Mustard: अच्छे भावों की बदौलत इस बार रबी सीजन में सरसों की बिजाई बढ़ी

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नई दिल्ली। Mustard crop: रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों की खेती में इस बार किसानों द्वारा अच्छी दिलचस्पी दिखाई जा रही है क्योंकि एक तो इसका थोक मंडी भाव ऊंचा चल रहा है और सरकार ने इसके न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में अच्छी वृद्धि कर दी है

जबकि इस बार प्रमुख उत्पादक राज्यों में बिजाई के लिए मौसमी परिस्तिथियां भी काफी हद तक उपयुक्त देखी जा रही है। बिजाई की प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले रबी सीजन में सरसों का सकल उत्पादन क्षेत्र 86.57 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया था जबकि मौजूदा रबी सीजन में यह 2.79 लाख हेक्टेयर की वृद्धि के साथ 89.36 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 79.17 लाख हेक्टेयर से 10.19 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

सरसों के प्रमुख उत्पादक प्रांतों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात एवं बिहार आदि शामिल है। कुछ राज्यों में उसके बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है और वहां मौसम की हालत भी अनुकूल बनी हुई है।

कुछ अन्य प्रांतों में बिजाई कम हुई है या गत वर्ष के आसपास ही देखी जा रही है। लेकिन कुल मिलाकर फसल की हालत संतोषजनक बताई जा रही है जिससे उत्पादन में सुधार आने की उम्मीद है।

सैफ्लावर का भी रकबा बढ़ा है और सूरजमुखी का क्षेत्रफल गत वर्ष के बराबर ही है लेकिन मूंगफली का बिजाई क्षेत्र पीछे है। अलसी की बिजाई पहले पिछड़ रही थी लेकिन अब आगे हो गई है। सरसों की नई फसल अगले महीने से मंडियों में आने लगेगी।