कोटा। आज सुबह 9.16 बजे से सूर्य ग्रहण शुरू हो गया है। भारत में यह सबसे पहले सुबह 10.01 बजे मुंबई-पुणे में दिखा। ये साल का पहला और आखिरी सूर्य ग्रहण है। उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में चंद्रमा, सूर्य को 98.6% तक ढक देगा, जिससे ये कंगन जैसी आकृति का दिखाई देगा। ज्योतिष ग्रंथों में इसे कंकणाकृति सूर्य ग्रहण कहा गया है। ये आकृति ज्यादातर स्थानों पर 11.50 से 12.10 के बीच दिखाई देगी।
अन्य देशों में ये ग्रहण पूरी तरह 3.04 बजे खत्म होगा। ये देश में कई जगहों पर खंडग्रास (आंशिक) सूर्यग्रहण के रूप में दिखाई देगा। भारत के अलावा ये ग्रहण नेपाल, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई, इथियोपिया और कांगो में दिखाई देगा। यहां सूर्य ग्रहण लाइव देखें–
पंडित जगदीश चंद्र जोशी के अनुसार सूर्यगहण के समय गुरु और शनि ग्रह वक्र गति से मकर राशि पर संचरण कर रहे है। सूर्य ग्रहण अमावस्या पर ही होता है। आज के दिन सूर्य मिथुन राशि में संचरण कर रहा है। सूर्य के साथ में राहु भी स्थित है। आज इसी राशि मे चंद्रमा के साथ सूर्य राहु की युति होने पर ज्योतिषीय मतानुसार सूर्यग्रहण होता है।

चल अचल और अन्य प्राणियों पर प्रभाव
मिथुन राशि पर ग्रहण है ।इस राशि पर ग्रहण अच्छा फल नही देगा। इस राशि वालो को अपने अपने इष्टदेव के साथ साथ राहु सूर्य और चंद्रमा की आराधना करनी चाहिए। अन्य राशियो को अपने अपने इष्टदेव की पूजापाठ करना चाहिये। ग्रहण के उपरांत यथाशक्ति दान करना चाहिए।
विश्व मे अग्नि, वायु, तूफान
अतिवृष्टि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं आएगी। इनसे जन धन की हानि होगी। कोरोना अपना स्वरूप बदलेगा जो नये रूप में महामारी के रूप में आक्रमण करेगा । ग्रहों के वक्री होने से वैश्विक आर्थिक मंदी बनी रहेगी। भारत के पश्चिम के राष्ट्रों में आपसी खींचतान बढ़ेगी। छोटी झड़पें होगी। जनता में आक्रोश बढ़ेगा। अराजकता से राजनेता और प्रशासन परेशान होगा।
भारत मे कहां क्या असर पड़ेगा
विपक्ष अनुशासन हीन होगा। आर्थिक मन्दी बनी रहेगी।शिक्षा जगत ,किसान , मजदूर ,व्यापारी और सरकारी कर्मचारी सरकार से असन्तुष्ट रहेंगे। अराजकता बढ़ेगी।धार्मिक उन्माद बढ़ेगा दंगो से जनता में असुरक्षा और अशांति फैलेगी। कुछ प्रसिद्ध राजनेता अभिनेता उद्योगपति, विद्वान हस्तियां स्वर्ग लोक सिधारेगी।
अतिवृष्टि ,बाढ़ तूफान ,अग्निकाण्ड सड़क व रेल दुर्घटनाएं होगी।कुछ राज्यो में भ्रष्टाचारी पकड़े जाएंगे।कुछ प्रसिद्ध हस्तियों पर मिकडमे चलेंगे। सीमा पर तनाव बना रहेगा।आतंकवादी ज्यादा मारे जायेगे। शेयर मार्केट में उतार चढ़ाव के कारण कुछ पार्टियां दिवालिया हो जाएगी।
कोरोना अभी नही जाएगा
कोरोना अभी भारत से नही जाएगा।अगस्त के बाद ग्राफ में उतार आना प्रारम्भ होगा। दिसंबर में पूरी तरह विदा होगा।सन 2020 जनता के लिए परेशानी भरा रहेगा। लेकिनअधिकतर भारतीय धार्मिक वृति के लोग है। अतः ग्रहण और वक्री ग्रहों के दुष्प्रभाव को को नष्ट करने का आत्मबल रखते है। फिर भी भारत का शासन प्रशासन जनता की सेवा करने में तत्पर रहेंगे ।

