कोटा / नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026–27 में भारतीय रेलवे के लिए किए गए ऐतिहासिक बजट प्रावधानों से राजस्थान में रेल अवसंरचना विकास को नई गति मिलने जा रही है। इस बजट के अंतर्गत राज्य में चल रही तथा प्रस्तावित रेल परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ, सुरक्षित संचालन और सुदृढ़ रेल नेटवर्क उपलब्ध कराया जा सकेगा।
रेल बजट 2026–27 के अनुसार राजस्थान राज्य के लिए रेलवे बजट आवंटन ₹10,228 करोड़ निर्धारित किया गया है, जो वर्ष 2009–14 की औसत वार्षिक राशि ₹682 करोड़ की तुलना में लगभग 15 गुना अधिक है। यह बढ़ा हुआ आवंटन राज्य में रेल अवसंरचना के व्यापक विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रेल मंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक कोटा अनिल कालरा के साथ अपर मंडल रेल प्रबंधक योगेश कुमार मित्तल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन व मीडिया कर्मी मौजूद रहे l
राज्य में वर्तमान में लगभग ₹56,863 करोड़ की लागत से रेल से जुड़े विभिन्न विकास कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों में नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, स्टेशन पुनर्विकास तथा सुरक्षा से संबंधित परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनका लाभ कोटा मंडल सहित राजस्थान के प्रमुख रेलखंडों को मिलेगा।
यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत राजस्थान के कुल 85 स्टेशनों का चयन पूर्ण पुनर्विकास के लिए किया गया है। इस योजना के तहत स्टेशन आधुनिकीकरण के लिए ₹4,535 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। अब तक राज्य के 11 स्टेशनों पर कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिनमें बूंदी और मंडलगढ़ जैसे स्टेशन भी शामिल हैं, जो कोटा मंडल क्षेत्र के यात्रियों के लिए विशेष महत्व रखते हैं।
राजस्थान में रेल नेटवर्क के विस्तार और विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2014 के बाद से राज्य में लगभग 3,900 किलोमीटर नई रेल पटरियों का निर्माण किया गया है, जो कई देशों के संपूर्ण रेल नेटवर्क से भी अधिक है। इसके साथ ही लगभग 99 प्रतिशत रेल मार्गों का विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है, जिससे ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण अनुकूल संचालन को बढ़ावा मिला है।
सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य में कवच स्वचालित रेल सुरक्षा प्रणाली के कार्य भी विभिन्न चरणों में स्वीकृत एवं प्रगतिरत हैं। यह प्रणाली भविष्य में रेल परिचालन को और अधिक सुरक्षित बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

