कोटा। इनकम टैक्स विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए सभी इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं। 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि में हुई कमाई से जुड़ा रिटर्न इन फॉर्म्स के जरिए भरा जाएगा। इंडिविजुअल्स के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। यही डेडलाइन उनके लिए भी है, जिनके खातों के ऑडिट की जरूरत न हो।
इस बार ITR-1 फॉर्म यानी सहज में ही दो प्रॉपर्टी तक से इनकम की जानकारी दी जा सकती है। अभी तक इसके लिए ITR-2 या ITR-3 का उपयोग करना होता था। ITR-1 और ITR-4 को सोमवार को नोटिफाई किया गया था। ITR-2, 3, 5, 6, 7 और अपडेटेड रिटर्न के लिए ITR-U को मंगलवार को नोटिफाई किया गया।
कौन-सा फॉर्म किसके लिए
- ITR-1 फॉर्म
इसे सहज फॉर्म भी कहते हैं। यह उनके लिए है, जिनकी सालाना आमदनी 50 लाख रुपये तक हो।साथ इसे वे भी भर सकते हैं जिनकी आमदनी सैलरी, टू हाउस प्रॉपर्टी, अन्य स्रोतों (इंटरेस्ट) से हो और खेती-बाड़ी से साल में 5000 रुपये तक की कमाई रही हो। बिजनेस या प्रफेशन से कमाई पर यह फॉर्म नहीं भरा जा सकता है। - ITR-2 फॉर्म
ITR-2 का उपयोग ऐसे इंडिविजुअल या HUF कर सकते हैं, जो सहज फॉर्म भरने लायक न हो।
उनको बिजनेस या प्रफेशन के प्रॉफिट से इनकम न हो, लेकिन कैपिटल गैस से इनकम हो। - ITR-3 फॉर्म
यह ऐसे इंडिविजुअल्स और HUF के लिए है, जिन्हें प्रोपराइटरी बिजनेस या प्रफेशन से इनकम हो। - ITR-4 फॉर्म
ITR-4 यानी सुगम फॉर्म रेजिडेंट इंडिविजुअल्स, HUF और फर्म्स के लिए है, जिनकी कुल आमदनी 50 लाख रुपये तक हो और जो प्रीजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम चुनें।
ITR-5, ITR-6 और ITR-7 फॉर्म
- ITR-5 फॉर्म फर्मों और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप और कोऑपरेटिव सोसायटीज के लिए है।
- ITR-6 कंपनीज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड कंपनियों के लिए है।
- ITR-7 फॉर्म ट्रस्टों और चैरिटेबल इंस्टिट्यूशंस के लिए है।
31 मार्च 2025 को पूरे हुए वित्त वर्ष के लिए रिटर्न 31 दिसंबर 2025 तक रिवाइज हो सकता था। फाइनेंस बिल में कहा गया कि इसे 31 मार्च 2026 तक रिवाइज किया जा सकता है। लेकिन पोर्टल पर यूटिलिटी 31 मार्च तक नहीं आई। किसी को रिवाइज करना भी रहा हो, तो वह नहीं कर पाया होगा।
मिलिंद विजयवर्गीय, सीनियर चार्टर्ड अकाउंटेंट
ITR भरना किसके लिए जरूरी
- ओल्ड रिजीम में ढाई लाख और न्यू टैक्स रिजीम में 4 लाख रुपये तक टैक्स नहीं लगने की लिमिट से नीचे जिनकी कमाई हो, उन्हें भी कुछ मामलों में ITR भरना होता है।
- अगर ऐसे व्यक्ति के PAN पर साल में 25000 रुपये से ज्यादा का TDS कटा हो या उनके करंट अकाउंट में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हो, विदेश यात्रा में 2 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए हों, तो उन्हें ITR भरना होता है।

