JEE Main Paper Analysis: सुबह का पेपर आसान, शाम को मोडरेट रहा

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कोटा। JEE Main Paper Analysis April Session 3th Day: बीई व बीटेक कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन अप्रैल 2026 सेशन के तीसरेे दिन की परीक्षा रविवार को हुई। सुबह की पारी का पेपर ओवरऑल आसान रहा, लेकिन फिजिक्स तथा कैमिस्ट्री का पेपर लेंदी होने के कारण स्टूडेंट्स को पेपर साॅल्व करने मे समय ज्यादा लगा।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के प्रेसीडेंट विनोद कुमावत ने विद्यार्थियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए बताया कि ऐसे स्टूडेंट्स जिन्होनें एनसीईआरटी की बुक्स से तैयारी की होगी, उन्हें पेपर को साॅल्व करने में समस्या नहीं आई। वहीं, शाम की पारी का पेपर मोडरेट लेवल का रहा। जिसमें दिए गए प्रश्नों में एनसीईआरटी बुक्स की थ्योरी को प्राथमिकता दी गई।

फिजिक्स: सुबह की पारी में फिजिक्स का पेपर मोडरेट था। जिसमें अधिकांश प्रश्न फाॅर्मूला आधारित थे। इसे साॅल्व करने में स्टूडेंट्स को अधिक परेशानी नहीं हुई लेकिन समय जरुर लगा। इसमें मैकेनिक्स से पांच प्रश्न, एलास्टिसिटी, केटीजी तथा थर्मोडाइनेमिक्स से पांच प्रश्न पूछे गए। इलेक्ट्रो डाइनेमिक्स, माॅडर्न फिजिक्स तथा ज्योमेट्रिकल ऑप्टिक्स से दो-दो प्रश्न पूछे गए। वहीं मैग्नेटिज्म एवं वेव ऑप्टिक्स से तीन प्रश्नों को कवर किया गया। सेमीकंडक्टर, एरर एवं ग्रेविटेशन से एक-एक प्रश्न पूछा गया। शाम की पारी का पेपर भी सुबह की तरह मोडरेट रहा। जिसमें जेईई मेन्स के सभी चैप्टर्स को ध्यान में रखते हुए प्रश्नों को विभाजित किया गया। इसमें 11वीं कक्षा के सिलेबस से 44 प्रतिशत एवं 12वीं कक्षा से 56 प्रतिशत प्रश्नों को कवर किया गया।

कैमेस्ट्री: सुबह की पारी में कैमेस्ट्री के पेपर का स्तर आसान रहा लेकिन इनऑर्गेनिक तथा ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री के प्रश्नों में स्टेटमेंट आधारित विकल्प होने के कारण स्टूडेंट्स को साॅल्व करने में परेशानी हुई होगी। जिन स्टूडेंट्स नें एनसीआईटी बुक्स से तैयारी की होगी, उनके लिए पेपर आसान रहा होगा। फिजीकल कैमिस्ट्री में पूछे गए प्रश्न आसान तथा फाॅर्मूला आधारित थे। क्वांटम नंबर एंड इलेक्ट्रोनिक कंफिग्रेशन, कैमिकल बाॅन्डिंग, डी-ब्लाॅक, एरोमैटिक कम्पाउंड, कैमिकल काइनेटिक्स तथा आयनिक इक्विलीब्रियम से दो-दो प्रश्न पेपर में आए। शाम की पारी में पेपर मोडरेट रहा। इसमें सुबह की तरह इनऑर्गेनिक तथा ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री के प्रश्नों के आंसर में दिए गए ऑप्शंस ने स्टूडेंट्स को उलझाए रखा। काॅर्डिनेशन कम्पाउंड्स तथा इलेक्ट्रो कैमिस्ट्री से तीन-तीन प्रश्न एवं एरोमेटिक कम्पांउण्ड से दो प्रश्न पूछे गए। फिजीकल कैमिस्ट्रो में पूछे गए प्रश्नों की कैलकुलेशन आसान रही।

मैथ्स: मैथ्स का पेपर आसान रहा और कैलकुलेशन भी आसान रही। प्रश्न ज्यादा ट्रिकी नहीं थे, इसलिए अधिकांश प्रश्नों को देखते ही स्टूडेंट्स ने उनको आसानी से साॅल्व कर लिया। एलजेब्रा तथा कैलकुलस से 36-36 प्रतिशत, काॅर्डिनेट ज्योमेट्री एवं वेक्टर थ्रीडी से 12-12 प्रतिशत एवं ट्रिग्नोमेट्री से चार प्रतिशत प्रश्न पूछे गए। पेपर में सिलेबस के सभी टाॅपिक्स को ध्यान में रखते हुए प्रश्नों को कवर किया गया था। शाम की पारी में पेपर मोडरेट तथा लेंदी था। जिसमें प्रश्नों का लेवल पिछले वर्ष के पेपर के समान था।