Edible oil Price: विदेशों से आयात सस्ता होने से घरेलू खाद्य तेल सस्ता होने की उम्मीद

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मुम्बई। केन्द्र सरकार द्वारा क्रूड श्रेणी के पाम तेल, सोयाबीन तेल तथा सूरजमुखी तेल पर आधारभूत (बेसिक) आयात शुल्क को 20 प्रतिशत से आधा घटाकर 10 प्रतिशत नियत लिए जाने से इसका आयात सस्ता हो जाएगा जिससे घरेलू प्रभाग में खाद्य तेलों की कीमतों में नरमी आने की संभावना है। शुल्क कटौती का निर्णय प्रभावी हो चुका है।

केन्द्र सरकार ने घरेलू बाजार में बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने तथा स्वदेशी रिफाइनिंग उद्योग के हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से क्रूड खाद्य तेलों के आयात पर सीमा शुल्क में कटौती कर दी है।

स्वदेशी खाद्य तेल उद्योग लम्बे समय से क्रूड एवं रिफाइंड श्रेणी के खाद्य तेलों पर आयात शुल्क के बीच कम से कम 20 प्रतिशत का अंतर रखने की मांग सरकार से कर रहा था। सरकार के नवीनतम निर्णय से देश में रिफाइंड खाद्य तेलों के आयात में कमी आ सकती है क्योंकि यह अपेक्षाकृत महंगा बैठेगा।

30 मई को सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के बाद क्रूड खाद्य तेलों पर कुल प्रभावी आयात शुल्क 27.5 प्रतिशत से घटकर 16.5 प्रतिशत रह गया है जबकि रिफाइंड खाद्य तेलों के लिए यह शुल्क 35.75 प्रतिशत के पिछले स्तर पर बरकरार रहेगा।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) तथा इंडियन वैजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईबीपीए) जैसे अग्रणी संगठनों ने सीमा शुल्क घटाने के सरकारी निर्णय का स्वागत किया है।

एसोसिएशन के अनुसार इससे स्वदेशी प्रोसेसिंग उद्योग को अपनी कुल संचित रिफाइनिंग क्षमता का अधिक से अधिक उपयोग करने तथा खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में कटौती करने में सहायता मिलेगी।

देश में रिफाइंड खाद्य तेल के संवर्ग में मुख्यतः आरबीडी पामोलीन का आयात होता है जिसे इंडोनेशिया एवं मलेशिया से मंगाया जाता है। हाल के वर्षों पामोलीन के आयात में भारी बढ़ोत्तरी हुई है जिससे रिफाइनिंग उद्योग की कठिनाई बढ़ गई है। अब इस पर लगाम लगाने की संभावना है जबकि क्रूड खाद्य तेलों का आयात बढ़ सकता है।