इंदौर। चालू मार्केटिंग सीजन के शुरूआती पांच महीनों में यानी अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के दौरान देशभर की मंडियों में कुल 57 लाख टन सोयाबीन की आवक हुई जिसमें 7 लाख टन का सरकारी स्टॉक भी शामिल था।
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (सोपा) की नई मासिक रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले सीजन की समान अवधि में 66 लाख टन सोयाबीन की आपूर्ति हुई थी। पिछले सीजन की तुलना में इस बार सोयाबीन की आवक अक्टूबर में 18 लाख टन से घटकर 15 लाख टन, दिसंबर में 12 लाख टन से गिरकर 10 लाख टन रही।
जनवरी में 11.50 लाख टन से घटकर 8 लाख टन तथा फरवरी में 8.50 लाख टन से गिरकर 6.00 लाख टन रह गया जबकि नवम्बर 2025 में यह 16 लाख टन से बढ़कर 18 लाख टन पर पहुंच गया था।
सोपा की रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 के चालू मार्केटिंग सीजन में 7.66 लाख टन के पिछला बकाया स्टॉक, 110.26 लाख टन के उत्पादन तथा 6 लाख टन के संभावित आयात के साथ सोयाबीन की कुल उपलब्धता 123.92 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है।
इसमें से 10 लाख टन का स्टॉक अगली बिजाई के लिए आरक्षित रखा जाएगा, 5 लाख टन का प्रत्यक्ष घरेलू उपयोग होगा और 102 लाख टन की घरेलू क्रशिंग-प्रोसेसिंग होगी। इसके बाद सीजन के अंत में 6.92 लाख टन सोयाबीन का अधिशेष स्टॉक मौजूद रहेगा।
102 लाख टन सोयाबीन की क्रशिंग से 81.17 लाख टन सोयामील का निर्माण होगा जिसमें से 10 लाख टन का निर्यात होगा और 70 लाख टन का घरेलू उपयोग किया जाएगा।
घरेलू उपयोग के तहत 8 लाख टन की खपत खाद्य उद्देश्य में तथा 62 लाख टन की खपत पशुआहार निर्माण में होने की सम्भावना है। सीजन के अंत में 1.17 लाख टन सोयामील का अधिशेष स्टॉक उपलब्ध रह सकता है।

