नई दिल्ली। देश के लोगों को खाद्यान्न की महंगाई नहीं सताएगी। बंपर पैदावार और मुद्रास्फीति का ऐतिहासिक रूप से 42 माह में सबसे निचले स्तर पर होना बताता है। देश खाद्यान्न के मामले में सक्षम है और भंडार भरे हैं। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि देश में खाद्यान्न उत्पादन इस बार भी बंपर है।
इसलिए निकट भविष्य में भी स्थितियां सामान्य रहने वाली है। देश में अप्रैल में कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स सबसे कम 1.78 फीसदी था। इससे पहले यह अक्तूबर 2021 में 0.85 फीसदी सबसे कम था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में खाद्यान्न की कीमतों में निकट भविष्य में कोई बड़ी बढ़ोत्तरी नहीं होगी।
इसके अलावा देश में चालू रबी मार्केटिंग सीजन में अभी तक गेहूं की सरकारी खरीद तय लक्ष्य से कम रहने वाली है। किंतु यह चिंता का विषय नहीं है, क्योंकि यह तय लक्ष्य से थोड़ी ही कम है। किसानों को उनकी फसल का भरपूर दाम मिला है। निजी कंपनियों ने किसानों से खूब खरीदी की है। देश के सरकारी गोदामों में 382.22 लाख मीट्रिक टन चावल का भंडार है। अक्टूबर नवंबर से नई फसल आ जाएगी, जिसके पूर्वानुमान भी काफी अच्छे होने की उम्मीद है।
गेहूं की अभी तक 296 लाख मीट्रिक टन खरीद
सरकारी खरीद में गेहूं की अभी तक 296 लाख मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। चोपड़ा ने कहा कि जबकि सरकारी खरीद का लक्ष्य 312 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का रखा गया था। इसमें पंजाब में निजी कंपनियों और उत्तर प्रदेश से कम सरकारी खरीद के कारण तय लक्ष्य से कुछ कम रह गया है। सरकार ने इसमें पंजाब से 124 लाख मीट्रिक टन, हरियाणा से 75 लाख मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश से 80 लाख मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश से 30 लाख मीट्रिक टन, राजस्थान से 20 लाख मीट्रिक टन और गुजरात से 0.01 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने था।
पंजाब-हरियाणा में 15 मई तक गेहूं की खरीद खत्म
इसमें पंजाब और हरियाणा में 15 मई तक गेहूं की खरीद खत्म हो गई है। जबकि उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अभी यह 30 मई जारी है। इसमें मध्य प्रदेश को भी जोड़ा गया है, इसके बाद भी बहुत कम उम्मीद बची है कि सरकारी खरीद इस बार भी अपना लक्ष्य पूरा कर पाएगी। क्योंकि पंजाब से अभी तक सबसे अधिक 119.32 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई है। मध्य प्रदेश से 77.75 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई है। हरियाणा से 70.81 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। उत्तर प्रदेश से यह खरीद 9.99 लाख मीट्रिक टन है। इसे ज्यादा से ज्यादा दस लाख मीट्रिक टन रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजस्थान में 16.46 लाख मीट्रिक टन खरीद
राजस्थान में 16.46 लाख मीट्रिक टन खरीद हुई है। जबकि गेहूं उत्पादन वाले अन्य राज्यों से कोई खरीद नहीं हो पा रही है। सरकार ने गेहूं के लिए 2425 रुपये प्रति क्विंटल सरकारी खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है, लेकिन बाजार में सभी राज्यों में यह काफी ऊपर चल रहा है। गन्ना की फसल भी अच्छी है इसलिए कह सकते हैं कि अभी खाद्यान्न के मामले में देश काफी सहज और अनुकूल हालातों में है। खाद्य सचिव ने कहा कि देश में इस बार भी बंपर फसल है, ऐसे में जनता पर खाद्यान्नों की महंगाई का बोझ नहीं पड़ेगा। जहां तक सवाल खाद्य तेलों की ऊंची कीमत का है तो यह दुनिया में हो रही महंगाई और भारत द्वारा लगाई गई आयात ड्यूटी का भी असर है।

