Indigo मामले में सरकार का बड़ा एक्शन; DGCA अधिकारी को हटाया, जानिए क्यों

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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की हालिया गड़बड़ी के मामले में सरकार ने कड़ा रुख दिखाया है। एविएशन रेगुलेटर DGCA के उन अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है जो यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार थे कि ऐसी शेड्यूल में भारी गड़बड़ी न हो।

टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक DGCA के फ्लाइट स्टैंडर्ड्स डायरेक्ट्रेट (FSD) के इंचार्ज को हटा दिया गया है। यह डायरेक्ट्रेट पायलटों की ड्यूटी टाइम लिमिट और एयरलाइंस के फ्लाइट ऑपरेशंस जैसी चीजों को देखता है। कुछ अन्य बड़े अधिकारियों की भूमिकाओं की भी जांच चल रही है और सूत्रों का कहना है कि अभी और कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों का कहना है कि FSD के डायरेक्टर का अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे एक एडिशनल डायरेक्टर को उस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। अब वह सिर्फ एयरस्पेस और एयर नेविगेशन सर्विस स्टैंडर्ड्स विंग को देखेंगे। इस अधिकारी पर फर्जी डिग्री होने के भी आरोप लग रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में इंडिगो की करीब 5,000 उड़ानें रद्द हो गई थीं। इसके बाद DGCA के चार फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टरों को भी उनकी मूल एयरलाइन में वापस भेज दिया गया था। हालांकि, कई लोगों का मानना था कि उन्हें बलि का बकरा बनाया गया था।

DGCA को बदलने की जरूरत
एविएशन इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों और सरकार के शीर्ष अधिकारियों दोनों का मानना है कि DGCA को पूरी तरह से बदलने की जरूरत है। कई रिपोर्टों में DGCA को एक ऐसी स्वतंत्र, स्वायत्त और खुद से फंड जुटाने वाली नागरिक उड्डयन अथॉरिटी बनाने की वकालत की गई है, जो अमेरिका और यूरोप की तर्ज पर काम करे। अभी यह एविएशन मिनिस्ट्री के अधीन एक कम स्टाफ वाला संगठन है।

एविएशन इंडस्ट्री के पुराने लोग कहते हैं, “पूरे 2025 में हमने देखा कि हमारी एविएशन एजेंसियां कितनी कमजोर हैं। चाहे वह अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान हादसे की जांच हो या दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल का क्रैश। हर एजेंसी को बहुत कुछ जवाब देना है।” DGCA का काम हवाई यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाना है। जब कोई बड़ी गड़बड़ी होती है, तो यह सवाल उठता है कि क्या DGCA अपनी जिम्मेदारियां ठीक से निभा रहा है। हालिया घटनाओं ने इस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।