Finance Bill: लोकसभा में 32 संशोधनों के साथ वित्त विधेयक 2026 पारित

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नई दिल्ली। लोकसभा ने लंबी चर्चा के बाद बुधवार को वित्त विधेयक 2026 को 32 सरकारी संशोधनों के साथ पारित कर दिया। इससे केंद्र सरकार की बजटीय प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।

अब यह विधेयक राज्यसभा में जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पूरी तरह लागू हो जाएगा। केंद्रीय बजट 2026-27 में कुल 53.47 लाख करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है, जो 31 मार्च को समाप्त हो रहे मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में 7.7 प्रतिशत अधिक है।

अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित कुल पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये है। इसमें 44.04 लाख करोड़ रुपये के सकल कर राजस्व संग्रह और 17.2 लाख करोड़ रुपये की सकल उधारी का प्रस्ताव है। वित्त वर्ष 27 के लिए राजकोषीय घाटा GDP के 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो मौजूदा वित्त वर्ष के 4.4 प्रतिशत से कम है।

इस बजट से संकेत मिलते हैं कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर खर्च बढ़ा रही है और राजकोषीय घाटा नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही है। हालांकि, उधारी का स्तर अभी भी ऊंचा है, लेकिन यह प्रबंधन के दायरे में है।

बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया था। यह उनका लगातार नौवां बजट भाषण था। बजट का मुख्य केंद्र ‘विकसित भारत’ और दीर्घकालिक आर्थिक विकास था।

प्रमुख घोषणाएं और प्राथमिकताएं
इस बजट में रक्षा मंत्रालय को सबसे अधिक ₹7.85 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही आयकर सुधार की दिशा में एक नए आयकर विधेयक की पुष्टि की गई है जिसका लक्ष्य टैक्स नियमों को सरल बनाना है।

बजट में लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत टीसीएस (TCS) दर को घटाकर 2% करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा बुनियादी ढांचों के विकास पर जोर दिया गया है। इसके तहत छोटे शहरों को ‘उभरते हुए विकास-केंद्र’ के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया है। बजट में कृषि, एमएसएमई (MSME), शिक्षा, खेल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है।