नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद दरों में कटौती के लिए बुधवार से दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर जीएसटी में व्यापक सुधार लाने का ऐलान किया था।
उसी के मद्देनजर जीएसटी परिषद की बैठक हो रही है। बैठक में कैंसर-रोधी करीब 36 दवाओं के लिए जीएसटी छूट, सिगरेट पर नया मूल्य-आधारित कर और जूते तथा परिधान पर नई कर की दर पर भी विचार करने की संभावना है।
जीएसटी परिषद कर के विभिन्न स्लैब को खत्म कर केवल दो स्लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी को बनाए रखने और अहितकर तथा विलासिता के सामान के लिए 40 फीसदी की विशेष दर के प्रस्ताव पर चर्चा करेगी।
यदि राज्य सहमत होते हैं तो 250 से अधिक चीजों पर मौजूदा 12 फीसदी कर में बदलाव हो सकता है। इनमें से लगभग 223 को 5 फीसदी स्लैब में और बाकी को 18 फीसदी स्लैब में रखा जा सकता है। जिन वस्तुओं पर 12 फीसदी के बजाय 5 फीसदी जीएसटी लग सकता है उनमें संगमरमर और ग्रेनाइट ब्लॉक, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण आदि शामिल हैं।
इसी तरह 28 फीसदी के स्लैब से करीब 30 वस्तुओं को 18 फीसदी के दायरे में लाया जा सकता है। उच्च 40 फीसदी कर के दायरे में लगभग 10 वस्तुएं आ सकती हैं। जिन उत्पादों पर मौजूदा 28 फीसदी से कम कर लग सकता है उनमें वाहनों के कलपुर्जे, एयर कंडीशनर, टेलीविजन, मोटरसाइकिल, लेड-एसिड बैटरी आदि शामिल हैं।
सूत्रों ने कहा कि 2,500 रुपये से ऊपर की कीमत वाले परिधान के साथ-साथ जूते पर 18 फीसदी जीएसटी लगने की संभावना है जबकि इससे कम दाम वाले उत्पाद पर 5 फीसदी कर लगने की उम्मीद है। वर्तमान में 1,000 रुपये से ऊपर के सभी प्रकार के जूतों पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है।
इसके अलावा 7,500 रुपये से कम किराये वाले होटल के कमरों पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार परिषद सिगरेट कराधान पर भी फिर से विचार कर सकती है जिसमें एमआरपी-आधारित शुल्क लागू करने का प्रस्ताव है।
वर्तमान में सिगरेट पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है, साथ ही उत्पाद शुल्क भी लगता है जो छड़ी की लंबाई के आधार पर भिन्न होता है। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क और जीएसटी मुआवजा उपकर भी वसूला जाता है।
जीएसटी से 36 कैंसर रोधी दवाओं को पूरी तरह से छूट देने की योजना भी शामिल है। सितंबर 2024 में परिषद ने कुछ कैंसर दवाओं पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया था। परिषद द्वारा वस्तु परिवहन एजेंटों के लिए भी कर की दर को संशोधित किया जा सकता है।
इन पर लगेगा 18 पर्सेंट टैक्स
मामले से अवगत सूत्रों ने बताया कि स्लैब में बदलावों से मोटे तौर पर सहमत होते हुए मंत्री समूह ने 40 लाख रुपये तक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहन पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने का समर्थन किया है। हालांकि, केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहन को प्रोत्साहन देना चाहती है और उनसे पांच प्रतिशत की दर का समर्थन किया है।
ये चीजें होंगी सस्ती
इसके अलावा घी, मेवे, पीने के पानी (20 लीटर), नमकीन, कुछ जूते और परिधान, दवाइयां और चिकित्सा उपकरण जैसी ज्यादातर आम इस्तेमाल की वस्तुओं को 12 प्रतिशत से पांच प्रतिशत कर स्लैब में लाने की संभावना है। पेंसिल, साइकिल, छाते से लेकर हेयर पिन जैसी आम उपयोग की वस्तुओं को भी पांच प्रतिशत के स्लैब में लाया जा सकता है। कुछ श्रेणी के टीवी, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की कीमतों में कमी होने की भी संभावना है, क्योंकि इन पर मौजूदा 28 प्रतिशत की तुलना में 18 प्रतिशत की दर से कर लगाया जा सकता है।
इन पर लगेगा ज्यादा टैक्स
वाहनों पर इस समय 28 प्रतिशत की उच्चतम दर और क्षतिपूर्ति उपकर लागू है, लेकिन अब उन पर अलग-अलग दरें लागू हो सकती हैं। शुरुआती स्तर की कारों पर 18 प्रतिशत की दर लागू होगी, जबकि एसयूवी और लक्जरी कारों पर 40 प्रतिशत की विशेष दर लागू होगी। इसके अलावा 40 प्रतिशत की विशेष दर अवगुणों से संबंधित वस्तुओं, जैसे तंबाकू, पान मसाला और सिगरेट पर भी लागू होगी। इस श्रेणी के लिए इस दर के ऊपर एक अतिरिक्त कर भी लगाया जा सकता है।

