नई दिल्ली। Soya Meal Export: भारत में 2025-26 सीजन की तुलना में 2026- 27 सीजन के दौरान सोयामील की घरेलू खपत में 7 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है क्योंकि पशु आहार एवं पॉल्ट्री फीड निर्माण में सोयामील के बजाए सस्ते विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ेगा। इसमें डीडीजीएस तथा डि ऑयल्ड राइस ब्रान भी शामिल है जो सोयामील से सस्ते दाम पर उपलब्ध है।
अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) की विदेश कृषि सेवा (फास) के अनुसार दूसरी ओर भारत से सोयामील के निर्यात में 13 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है क्योंकि यूरोपीय देशों में गैर जीएम सोयामील की मांग एवं खपत बढ़ती जा रही है। अमरीका, ब्राजील एवं अर्जेन्टीना जैसे देशों में मुख्यतः जीएम सोयाबीन का उत्पादन होता है जबकि भारत में परम्परागत या गैर जीएम सोयाबीन की पैदावार होती है।
इसी तरह चीन की जोरदार मांग बरकरार रहने के कारण भारत से रेपसीड मील का निर्यात भी 10 प्रतिशत बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है। वर्ष 2025 के अंतिम महीनों में चीन ने इसकी रिकॉर्ड खरीद की थी। उस्डा पोस्ट ने 2026-27 सीजन के दौरान भारत में सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 3 प्रतिशत घटने का अनुमान लगाया है।
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों में कुछ किसान सोयाबीन के बजाए अन्य ऊंची कीमत वाली फसलों की खेती को प्राथमिकता दे सकते हैं। इससे सोयाबीन का कुल उत्पादन 107 लाख टन से गिरकर 103.50 लाख टन पर सिमट सकता है।

