यह तय नहीं किया गया है कि टैरिफ कहां और कैसे बेचे जाएं।
Reliance Jio का कहना है कि कुछ सेवाएं जैसे पहली बार रिचार्ज और पोस्टपेड प्लान ऑनलाइन बेचना संभव नहीं होता। कंपनी ने डिवाइस-विशिष्ट टैरिफ के बारे में भी कहा कि JioPhone और JioBharat जैसे प्लान अलग-अलग यूजर सेगमेंट को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, इसलिए इन्हें मनमाना नहीं कहा जा सकता।
हालांकि, TRAI ने जियो के इन तर्कों को खारिज कर दिया है। ट्राई का कहना है कि टैरिफ की जानकारी सार्वजनिक करना और उनकी उपलब्धता दोनों आपस में जुड़े हुए हैं और इन्हें अलग-अलग नहीं माना जा सकता।
रेगुलेटर ने यह भी चिंता जताई कि डिवाइस से जुड़े ऐसे प्लान उपभोक्ताओं के विकल्प सीमित कर सकते हैं। इससे उपयोगकर्ता किसी एक ही ऑपरेटर से लंबे समय तक जुड़े रह सकते हैं, जिससे मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के उद्देश्य पर असर पड़ सकता है।
नियम तोड़ने पर लाखों तक जुर्माने का प्रावधान
ट्राई के निर्देशों के तहत जियो पर नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी तय की गई है। Telecom Regulatory Authority of India के अनुसार, Reliance Jio Infocomm Ltd को अपने सभी टैरिफ प्लान सार्वजनिक करना होंगे। इसमें सभी प्रकार के स्पेशल टैरिफ वाउचर (STV) भी शामिल हैं, जिन्हें कंपनी को हर प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना जरूरी है।
इसके साथ ही जियो को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि डिवाइस के आधार पर कोई भेदभाव न हो। यानी किसी भी यूजर को उसके मोबाइल या डिवाइस के आधार पर अलग या सीमित प्लान न दिया जाए। सभी डिवाइस यूजर्स के लिए टैरिफ प्लान समान रूप से उपलब्ध होने चाहिए।
अगर कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ टेलीकॉम एक्ट, 1997 के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसमें पहली बार नियम तोड़ने पर ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, बार-बार उल्लंघन करने पर ₹2 लाख तक का जुर्माना और लगातार नियमों का पालन न करने पर अतिरिक्त दैनिक पेनल्टी भी लग सकती है।

