Kalonji Price: कलौंजी के भाव में फिर से तेजी के आसार, जानिए क्यों

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नई दिल्ली। Kalonji Price: आम के अचार में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले मसाले- कलौंजी की मांग यूं तो पहले से ही निकल रही है मगर आगामी दिनों में यह और भी मजबूत होने की संभावना है।

मई से अगस्त से इसकी खपत का पीक सीजन माना जाता है जबकि आमतौर पर विभिन्न उद्देश्यों में इसकी मांग साल भर बरकरार रहती है। कलौंजी के प्रमुख उत्पादक राज्यों में राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश आदि शामिल हैं। राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में इसके नए माल की आपूर्ति पहले ही आरंभ हो चुकी है।

रबी सीजन में उत्पादित होने वाली कलौंजी की बिजाई का आदर्श समय मध्य सितम्बर से मध्य अक्टूबर के बीच माना जाता है जबकि अनेक क्षेत्रों में अक्टूबर के अंत तक इसकी बिजाई जारी रहती है।

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार इस मसाले का पिछला बकाया स्टॉक ज्यादा नहीं है जबकि इसका घरेलू उत्पादन पिछले सीजन से कम होने की संभावना है। इसकी अच्छी खरीद- बिक्री हो रही है और कीमतों का स्तर भी ऊंचा है। आगामी महीनों के दौरान जोरदार मांग निकलने पर इसके दाम में कुछ और तेजी आ सकती है।

राजस्थान में नई कलौंजी का भाव 17000 रूपए प्रति क्विंटल खुला था जिसमें अब कुछ और सुधार आने के संकेत मिल रहे हैं। दिल्ली में भाव पिछले महीने के आरंभ की तुलना में अब करीब 3000 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ चुके हैं।

समीक्षकों का मानना है कि आने वाले महीनों में यदि इसकी कीमतों में 20-25 रुपए प्रति किलो का और इजाफा हो जाए तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी। शीर्ष स्तर पर पहुंचने के बाद ही बाजार में कुछ नरमी आ सकती है।