Jeera Price: नई फसल आने एवं निर्यातकों की मांग नहीं होने से जीरे के भाव में गिरावट

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नई दिल्ली। Jeera Price: इस हफ़्ते जीरे की कीमतों में नरमी रही। गुजरात की मंडियों में जीरे की आवक ज़ोरों पर है, वहीं राजस्थान की मंडियों में भी नए जीरे की आवक बढ़ने लगी है। अभी एक्सपोर्ट ट्रेड एक्टिविटी भी कम बनी हुई है। FISSA के हाल ही में जारी डेटा के मुताबिक, इस सीज़न में देश में जीरे का प्रोडक्शन 9.329 मिलियन बैग होने का अनुमान है, जबकि साल 2025 के लिए प्रोडक्शन का अनुमान 9.793 मिलियन बैग था।

हालांकि इस सीज़न में प्रोडक्शन में कमी आई है, लेकिन पिछले साल के काफ़ी कैरीओवर स्टॉक की वजह से कुल उपलब्धता मज़बूत बनी हुई है। इसलिए, कीमतों में कोई तेज़ी नहीं दिख रही है। FISSA के जारी डेटा के मुताबिक, गुजरात में जीरे का प्रोडक्शन 3.342 मिलियन बैग होने का अनुमान है, जबकि ट्रेडर्स 2.6 से 2.8 मिलियन बैग के बीच प्रोडक्शन का अनुमान लगा रहे हैं। इसी तरह, राजस्थान में, FISSA ने 5.987 मिलियन बैग जीरा प्रोडक्शन का अनुमान जारी किया है, जबकि ट्रेडर्स 4.8 से 5.0 मिलियन बैग के बीच प्रोडक्शन का अनुमान लगा रहे हैं।

अभी गुजरात के बाज़ारों में जीरे की रोज़ाना आवक 60,000 से 65,000 बैग है। ऊंझा बाज़ार में आवक 34,000 से 35,000 बैग के आसपास है। इस कम आवक के मुख्य कारण प्रोडक्शन में कमी और किसानों को मिल रहे कम दाम हैं। राजस्थान के बाज़ारों में भी, नए जीरे की रोज़ाना आवक 11,000 से 12,000 बैग के लेवल तक पहुँचने लगी है। मेरटा बाज़ार में अभी आवक 3,500 से 4,000 बैग के बीच है।

मंडियों में बढ़ती आवक और स्पॉट मार्केट में कम उठाव के कारण, जीरे की कीमतों में अभी मंदी का दौर चल रहा है। अभी, गुजरात के बाजारों (मंडियों) में, क्वालिटी के आधार पर जीरे की कीमतें 180 से 210 प्रति किलोग्राम के बीच बताई जा रही हैं, जबकि एक्सपोर्ट कीमत 4,280 प्रति 20 किलोग्राम बताई जा रही है। राजस्थान के बाजारों में भी, नए सीजन के जीरे की कीमतें 180 से 215 प्रति किलोग्राम के बीच बताई जा रही हैं।

सूत्रों का कहना है कि जीरे की कीमतों में अभी कोई तेज़ी आने की संभावना नहीं है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण एक्सपोर्ट रुका हुआ है। हालांकि, सूत्रों का मानना ​​है कि आने वाले दिनों में एक्सपोर्ट डिमांड बढ़ने पर कीमतें ज़रूर बढ़ेंगी, खासकर इसलिए क्योंकि कीमतें पहले ही काफी गिर चुकी हैं। इसके अलावा, किसानों से इन कम कीमतों पर अपनी बिक्री कम करने की उम्मीद है।

निर्यात: स्पाइसेस बोर्ड के जारी डेटा के मुताबिक, मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (2025-26) के पहले नौ महीनों में जीरे के एक्सपोर्ट की मात्रा में 12 परसेंट की गिरावट आई; वहीं, कम रियलाइजेशन कीमतों की वजह से एक्सपोर्ट से होने वाला रेवेन्यू 26 परसेंट कम हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक, अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान कुल 156,671 टन जीरे का एक्सपोर्ट हुआ, जिससे ₹3,639.51 करोड़ का एक्सपोर्ट रेवेन्यू मिला।

वहीं, अप्रैल-दिसंबर 2024 के दौरान 178,847 टन जीरे का एक्सपोर्ट हुआ, जिससे ₹4,909.77 करोड़ का एक्सपोर्ट रेवेन्यू मिला। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए कुल 229,881.67 टन जीरे का एक्सपोर्ट हुआ, जिससे ₹6,178.86 करोड़ का एक्सपोर्ट रेवेन्यू मिला।