Mustard: नई फसल की आवक शुरू होने से सरसों की कीमतों में गिरावट

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नई दिल्ली। राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में नई सरसों की आपूर्ति आरंभ हो गई है जबकि क्रशर्स एवं प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों एवं स्टॉकिस्टों की सक्रियता घट गई है। बिजाई क्षेत्र में 2.80 लाख हेक्टेयर की वृद्धि होने तथा मौसम की हालत अनुकूल रहने से सरसों का उत्पादन कुछ बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

7-13 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान राजस्थान में सरसों के दाम में कुछ तेजी देखी गई मगर हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात एवं उत्तर प्रदेश में भाव नरम रहा। आगामी सप्ताहों के दौरान सरसों की आवक नियमित रूप से बढ़ती जाएगी।

समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 150 रुपए गिरकर 6950 रुपए प्रति क्विटल तथा जयपुर में 200 रुपए घटकर 7100 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।

इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों के मूल्य में गुजरात में 200-250 रुपए प्रति क्विटल, हरियाणा में 50-100 रुपए प्रति क्विटल तथा मध्य प्रदेश में भी 50-100 रुपए प्रति क्विटल की गिरावट देखी गई।

राजस्थान के कोटा में सरसों का भाव 200 रुपए तथा अलवर में 100 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा। सरसों का दाम उत्तर प्रदेश के हापुड़ में तो 7450 रुपए प्रति क्विटल पर स्थिर रहा लेकिन आगरा में 100 रुपए प्रति क्विटल नरम पड़ गया।

सरसों तेल
सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी की कीमतों में भी आमतौर पर 2-3 रुपए प्रति किलो की नरमी रही। एक्सपेलर का दाम दिल्ली एवं चरखी दादरी में 5-5 रुपए प्रति 10 किलो नरम रहा जबकि मुरैना में 30 रुपए नरम पड़ गया। मुम्बई में इसका भाव 60 रूपए की भारी गिरावट के साथ 1440 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। बीकानेर में भी दाम 1440 रूपए रहा।

सरसों डीओसी
सरसों एवं इसके तेल की कीमतों में नरमी के असर से सरसों खल तथा डीओसी का भाव घट गया। इसमें घरेलू एवं निर्यात मांग कमजोर देखी गई। आगे सरसों में रुख नरमी का ही लगता है।