नई दिल्ली। India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर लंबे समय से जारी अनिश्चितता के बीच सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल कहना है कि यह समझौता अंतिम दौर में है। दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया कभी थमी नहीं है। अमेरिका के साथ लगातार संवाद बना हुआ है।
लंबे समय से अटके कई मुद्दों पर तेजी से प्रगति हो रही है। गुरुवार को ताजा ट्रेड डेटा जारी करते हुए अग्रवाल ने यह भी बताया कि अमेरिका के अलावा चीन और यूएई के साथ भारत का व्यापार मजबूत गति से आगे बढ़ रहा है, जो वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती कारोबारी भूमिका को दर्शाता है।
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर बाजारों में उत्सुकता चरम पर है। इस बीच वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने साफ संकेत देते हुए कहा कि समझौता अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि, डील अब पहले से कहीं ज्यादा करीब है। जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। दोनों देशों के बीच बातचीत की कड़ी कभी टूटी नहीं है। दोनों देश लगातार संपर्क में बने हुए हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के बीच कई दौर की वर्चुअल बैठक भी हो चुकी है।
हालांकि अभी कुछ मुद्दे अभी लंबित हैं, जिन पर गहन चर्चा जारी है। अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और औपचारिक घोषणा उसी समय की जाएगी, जब दोनों देश पूरी तरह तैयार होंगे।
वाणिज्य सचिव ने यह भी कहा कि भारत का व्यापारिक प्रदर्शन सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है। अमेरिका के साथ-साथ चीन और यूएई के मोर्चे पर भी भारत का बिजनेस मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है, जो वैश्विक बाजार में देश की मजबूत स्थिति को दिखाता है।
अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ के बावजूद भारत का अमेरिका को निर्यात मजबूत बना हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत हर महीने करीब 7 अरब डॉलर का सामान अमेरिकी बाजार में भेज रहा है।
यह रुझान इस बात का संकेत है कि भारतीय निर्यात सेक्टर ने दबाव के हालात में भी अपनी पकड़ नहीं खोई है। भारतीय कंपनियों ने टैरिफ से होने वाले झटकों का मुकाबला स्मार्ट रणनीति के तहत किया है।
अलग-अलग सेक्टरों और बाजारों में निर्यात का दायरा बढ़ाकर भारत ने जोखिम को संतुलित किया, जिससे कुल निर्यात पर बड़ा असर नहीं पड़ा और अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत बने रहे।
अमेरिकी टैरिफ के दबाव के बावजूद भारत के कई अहम सेक्टर मजबूती के साथ टिके रहे हैं। टेक्सटाइल्स, मरीन प्रोडक्ट्स और जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों ने चुनौतीपूर्ण हालात में भी अच्छा प्रदर्शन किया है।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इन सेक्टर्स ने सिर्फ एक बाजार पर निर्भर रहने के बजाय नए बाजारों की ओर रुख किया, जिससे ग्रोथ की रफ्तार बनी रही।अमेरिकी टैरिफ लागू होने के बावजूद इन उद्योगों में ऑर्डर की संख्या में कोई बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई है, जो भारत की निर्यात रणनीति की मजबूती को दर्शाता है।

