Red Chilli Price: लालमिर्च की कीमतों में अब मंदे की संभावना नहीं, जानिए क्यों

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नई दिल्ली। लालमिर्च की वर्तमान कीमतों में अब मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि एक ओर जहां भाव गत वर्ष की तुलना में कम चल रहे हैं वहीं दूसरी तरफ मंडियों में आवक भी धीरे-धीरे घटनी शुरू हो गई है। वर्तमान में हल्की क्वालिटी के मालों की आवक अधिक हो रही है। अच्छे मालों की आवक 20/25 प्रतिशत ही आ रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व लालमिर्च के दामों में सुधार संभव है। उल्लेखनीय है कि लालमिर्च की प्रमुख मंडी गुंटूर में 10 मई से 10 जून तक एक माह का अवकाश रहेगा।

आवक: वर्तमान में प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश की गुंटूर मंडी में लालमिर्च की आवक 1/1.25 लाख बोरी की चल रही है। जबकि खम्मम मंडी में आवक 60/70 हजार बोरी की हो रही है। वारंगल में आवक 40/45 हजार बोरी की दैनिक आवक चल रही है। सूत्रों का मानना है कि आगामी दिनों में दैनिक आवक घटनी शुरू हो जाएगी। क्योंकि उत्पादकों ने अधिकांश माल की बिकवाली कर दी है। अब किसान भाव बढ़ने का इंतजार करेगा।

पैदावार: चालू सीजन के दौरान उपादक राज्यों में लालमिर्च की पैदावार गत वर्ष की तुलना में कम रही है। आंध्र प्रदेश में इस वर्ष पैदावार लगभग डेढ़ करोड़ बोरी की मानी जा रही है जबकि जबकि गत वर्ष दो करोड़ बोरी के आसपास उत्पादन हुआ था। तेलंगाना में गत वर्ष लालमिर्च का उत्पादन 70/80 लाख बोरी का रहा था जोकि इस वर्ष 60/65 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 45 किलो) होने के समाचार मिल रहे हैं। अन्य क्षेत्रों में भी उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहने के अनुमान है।

तेजी-मंदी: जानकारी सूत्रों का कहना है कि लालमिर्च के वर्तमान कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि भाव गत वर्ष की तुलना में काफी कम चल रहे हैं साथ ही आगामी दिनों में आवक भी घटेगी। उल्लेखनीय है कि अप्रैल- 2024 के दौरान गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 178/180 रुपए चल रहा था जोकि वर्तमान में 128/130 रुपए बोला जा रहा है। खम्मम मंडी में भाव 132/135 रुपए बोला जा रहा है। सूत्रों का मानना है कि आगामी दिनों में लालमिर्च के भाव तेज रहने की संभावना है और जून-जुलाई माह तक कीमतों में 15/20 रुपए प्रति किलो की तेजी आने की संभावना है।

स्टॉक: प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रमुख मंडी गुंटूर में इस वर्ष लालमिर्च का स्टॉक गत वर्ष की तुलना में कम रहने के समाचार है। वर्तमान में गुंटूर मंडी में लालमिर्च का स्टॉक 53/55 लाख बोरी माना जा रहा है जबकि आंध्र प्रदेश में स्टॉक 72/75 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि गत वर्ष 1 मई को स्टॉक लगभग 1.10 करोड़ बोरी का हो गया था। खम्मम मंडी में वर्तमान में स्टॉक 19/20 लाख बोरी एवं वारंगल 18/19 लाख बोरी स्टॉक होने के समाचार मिल रहे हैं।

चालू सीजन के दौरान लालमिर्च निर्यात में एक और जहां 14 प्रतिस्पर्धी की वृद्धि दर्ज की गई है वहीं भाव कम होने के कारण निर्यात से प्राप्त आय में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-दिसम्बर -2024 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 435891.14 टन का निर्यात किया गया। और निर्यात से प्राप्त आय 7111.29 करोड़ रुपए की रही। जबकि अप्रैल-दिसम्बर – 2023 में निर्यात 383649.71 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 7912.37 करोड़ की रही थी। वर्ष 2023-24 (अप्रैल-मार्च) के दौरान लालमिर्च का कुल निर्यात 601084 टन का रहा था और प्राप्त आय 12492.48 करोड़ रुपए की रही थी।