नागपुर। India-US Trade Deal: अमरीका के साथ हुए व्यापारिक करार (ट्रेड डील) के बाद से घरेलू बाजार में रूई तथा सोयाबीन की कीमतों पर भारी दबाव देखा जा रहा है। महाराष्ट्र के विदर्भ संभाग में सोयाबीन एवं कपास का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है और किसानों को इन दोनों महत्वपूर्ण फसलों से अच्छी आमदनी की उम्मीद रहती है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि द्विपक्षीय व्यापार समझौता अभी ठीक से लागू नहीं हुआ है और न ही अमरीकी उत्पादों का आयात इसके अंतर्गत आरंभ हुआ है लेकिन फिर भी भारतीय बाजार पर इस व्यापारिक करार का गहरा मनोवैज्ञानिक असर पड़ने लगा है।
व्यापारिक करार के प्रारूप (ड्राफ्ट) में अमरीका से एक्स्ट्रा लांग रेशेवाली रूई के शुल्क मुक्त असीमित आयात तथा डीडीजीएस के सीमित आयात की अनुमति दी गई है। सोया तेल का आयात भी सस्ता किया गया है। इससे घरेलू बाजार में रूई, सोयामील, सोयाबीन, मक्का आदि के दाम पर नकारात्मक असर पड़ने की संभावना है।
खुले बाजार में लम्बे रेशेवाली कपास का भाव 7200 रुपए से घटकर 6700 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है जो सरकारी समर्थन मूल्य 8110 रुपए प्रति क्विंटल से काफी नीचे है।
इसी तरह सोयाबीन का दाम गिरकर 5000 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे आ गया है और कहीं-कहीं तो यह 4200-4500 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रह गया है जो 5328 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से बहुत कम है। प्लांट डिलीवरी भाव इससे कुछ ऊंचा है।
एक किसान संगठन का कहना है कि ट्रेड डील के असर से सोयाबीन एवं कपास का घरेलू बाजार भाव नीचे लुढ़कने लगा है। आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से कीमतों में पिछले कुछ दिनों से तेजी-मजबूती का जो माहौल बना था वह अब पुनः नरमी में बदल गया है।
संगठन की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मक्का से निर्मित डीडीजीएस का आयात खुलने से सोयाबीन एवं इसके उत्पादों का भाव नीचे आने लगा है। घरेलू प्रभाग में डीडीजीएस की आपूर्ति पहले से ही सुगम बनी हुई है और विदेशों से इसके आयात की कोई आवश्यकता नहीं है।
कपास उत्पादकों का विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय
केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री के इस तर्क से कपास उत्पादकों का संगठन संतुष्ट नहीं है और इसने इसका विरोध करने का निर्णय लिया है। पंजाब के फाजिल्का जिले में उच्च क्वालिटी की कपास का उत्पादन होता रहा है। पिछले एक दशक से वहां रूई का भाव और उत्पादन घट रहा है जबकि केन्द्र के नए निर्णय से उत्पादन पूरी तरह ठप्प पड़ जाने की आशंका है।

